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दो बहनों और एक भाई की जलकर मौत
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Fri, 02 Jan 2015 10:58 PM IST
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बसुदेवा गांव में गुरुवार की रात अलाव से झोपड़ी में लगी आग में झुलसकर दो
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बहनों और एक भाई की मौत हो गई। जानकारी होने पर सुबह क्षेत्रीय विधायक
उपेंद्र तिवारी, डीएम और एसडीएम पहुंचे।
डीएम ने पीड़ित परिवार वालों को मुआवजे के रूप में साढ़े चार लाख रुपये का चेक दिया। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिए। चितबड़ागांव थाने के बसुदेवा गांव की राजभर बस्ती का मुनेश्वर राजभर मुंबई में काम करता है। उसकी पत्नी एक माह पहले बिहार में धान कटाई के लिए गई थी।
मुनेश्वर की बेटी प्रियंका (16), लक्ष्मी (08) और बेटा रवि (06) गुरुवार की रात भोजन करने के बाद मड़हे में सो गए थे। मड़हे के पास जल रहे अलाव से देर रात झोपड़ी में आग लग गई और तीनों भाई-बहन इसमें फंस गए। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
झुलसी प्रियंका ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकी। आग में झुलसकर तीनों की मौत हो गई। गांव में मौजूद बच्चों के चाचा और अन्य रिश्तेदार रोते-रोते बेहाल हो गए।
घटना की जानकारी मुनेश्वर और बच्चों की मां तक पहुंचाई गई। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिए। क्षेत्रीय विधायक उपेंद्र तिवारी, मंत्री अंबिका चौधरी के प्रतिनिधि शैलेश चौधरी, डीएम यशवंत राव, एसडीएम बच्चा लाला मौर्य भी पहुंचे। डीएम ने पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में साढ़े चार लाख रुपये तथा पशु हानि के लिए साढ़े चार हजार रुपये का चेक दिया।
कोटेदार को पीड़ित परिवार को राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विधायक उपेंद्र तिवारी ने पांच हजार और शैलेश चौधरी ने 10 हजार रुपये की मदद की।
डीएम ने पीड़ित परिवार वालों को मुआवजे के रूप में साढ़े चार लाख रुपये का चेक दिया। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिए। चितबड़ागांव थाने के बसुदेवा गांव की राजभर बस्ती का मुनेश्वर राजभर मुंबई में काम करता है। उसकी पत्नी एक माह पहले बिहार में धान कटाई के लिए गई थी।
मुनेश्वर की बेटी प्रियंका (16), लक्ष्मी (08) और बेटा रवि (06) गुरुवार की रात भोजन करने के बाद मड़हे में सो गए थे। मड़हे के पास जल रहे अलाव से देर रात झोपड़ी में आग लग गई और तीनों भाई-बहन इसमें फंस गए। आसपास के लोग जब तक कुछ समझ पाते, आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
झुलसी प्रियंका ने दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो सकी। आग में झुलसकर तीनों की मौत हो गई। गांव में मौजूद बच्चों के चाचा और अन्य रिश्तेदार रोते-रोते बेहाल हो गए।
घटना की जानकारी मुनेश्वर और बच्चों की मां तक पहुंचाई गई। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिए। क्षेत्रीय विधायक उपेंद्र तिवारी, मंत्री अंबिका चौधरी के प्रतिनिधि शैलेश चौधरी, डीएम यशवंत राव, एसडीएम बच्चा लाला मौर्य भी पहुंचे। डीएम ने पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में साढ़े चार लाख रुपये तथा पशु हानि के लिए साढ़े चार हजार रुपये का चेक दिया।
कोटेदार को पीड़ित परिवार को राशन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। विधायक उपेंद्र तिवारी ने पांच हजार और शैलेश चौधरी ने 10 हजार रुपये की मदद की।