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तीन करोड़ की चरस के साथ अंतर्राष्ट्रीय तस्कर गिरफ्तार.
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तीन करोड़ की चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार
बलरामपुर। नेपाल से 9.45 किलोग्राम चरस लेकर भारत आ रहे एक तस्कर को एसएसबी तथा पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। तस्कर का दूसरा साथी मौके से भागने में सफल रहा। बरामद चरस की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करबी तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एसएसबी 9वीं वाहिनी के उपनिरीक्षक निर्भय कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति बाइक से नशीला पदार्थ लेकर नेपाल से भारत आने वाले हैं।
एसएसबी ने हरैया थानाध्यक्ष संजय नाथ तिवारी के साथ ग्राम झौहना के निकट जांच पड़ताल शुरू कर दी। कुछ ही देर में दो व्यक्ति एक बाइक पर आते दिखे। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो बाइक पर पीछे बैठा एक व्यक्ति झोला फेंक कर फरार हो गया।
बाइक चालक को मय झोले समेत पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान झोले में 9.45 किलोग्राम नेपाली चरस बरामद हुई। चरस की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है।
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पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अरुण कुमार निवासी लंगड़ीजोत लालपुर विशुनपुर थाना ललिया बलरामपुर के रूप में हुई है। इसके साथी की पहचान गांव के ही जितेंद्र कुमार वर्मा के रूप में हुई है।
पुलिस ने अरुण के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बाइक तथा अरुण तथा जितेंद्र वर्मा की मोबाइल भी जब्त कर लिया है। एसपी अमित कुमार ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
जिले से सटी नेपाल की करीब 82 किलोमीटर खुली सीमा चरस तस्करों के साथ-साथ अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।
तस्कर खुली सीमा पर दोनों देशों को जोड़ने वाले पगडंडियों का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। अभी पिछले माह ही उतरौला पुलिस ने एक करोड़ 80 लाख की चरस के साथ दो नेपाली तस्करों को पकड़ा था।
चरस लेकर तस्कर बलरामपुर होते हुए कानपुर, हिमांचल प्रदेश तथा पंजाब तक जाते हैं। पकड़े गए अधिकांश तस्कर कैरियर साबित हुए हैं। यह लोग बड़े तस्करों के कहने पर चरस को नेपाल से नियत स्थान तक पहुंचाने का काम करते हैं।
इनके एवज में इन्हें चंद हजार रुपये ही मिलते हैं। इन्हीं रुपयों की लालच में यह लोग एसएसबी तथा पुलिस के हत्थे चढ़कर पहले जेल जाते हैं और बाद में अदालतों के चक्कर काटकर सजा भी भुगतते हैं।
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बलरामपुर। नेपाल से 9.45 किलोग्राम चरस लेकर भारत आ रहे एक तस्कर को एसएसबी तथा पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। तस्कर का दूसरा साथी मौके से भागने में सफल रहा। बरामद चरस की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करबी तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है।
एसएसबी 9वीं वाहिनी के उपनिरीक्षक निर्भय कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि दो व्यक्ति बाइक से नशीला पदार्थ लेकर नेपाल से भारत आने वाले हैं।
एसएसबी ने हरैया थानाध्यक्ष संजय नाथ तिवारी के साथ ग्राम झौहना के निकट जांच पड़ताल शुरू कर दी। कुछ ही देर में दो व्यक्ति एक बाइक पर आते दिखे। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो बाइक पर पीछे बैठा एक व्यक्ति झोला फेंक कर फरार हो गया।
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बाइक चालक को मय झोले समेत पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान झोले में 9.45 किलोग्राम नेपाली चरस बरामद हुई। चरस की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3 करोड़ रुपये है।
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पकड़े गए व्यक्ति की पहचान अरुण कुमार निवासी लंगड़ीजोत लालपुर विशुनपुर थाना ललिया बलरामपुर के रूप में हुई है। इसके साथी की पहचान गांव के ही जितेंद्र कुमार वर्मा के रूप में हुई है।
पुलिस ने अरुण के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने बाइक तथा अरुण तथा जितेंद्र वर्मा की मोबाइल भी जब्त कर लिया है। एसपी अमित कुमार ने पुलिस टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
जिले से सटी नेपाल की करीब 82 किलोमीटर खुली सीमा चरस तस्करों के साथ-साथ अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है।
तस्कर खुली सीमा पर दोनों देशों को जोड़ने वाले पगडंडियों का भरपूर इस्तेमाल करते हैं। अभी पिछले माह ही उतरौला पुलिस ने एक करोड़ 80 लाख की चरस के साथ दो नेपाली तस्करों को पकड़ा था।
चरस लेकर तस्कर बलरामपुर होते हुए कानपुर, हिमांचल प्रदेश तथा पंजाब तक जाते हैं। पकड़े गए अधिकांश तस्कर कैरियर साबित हुए हैं। यह लोग बड़े तस्करों के कहने पर चरस को नेपाल से नियत स्थान तक पहुंचाने का काम करते हैं।
इनके एवज में इन्हें चंद हजार रुपये ही मिलते हैं। इन्हीं रुपयों की लालच में यह लोग एसएसबी तथा पुलिस के हत्थे चढ़कर पहले जेल जाते हैं और बाद में अदालतों के चक्कर काटकर सजा भी भुगतते हैं।