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Balrampur News: हलौरा में बाघ की तलाश तेज, पिंजरा लगाकर कैमरे से निगरानी
Tue, 15 Sep 2026 11:23 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Tue, 15 Sep 2026 11:23 PM IST
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फोटो-27-बलरामपुर के बनकटवा रेंज में पिंजड़ा लगाते कर्मी व दुधवा नेशनल पार्क में बाघ पकड़ने के आ
जरवा। सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के तुलसीपुर रेंज के हलौरा संग्रामपुर गांव में बाघ की मौजूदगी की आशंका को लेकर वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग पर सोमवार रात खेतों के बीच पिंजरा लगाया गया। मंगलवार को वन विभाग की टीम ने मौके का निरीक्षण कर आसपास बाघ के होने के प्रमाण तलाशे। साथ ही ट्रैपिंग कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
ग्रामीण अल्ताफ, आदिल व सैय्यद ने बताया कि करीब एक माह से क्षेत्र में तेंदुए और बाघ दिखाई दे रहे हैं। पालतू मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर बना हुआ है। सोमवार सुबह खेत की जोताई के दौरान ट्रैक्टर के सामने तेंदुए जैसा जानवर दिखाई पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जानवर की गर्दन लाल रंग की थी और शरीर पर काली धारियां दिखाई दे रही थीं। ग्रामीणों ने उसका वीडियो भी बनाया, हालांकि दूरी अधिक होने के कारण तस्वीर साफ नहीं है।
सोमवार रात करीब 10 बजे उप प्रभागीय वनाधिकारी संतोष कुमार, रेंजर अमरजीत प्रसाद और वनकर्मियों की टीम पिंजरा लेकर गांव पहुंची। ग्रामीणों की मदद से इसे खेतों के बीच लगाया गया। बकरी उपलब्ध न होने के कारण बकरी पिंजरे में नहीं लगाई जा सकी है। मंगलवार दोपहर बाघ पकड़ने के विशेषज्ञ बनकटवा रेंजर समेत वन विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। टीम ने बाघ के आने-जाने का रास्ता पता करने के लिए पगचिह्न की जांच कर रहे हैं। आसपास की झाड़ियों में बाल और मल आदि के निशान भी तलाशे गए।
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रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी और वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया जानवर बाघ प्रतीत हो रहा है लेकिन प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। पिंजरा लगा दिया गया है और ट्रैपिंग कैमरे से निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। क्षेत्र में गश्त और कांबिंग भी की जा रही है।
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ग्रामीण अल्ताफ, आदिल व सैय्यद ने बताया कि करीब एक माह से क्षेत्र में तेंदुए और बाघ दिखाई दे रहे हैं। पालतू मवेशियों पर हमले की घटनाओं के बाद ग्रामीणों में डर बना हुआ है। सोमवार सुबह खेत की जोताई के दौरान ट्रैक्टर के सामने तेंदुए जैसा जानवर दिखाई पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि जानवर की गर्दन लाल रंग की थी और शरीर पर काली धारियां दिखाई दे रही थीं। ग्रामीणों ने उसका वीडियो भी बनाया, हालांकि दूरी अधिक होने के कारण तस्वीर साफ नहीं है।
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सोमवार रात करीब 10 बजे उप प्रभागीय वनाधिकारी संतोष कुमार, रेंजर अमरजीत प्रसाद और वनकर्मियों की टीम पिंजरा लेकर गांव पहुंची। ग्रामीणों की मदद से इसे खेतों के बीच लगाया गया। बकरी उपलब्ध न होने के कारण बकरी पिंजरे में नहीं लगाई जा सकी है। मंगलवार दोपहर बाघ पकड़ने के विशेषज्ञ बनकटवा रेंजर समेत वन विभाग की टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। टीम ने बाघ के आने-जाने का रास्ता पता करने के लिए पगचिह्न की जांच कर रहे हैं। आसपास की झाड़ियों में बाल और मल आदि के निशान भी तलाशे गए।
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रेंजर अमरजीत प्रसाद ने बताया कि ग्रामीणों से मिली जानकारी और वीडियो के आधार पर प्रथम दृष्टया जानवर बाघ प्रतीत हो रहा है लेकिन प्रत्यक्ष रूप से दिखाई देने तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती। पिंजरा लगा दिया गया है और ट्रैपिंग कैमरे से निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। क्षेत्र में गश्त और कांबिंग भी की जा रही है।