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पीएफ, एनपीएस, बीमा और एरियर के भुगतान के लिए नपा कर्मधी हड़ताल पर
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बकाए देयकों की मांग को लेकर नगरपालिका कार्यालय में हड़ताल पर बैठे कर्मचारी।
- फोटो : BALLIA
बलिया। नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश विश्वकर्मा द्वारा पूर्वं में दिए आश्वासन को पूरा नहीं करने के विरोध मंगलवार को नगर पालिका के कर्मचारी कार्यालय में तालाबंदी कर हड़ताल पर चले गए। इससे दिनभर शासकीय कार्य बाधित रहा। हड़ताली कर्मियों का आरोप था कि लेखाकार का कार्यभार संभालने वाला लिपिक राघव मिश्रा जानबूझ कर भुगतान लंबित किया है।
हड़ताली कर्मियों की मांग है कि करीब एक वर्ष लंबित एनपीएस, सात माह से लंबित पीएफ और छह माह से बकाया एरियर के अलावा सामूहिक बीमा की धनराशि खाते में शीघ्र प्रेषित की जाए।स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ उ.प्र. की जिला इकाई के बैनर तले आयोजिल हड़ताल में नगर पालिका के अलावा जलकल विभाग के संविदा कर्मी भी बकाया मानदेय के भुगतान के लिए हड़ताल में शामिल रहे। आरोप लगाया कि पिछले छह माह से उनके मानदेय का भी भुगतान नगर पालिका के प्रभारी लेखाकार की लापरवाही की वजह से नहीं हो पा रही है, जिससे उनका परिवार भूखमरी के कागार पर है।
नपा कर्मियों के बकाया देयकों के अलावा कर्मचारियों के भविष्य निधि की धनराशि का कथित तौर पर ठेकेदारों को भुगतान करने की जांच के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन पीएफएमएस (ऑनलाइन) सुविधा तत्काल उपलब्ध कराने, स्थायी कर्मचारियों का पीएफ, एनपीएस, सामूहिक बीमा, एलआईसी इत्यादि की कटौती कर खाते में न जमा करने के दोषियों के खिलाफ कारवाई करने समेत जलकल विभाग में कराये गये सम्पूर्ण कार्यों की जॉच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए। आरोप लगाया कि वर्ष 2020, 2021 मेंलेखाकार द्वारा जानबूझ कर देयकों को लंबित रखा गया था, जिसके चलते तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा था। भुगतान की मांग को लेकर नपा कर्मी आंदोलित थे। तब नपा प्रशासन ने मामले का 15 दिन में निस्तारण करने और जाँच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में न तो मांगें पूरी हुई और न ही जांच कराई गई। हड़ताल करने वालों में मुख्य रुप से भारत भूषण मिश्र, प्रमोद सिंह, गोपाल जी पांडेय, लक्ष्मी शंकर पांडेय, श्याम जी, ओमप्रकाश, अनिल राम, मनोज कुमार, नकुल राम, दीनानाथ, नारायण प्रसाद, मोहन प्रसाद, शंभू रावत, विशेश्वर, राजाराम रावत, अनिल सिंह, संतोष आदि शामिल रहे।
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चार कर्मियों के परिजनों को नहीं मिलेगा बीमा का लाभ
नगर पालिका द्वारा समय से सामूहिक बीमा की धनराशि खाते में जमा नहीं करने का खामियाजा अब कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। बीते वर्ष नगर पालिका के दो लिपिक और दो सफाई कर्मी असमय कालकवलित हो गए, लेकिन सामुहिक बीमा की धनराशि उनके खाते में जमा नहीं होने अब उनके परिजनों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाएगा।
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हड़ताली कर्मियों की मांग है कि करीब एक वर्ष लंबित एनपीएस, सात माह से लंबित पीएफ और छह माह से बकाया एरियर के अलावा सामूहिक बीमा की धनराशि खाते में शीघ्र प्रेषित की जाए।स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ उ.प्र. की जिला इकाई के बैनर तले आयोजिल हड़ताल में नगर पालिका के अलावा जलकल विभाग के संविदा कर्मी भी बकाया मानदेय के भुगतान के लिए हड़ताल में शामिल रहे। आरोप लगाया कि पिछले छह माह से उनके मानदेय का भी भुगतान नगर पालिका के प्रभारी लेखाकार की लापरवाही की वजह से नहीं हो पा रही है, जिससे उनका परिवार भूखमरी के कागार पर है।
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नपा कर्मियों के बकाया देयकों के अलावा कर्मचारियों के भविष्य निधि की धनराशि का कथित तौर पर ठेकेदारों को भुगतान करने की जांच के अलावा सेवानिवृत्त कर्मचारियों का पेंशन पीएफएमएस (ऑनलाइन) सुविधा तत्काल उपलब्ध कराने, स्थायी कर्मचारियों का पीएफ, एनपीएस, सामूहिक बीमा, एलआईसी इत्यादि की कटौती कर खाते में न जमा करने के दोषियों के खिलाफ कारवाई करने समेत जलकल विभाग में कराये गये सम्पूर्ण कार्यों की जॉच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए। आरोप लगाया कि वर्ष 2020, 2021 मेंलेखाकार द्वारा जानबूझ कर देयकों को लंबित रखा गया था, जिसके चलते तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ा था। भुगतान की मांग को लेकर नपा कर्मी आंदोलित थे। तब नपा प्रशासन ने मामले का 15 दिन में निस्तारण करने और जाँच कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में न तो मांगें पूरी हुई और न ही जांच कराई गई। हड़ताल करने वालों में मुख्य रुप से भारत भूषण मिश्र, प्रमोद सिंह, गोपाल जी पांडेय, लक्ष्मी शंकर पांडेय, श्याम जी, ओमप्रकाश, अनिल राम, मनोज कुमार, नकुल राम, दीनानाथ, नारायण प्रसाद, मोहन प्रसाद, शंभू रावत, विशेश्वर, राजाराम रावत, अनिल सिंह, संतोष आदि शामिल रहे।
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चार कर्मियों के परिजनों को नहीं मिलेगा बीमा का लाभ
नगर पालिका द्वारा समय से सामूहिक बीमा की धनराशि खाते में जमा नहीं करने का खामियाजा अब कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। बीते वर्ष नगर पालिका के दो लिपिक और दो सफाई कर्मी असमय कालकवलित हो गए, लेकिन सामुहिक बीमा की धनराशि उनके खाते में जमा नहीं होने अब उनके परिजनों को बीमा का लाभ नहीं मिल पाएगा।