{"_id":"61a713a87c5a3203e9688099","slug":"10-years-imprisonment-for-possessing-charas-balrampur-news-lko606808795","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध चरस रखने वाले को 10 वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध चरस रखने वाले को 10 वर्ष की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस ने अवैध चरस रखने वाले एक व्यक्ति को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने आरोपी को एक लाख रुपये अर्थदंड भी दा करने का आदेश दिया है।
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हेमंत कुमार शुक्ल व रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 30 अप्रैल 2021 को महराजगंज तराई की पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में ग्राम नेवाजपुर निवासी इरशाद को रोका।
उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक किलो चरस बरामद हुआ। दरोगा केपी गौड़ के प्रार्थना पत्र पर महराजगंज तराई थाने पर इरशाद के विरुद्घ अवैध चरस रखने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
विज्ञापन
पुलिस ने इरशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक ने जांच के बाद इरशाद को अवैध चरस रखने का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में सरकारी गवाह के रूप में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस जहेंद्र पाल सिंह ने इरशाद को अवैध चरस रखने का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता फौजदारी हेमंत कुमार शुक्ल व रवींद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 30 अप्रैल 2021 को महराजगंज तराई की पुलिस ने संदिग्ध अवस्था में ग्राम नेवाजपुर निवासी इरशाद को रोका।
विज्ञापन
उसकी तलाशी लेने पर उसके पास से एक किलो चरस बरामद हुआ। दरोगा केपी गौड़ के प्रार्थना पत्र पर महराजगंज तराई थाने पर इरशाद के विरुद्घ अवैध चरस रखने के आरोप में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
विज्ञापन
पुलिस ने इरशाद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचक ने जांच के बाद इरशाद को अवैध चरस रखने का दोषी मानते हुए आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परीक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने सात गवाहों को न्यायालय में सरकारी गवाह के रूप में प्रस्तुत किया।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस जहेंद्र पाल सिंह ने इरशाद को अवैध चरस रखने का दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।