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10.88 लाख बच्चे खाएंगे एल्बेंडाजॉल
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बलरामपुर। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम की सफलता के लिए संबंधित विभाग समन्वय बनाकर पूरी ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। एक से 19 वर्ष तक के लोगों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए एल्बेंडाजॉल की दवा हर हाल में खिलाई जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही कदापि न बरतें। ये बातें बीते दिन सीएमओ कार्यालय में आयोजित जिला स्तरीय अभिमुखीकरण कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने कहीं।
सीएमओ ने कहा कि 20 जुलाई को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें एक से 19 वर्ष तक के 10 लाख 88 हजार 892 लोगों को एल्बेंडाजॉल की खुराक दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से पांच वर्ष तक के सभी पंजीकृत बच्चों के साथ ही छह से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले सभी बालक व बालिकाओं को एल्बेंडाजॉल खिलाई जाएगी।
इसके अतिरिक्त ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक तथा घुमंतू परिवारों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्र पर ही दवा खिलाई जाएगी। छह से 19 वर्ष तक के स्कूल जाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सरकारी, सहायता प्राप्त स्कूल व मदरसों में शिक्षकों द्वारा दवा खिलाई जानी है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जो बच्चे दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें दवा खिलाने के लिए 25 से 27 जुलाई के बीच एल्बेंडाजॉल की खुराक दी जाएगी।
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एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार शाक्य ने बताया कि कृमि संक्रमण से बच्चों तथा किशोर-किशोरियों में कुपोषण व खून की कमी होती है। इससे इनका शारीरिक व मानसिक विकास सही ढंग से नहीं हो पाता। पीड़ित हमेशा थकावट महसूस करता है। कृमि संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों को एल्बेंडाजॉल की खुराक हर हाल में दी जाए। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शिक्षा व बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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सीएमओ ने कहा कि 20 जुलाई को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें एक से 19 वर्ष तक के 10 लाख 88 हजार 892 लोगों को एल्बेंडाजॉल की खुराक दी जाएगी। आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक से पांच वर्ष तक के सभी पंजीकृत बच्चों के साथ ही छह से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले सभी बालक व बालिकाओं को एल्बेंडाजॉल खिलाई जाएगी।
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इसके अतिरिक्त ईंट भट्ठों पर काम करने वाले श्रमिक तथा घुमंतू परिवारों के बच्चों को भी आंगनबाड़ी केंद्र पर ही दवा खिलाई जाएगी। छह से 19 वर्ष तक के स्कूल जाने वाले सभी छात्र-छात्राओं को सरकारी, सहायता प्राप्त स्कूल व मदरसों में शिक्षकों द्वारा दवा खिलाई जानी है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस पर जो बच्चे दवा नहीं खा पाएंगे, उन्हें दवा खिलाने के लिए 25 से 27 जुलाई के बीच एल्बेंडाजॉल की खुराक दी जाएगी।
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एसीएमओ डॉ. राजीव कुमार शाक्य ने बताया कि कृमि संक्रमण से बच्चों तथा किशोर-किशोरियों में कुपोषण व खून की कमी होती है। इससे इनका शारीरिक व मानसिक विकास सही ढंग से नहीं हो पाता। पीड़ित हमेशा थकावट महसूस करता है। कृमि संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों को एल्बेंडाजॉल की खुराक हर हाल में दी जाए। कार्यशाला में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही शिक्षा व बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के जिला व ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।