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15.02 करोड़ से भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में होगा विकास
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बलरामपुर। चालू वित्तीय वर्ष में भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों में 15.02 करोड़ रुपये से विकास कार्य कराए जाएंगे। बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के तहत विकास योजनाओं को परवान चढ़ाया जाएगा। अंतराष्ट्रीय सीमा से देश के अंदर 10 किलोमीटर तक 68 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों के 10 लाख लोगों को बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा।
डीएसटीओ संजीव कुमार ने शुक्रवार को बताया कि बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के तहत फरवरी 2020 में डीएम की अध्यक्षता में बैठक कराकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। कोविड-19 के चलते शासन ने पुराने प्रस्ताव को रद्द करते हुए आठ मई को फिर से बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। शासन के निर्देश पर 11 मई को सीडीओ अमनदीप डुली की अध्यक्षता में बैठक कराकर बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बैठक में एसएसबी 9वीं व 50वीं वाहिनी के प्रतिनिधियों के साथ प्रभागीय वनाधिकारी सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग रजनीकांत मित्तल, सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड मेघ प्रकाश, ग्रामीण अभियंत्रण, जलनिगम मनोज कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह, डीआईओएस महेंद्र कुमार कनोजिया, बीएसए डॉ. रामचंद्र, डीपीआरओ अशोक कुमार दूबे, डीपीओ सत्येन्द्र सिंह व सहायक संख्या अधिकारी पीआर सिंह सहित 16 विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 में बॉर्डर एरिया डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत 15 करोड़ एक लाख 85 हजार रुपये की लागत से भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा में जीरो से 10 किलोमीटर तक 68 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने का खाका तैयार किया गया है।
शीघ्र ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक कराकर शासन को विकास कार्यों के ब्योरा का प्रस्ताव भेजा जाएगा। भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में सरकारी इंटर कालेज की तलाश है जहां पर मिनी स्टेडियम के रूप में इंडोर गेम के लिए डेवलपमेंट किया जा सकता हो। स्कूल के चारों तरफ बाउंड्रीवॉल, खेल मैदान, लोगों को टहलने के लिए इंटरलॉकिंग, बैठने के लिए बेंच आदि का निर्माण कार्य कराया जा सके।
भारत-नेपाल सीमा से सटे चारों ब्लॉकों में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर धनराशि का आवंटन किया गया है। हरैया सतघरवा में 2,68,465 जनसंख्या होने पर चार करोड़ दो लाख, तुलसीपुर में 2,65,435 जनसंख्या होने पर दो करोड़ 95 लाख, गैसड़ी में 2,47,865 जनसंख्या होने पर तीन करोड़ 71 लाख और पचपेड़वा में 2,18,553 जनसंख्या होने पर चार करोड़ 32 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए आवंटित किए जाएंगे।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में बॉर्डर एरिया डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत 15 करोड़ एक लाख 85 हजार रुपये की लागत से भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों विकास कार्य कराने के लिए शासन से प्रस्ताव मांगा गया है। इस संबंध में शीघ्र ही बैठक कराकर सभी प्रस्तावों का अंतिम रूप देते हुए शासन को भेजा जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने के बाद डीएसटीओ की निगरानी में सभी विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे।
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डीएसटीओ संजीव कुमार ने शुक्रवार को बताया कि बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट के तहत फरवरी 2020 में डीएम की अध्यक्षता में बैठक कराकर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। कोविड-19 के चलते शासन ने पुराने प्रस्ताव को रद्द करते हुए आठ मई को फिर से बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया। शासन के निर्देश पर 11 मई को सीडीओ अमनदीप डुली की अध्यक्षता में बैठक कराकर बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
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बैठक में एसएसबी 9वीं व 50वीं वाहिनी के प्रतिनिधियों के साथ प्रभागीय वनाधिकारी सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग रजनीकांत मित्तल, सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड मेघ प्रकाश, ग्रामीण अभियंत्रण, जलनिगम मनोज कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक डॉ. प्रभाकर सिंह, डीआईओएस महेंद्र कुमार कनोजिया, बीएसए डॉ. रामचंद्र, डीपीआरओ अशोक कुमार दूबे, डीपीओ सत्येन्द्र सिंह व सहायक संख्या अधिकारी पीआर सिंह सहित 16 विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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बैठक में वित्तीय वर्ष 2020-21 में बॉर्डर एरिया डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत 15 करोड़ एक लाख 85 हजार रुपये की लागत से भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों हरैया सतघरवा, तुलसीपुर, गैसड़ी व पचपेड़वा में जीरो से 10 किलोमीटर तक 68 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य कराने का खाका तैयार किया गया है।
शीघ्र ही डीएम की अध्यक्षता में बैठक कराकर शासन को विकास कार्यों के ब्योरा का प्रस्ताव भेजा जाएगा। भारत-नेपाल सीमा से सटे क्षेत्र में सरकारी इंटर कालेज की तलाश है जहां पर मिनी स्टेडियम के रूप में इंडोर गेम के लिए डेवलपमेंट किया जा सकता हो। स्कूल के चारों तरफ बाउंड्रीवॉल, खेल मैदान, लोगों को टहलने के लिए इंटरलॉकिंग, बैठने के लिए बेंच आदि का निर्माण कार्य कराया जा सके।
भारत-नेपाल सीमा से सटे चारों ब्लॉकों में वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर धनराशि का आवंटन किया गया है। हरैया सतघरवा में 2,68,465 जनसंख्या होने पर चार करोड़ दो लाख, तुलसीपुर में 2,65,435 जनसंख्या होने पर दो करोड़ 95 लाख, गैसड़ी में 2,47,865 जनसंख्या होने पर तीन करोड़ 71 लाख और पचपेड़वा में 2,18,553 जनसंख्या होने पर चार करोड़ 32 लाख रुपये विकास कार्यों के लिए आवंटित किए जाएंगे।
डीएम कृष्णा करुणेश ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में बॉर्डर एरिया डेवपलमेंट कार्यक्रम के तहत 15 करोड़ एक लाख 85 हजार रुपये की लागत से भारत-नेपाल सीमा से सटे चार ब्लॉकों विकास कार्य कराने के लिए शासन से प्रस्ताव मांगा गया है। इस संबंध में शीघ्र ही बैठक कराकर सभी प्रस्तावों का अंतिम रूप देते हुए शासन को भेजा जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में धनराशि मिलने के बाद डीएसटीओ की निगरानी में सभी विकास कार्य पूरे कराए जाएंगे।