दुबहर। मंगल पांडेय विचार मंच की बैठक रविवार को मंच के कार्यालय पर हुई। इसमें शहीद मंगल पांडेय की जयंती 30 जनवरी को विविध कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में केके पाठक ने कहा कि शहीद मंगल पांडेय को देश का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने का गौरव प्राप्त है। उन्हीं के द्वारा सर्वप्रथम अंग्रेजों के काले कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल स्थित बैरकपुर मिलिट्री छावनी में विद्रोह किया गया। शहीद मंगल पांडेय भारत के गौरव हैं। दुर्भाग्य की बात यह है कि अभी तक शहीद मंगल पांडेय को विभिन्न सरकारों द्वारा उतना महत्व नहीं दिया गया जितना कि वे हकदार हैं। शहीद मंगल पांडेय के पैतृक गांव नगवा एवं जनपद बलिया के सर्वांगीण विकास के संबंध में कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने शहीद मंगल पांडेय के नाम पर बलिया से बैरकपुर, पश्चिम बंगाल जहां पर शहीद मंगल पांडेय ने अंग्रेजों के विरोध में बगावत किया था एवं बलिया से दिल्ली तक नई ट्रेन परिचालित करने की मांग की। इस अवसर पर बब्बन विद्यार्थी, अजय पांडेय, राजू मिश्रा, गणेशजी सिंह, नितेश पाठक, रणजीत सिंह, विवेक सिंह, पन्नालाल गुप्ता मस्ताना, डॉ सुरेशचंद्र उमाशंकर पाठक, डॉ हरेन्द्र नाथ यादव, अख्तर अली, शिवनाथ यादव, सूर्यनाथ यादव, अन्नपूर्णा नन्द तिवारी आदि रहे। संचालन पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरुण सिंह एवं आभार प्रकट अरुण कुमार साहू ने किया।