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Ballia News: बक्सर से बहकर 50 किमी दूर बलिया पहुंची महिला, 10 दिन पहले गंगा में बह गई थी
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गंगा नदी के बाढ़ में बक्सर से हल्दी थाना क्षेत्र के चैनछपरा तक आई सुनैना देवी। जागरुक पाठक
हल्दी (बलिया)। बिहार के बक्सर जिले से 10 दिन पहले गंगा की तेज धारा में बहकर सुनैना देवी (55) करीब 50 किलोमीटर दूर बलिया के चैनछपरा गांव पहुंच गईं। बाढ़ के पानी के बीच परवल के खेत में बनी झोपड़ी का सहारा लेकर खुद को बचाया। सोमवार को मदद की तलाश में झोपड़ी से निकलीं तो गहरे पानी में डूबने लगीं। उनकी आवाज सुनकर मछली पकड़ रहे मल्लाहों ने सुनैना देवी को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दरम्यान उन्होंने गंगा का पानी पीकर किसी तरह अपनी जान बचाई।
सुनैना देवी पत्नी जनार्दन गोंड बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव की रहने वाली हैं। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले नहाते समय वह गंगा की तेज धारा में बह गई थीं। काफी दूर तक बहने के बाद उनको एक झोपड़ी दिखाई दी। उन्होंने किसी तरह झोपड़ी का सहारा लिया। परवल के खेत में बनी झोपड़ी बाढ़ के पानी से घिरी थी। इसके बाद सुनैना देवी झोपड़ी में ही मदद का इंतजार करने लगीं।
सुनैना देवी के अनुसार, सोमवार सुबह मदद की उम्मीद में वह झोपड़ी से बाहर निकलकर पानी में आगे बढ़ीं लेकिन कुछ दूर गहरे पानी में डूबने लगीं। चीख-पुकार मचाने पर कुछ दूरी पर मछली पकड़ रहे मल्लाह पहुंच गए और उन्होंने सुनैना देवी की किसी तरह जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें थाने ले गई।
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हल्दी थाने के एसओ राजू राय ने बताया कि महिला बक्सर से बहकर आ गई थी। उनको थाने ले जाया गया और परिजनों को सूचना दी गई है। वहीं, सुनैना के लापता होने के बाद बिहार में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उनके तीन बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड लगातार मां की तलाश कर रहे थे।
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सुनैना देवी पत्नी जनार्दन गोंड बक्सर जिले के कपुरपट्टी गांव की रहने वाली हैं। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कि 10 दिन पहले नहाते समय वह गंगा की तेज धारा में बह गई थीं। काफी दूर तक बहने के बाद उनको एक झोपड़ी दिखाई दी। उन्होंने किसी तरह झोपड़ी का सहारा लिया। परवल के खेत में बनी झोपड़ी बाढ़ के पानी से घिरी थी। इसके बाद सुनैना देवी झोपड़ी में ही मदद का इंतजार करने लगीं।
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सुनैना देवी के अनुसार, सोमवार सुबह मदद की उम्मीद में वह झोपड़ी से बाहर निकलकर पानी में आगे बढ़ीं लेकिन कुछ दूर गहरे पानी में डूबने लगीं। चीख-पुकार मचाने पर कुछ दूरी पर मछली पकड़ रहे मल्लाह पहुंच गए और उन्होंने सुनैना देवी की किसी तरह जान बचाई। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें थाने ले गई।
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हल्दी थाने के एसओ राजू राय ने बताया कि महिला बक्सर से बहकर आ गई थी। उनको थाने ले जाया गया और परिजनों को सूचना दी गई है। वहीं, सुनैना के लापता होने के बाद बिहार में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। उनके तीन बेटे राजू गोंड, जितेंद्र गोंड और कमलेश गोंड लगातार मां की तलाश कर रहे थे।