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Ballia News: कोर्ट का काम न करने के प्रस्ताव पर हंगामा
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सिकंदरपुर। तहसील परिसर मंगलवार को हंगामा हुआ। मुकदमों की पैरवी के लिए दूरदराज से पहुंचे वादकारियों को जब जानकारी मिली कि अधिवक्ता संघ ने घंटी बजाकर न्यायालय का कार्य न करने का प्रस्ताव पारित किया है, तो नाराजगी जताई। बिना किसी पूर्व सूचना के न्यायालय कार्य ठप करने को वादकारियों ने गलत बताया।
वादकारियों का कहना है कि वे अपने मामलों की पैरवी के लिए समय और धन खर्च कर तहसील पहुंचते हैं, लेकिन यहां आकर पता चलता है कि अधिवक्ता हड़ताल पर हैं अथवा न्यायालय कार्य स्थगित कर दिया गया है। इससे न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा है।
वादकारियों में शामिल अरविंद कुमार, राजकुमार जायसवाल, आनंद सिंह, शिव कुमार राम, देवेंद्र नाथ पांडे आदि ने उपजिलाधिकारी सुनील कुमार एवं बार अध्यक्ष सुशील सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपकर नाराजगी जाहिर की। वादकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आए दिन इसी तरह न्यायालय का कार्य बाधित होता रहा, तो वे स्वयं अपने मुकदमों की पैरवी करने को विवश होंगे।
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वादकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की हड़ताल या इस तरह के प्रस्तावों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। कई लोग मजदूरी छोड़कर, कर्ज लेकर या लंबी दूरी तय कर न्याय की उम्मीद में तहसील आते हैं, लेकिन बिना सुनवाई के निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन और बार अध्यक्ष से मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि न्यायालय का कार्य नियमित रूप से संचालित हो सके। वादकारियों ने स्पष्ट किया कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित किए जाने के समान है और इसका खामियाजा आम लोगों को नहीं भुगतना चाहिए।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि वादकारियों ने न्यायालय कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए ज्ञापन दिया है। इस मामले में उच्च अधिकारियों सहित बार अध्यक्ष को पत्र भेजा जाएगा, ताकि न्यायालय का कार्य नियमित रूप से संचालित किया जा सके।
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वादकारियों का कहना है कि वे अपने मामलों की पैरवी के लिए समय और धन खर्च कर तहसील पहुंचते हैं, लेकिन यहां आकर पता चलता है कि अधिवक्ता हड़ताल पर हैं अथवा न्यायालय कार्य स्थगित कर दिया गया है। इससे न केवल उनका समय और पैसा बर्बाद हो रहा है।
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वादकारियों में शामिल अरविंद कुमार, राजकुमार जायसवाल, आनंद सिंह, शिव कुमार राम, देवेंद्र नाथ पांडे आदि ने उपजिलाधिकारी सुनील कुमार एवं बार अध्यक्ष सुशील सिंह को प्रार्थना पत्र सौंपकर नाराजगी जाहिर की। वादकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आए दिन इसी तरह न्यायालय का कार्य बाधित होता रहा, तो वे स्वयं अपने मुकदमों की पैरवी करने को विवश होंगे।
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वादकारियों ने कहा कि अधिवक्ताओं की हड़ताल या इस तरह के प्रस्तावों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। कई लोग मजदूरी छोड़कर, कर्ज लेकर या लंबी दूरी तय कर न्याय की उम्मीद में तहसील आते हैं, लेकिन बिना सुनवाई के निराश होकर लौटना पड़ता है। उन्होंने प्रशासन और बार अध्यक्ष से मांग की कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि न्यायालय का कार्य नियमित रूप से संचालित हो सके। वादकारियों ने स्पष्ट किया कि न्याय में देरी, न्याय से वंचित किए जाने के समान है और इसका खामियाजा आम लोगों को नहीं भुगतना चाहिए।
इस संबंध में उपजिलाधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि वादकारियों ने न्यायालय कार्य सुचारू रूप से चलाने के लिए ज्ञापन दिया है। इस मामले में उच्च अधिकारियों सहित बार अध्यक्ष को पत्र भेजा जाएगा, ताकि न्यायालय का कार्य नियमित रूप से संचालित किया जा सके।