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Balrampur News: 1724 बीएलओ करें मतदाता सूची की पड़ताल
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उतरौला/बलरामपुर। आगामी चुनावों को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चार नवंबर से शुरू हो रहा है। इस कार्य में जिलेभर में 1724 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की तैनाती की गई है, जो डोर-टू-डोर सर्वे कर मतदाताओं के नाम और विवरण का मिलान करेंगे। सभी बीएलओ को तीन नवंबर तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में मतदाता सूची को तैयार करने में सतर्कता बरतने पर जोर रहेगा।
इस बार पुनरीक्षण का फोकस ऐसे मतदाताओं पर रहेगा, जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं या जो दूसरे राज्य अथवा विदेश में निवास कर रहे हैं। ऐसे सभी मामलों में बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रोफार्मा में अपडेट करेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योति राय ने सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। विधानसभा क्षेत्र सदर में 434, उतरौला में 463, तुलसीपुर में 414 और गैसड़ी में 413 बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
चार नवंबर से चार दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने व हटाने का अभियान चलेगा। इस दौरान सभी बीएलओ डोर टू डोर सर्वे कर 2003 की मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम का मिलान करेंगे। यदि मतदाता सूची में नाम दर्ज है तो बीएलओ चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रोफॉर्मा में इसकी जानकारी अपडेट कर देंगे। प्रत्येक बीएलओ मात्र 1000 से 1200 वोटों का पुनरीक्षण करेंगे।
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उपजिलाधिकारी अभय सिंह ने बताया कि बीएलओ यह भी सुनिश्चित करेंगे कि 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज मतदाता अभी जीवित हैं या नहीं। यदि कोई मतदाता अब इस क्षेत्र में नहीं रहता या निधन हो चुका है, तो उसकी जानकारी रिपोर्ट में अंकित की जाएगी।
मतदाताओं को देना होगा जन्म व निवास प्रमाण पत्र
नई मतदाता पंजीकरण के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिनका जन्म 1 जुलाई 2004 के बाद हुआ है, उन्हें अपना जन्म प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र (जो 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज परिवारजन के नाम से संबद्ध हो) प्रस्तुत करना होगा। वहीं जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद हुआ है लेकिन 2003 की सूची में नाम दर्ज नहीं है, उन्हें आयोग द्वारा मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक प्रमाणपत्र को साक्ष्य के रूप में देना होगा।
पुनरीक्षण के पहले चरण के बाद 9 दिसंबर को प्रारंभिक निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद एक माह तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इनका निस्तारण 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा, जबकि 7 फरवरी को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन होगा।
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रिपोर्ट :: मंगल देव गिरि
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इस बार पुनरीक्षण का फोकस ऐसे मतदाताओं पर रहेगा, जिनके नाम दो स्थानों पर दर्ज हैं या जो दूसरे राज्य अथवा विदेश में निवास कर रहे हैं। ऐसे सभी मामलों में बीएलओ घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे और चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रोफार्मा में अपडेट करेंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम वित्त एवं राजस्व ज्योति राय ने सभी बीएलओ को प्रशिक्षण में मौजूद रहने का निर्देश दिया है। विधानसभा क्षेत्र सदर में 434, उतरौला में 463, तुलसीपुर में 414 और गैसड़ी में 413 बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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चार नवंबर से चार दिसंबर तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने व हटाने का अभियान चलेगा। इस दौरान सभी बीएलओ डोर टू डोर सर्वे कर 2003 की मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम का मिलान करेंगे। यदि मतदाता सूची में नाम दर्ज है तो बीएलओ चुनाव आयोग की ओर से जारी प्रोफॉर्मा में इसकी जानकारी अपडेट कर देंगे। प्रत्येक बीएलओ मात्र 1000 से 1200 वोटों का पुनरीक्षण करेंगे।
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उपजिलाधिकारी अभय सिंह ने बताया कि बीएलओ यह भी सुनिश्चित करेंगे कि 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज मतदाता अभी जीवित हैं या नहीं। यदि कोई मतदाता अब इस क्षेत्र में नहीं रहता या निधन हो चुका है, तो उसकी जानकारी रिपोर्ट में अंकित की जाएगी।
मतदाताओं को देना होगा जन्म व निवास प्रमाण पत्र
नई मतदाता पंजीकरण के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिनका जन्म 1 जुलाई 2004 के बाद हुआ है, उन्हें अपना जन्म प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र (जो 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज परिवारजन के नाम से संबद्ध हो) प्रस्तुत करना होगा। वहीं जिनका जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद हुआ है लेकिन 2003 की सूची में नाम दर्ज नहीं है, उन्हें आयोग द्वारा मान्य 12 दस्तावेजों में से किसी एक प्रमाणपत्र को साक्ष्य के रूप में देना होगा।
पुनरीक्षण के पहले चरण के बाद 9 दिसंबर को प्रारंभिक निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद एक माह तक दावे और आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। इनका निस्तारण 31 जनवरी 2026 तक किया जाएगा, जबकि 7 फरवरी को निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन होगा।
रिपोर्ट :: मंगल देव गिरि