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Ballia News: सामुदायिक शौचालय की दीवार के मलबे में दबी दो सगी बहनें, मौत
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बैरिया थाना क्षेत्र के गोपालपुर ग्राम पंचायत के उदईछपरा गांव में शनिवार की दोपहर बाद निष्प्रयोजित और जर्जर हो चुके सामुदायिक शौचालय की दीवार गिरने से उसके मलबे के नीचे दबकर दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई। इसकी खबर लगते ही गांव में खलबली मच गई। सूचना पाकर मौके पर नायब तहसीलदार राजेश यादव, क्षेत्राधिकारी उस्मान अहमद व थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह पहुंच गए और घटना की जानकारी ली। वहीं, परिजनों के अनुरोध पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम न भेज कर पंचायतनामा करवा कर शव को सौंप दिया। दोनों सगी बहनों का अंत्येष्टि के निकट गंगा किनारे किया।
उदईछपरा गांव निवासी धुरेंद्र यादव की चार बेटियों में दो तनु 12 वर्ष व अंशु 10 वर्ष शनिवार को दोपहर बाद घर के पीछे अपने चाचा रामनाथ यादव के बन रहे घर को देखने के लिए जा रही थी। इसी बीच घर के पास करीब दस वर्ष पूर्व बने सामुदायिक शौचालय की जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिसकी जद में आकर दोनों मासूम बहने उसके मलबे में दब गई। परिजनों ने दौड़ कर दोनों बच्चियों को मलबे से बाहर निकाला और एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। वहां खून से लतपथ दोनों मासूम बच्चियों को चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसकी खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल रहा।
सामुदायिक शौचालय का ध्वस्तीकरण क्यों नहीं हुआ यह जांच का विषय है। जर्जर हालत में निष्प्रयोज्य शौचालय था तो ध्वस्तीकरण हो जाना चाहिए था। इसकी जांच होगी।
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- उमेश कुमार सिंह, एडीओ पंचायत बैरिया।
000मासूम बच्चियों की मौत की जानकारी होने पर मौके पर आलाअधिकारियों संग पहुंचे थे। परिजन नहीं चाहते थे कि बच्चियों का पोस्टमार्टम हो। आपराधिक घटना न होने के कारण जबरिया पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया।
-धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी, बैरिया।
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उदईछपरा गांव निवासी धुरेंद्र यादव की चार बेटियों में दो तनु 12 वर्ष व अंशु 10 वर्ष शनिवार को दोपहर बाद घर के पीछे अपने चाचा रामनाथ यादव के बन रहे घर को देखने के लिए जा रही थी। इसी बीच घर के पास करीब दस वर्ष पूर्व बने सामुदायिक शौचालय की जर्जर दीवार अचानक भरभरा कर गिर गई, जिसकी जद में आकर दोनों मासूम बहने उसके मलबे में दब गई। परिजनों ने दौड़ कर दोनों बच्चियों को मलबे से बाहर निकाला और एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए। वहां खून से लतपथ दोनों मासूम बच्चियों को चिकित्सक ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसकी खबर लगते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल रहा।
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सामुदायिक शौचालय का ध्वस्तीकरण क्यों नहीं हुआ यह जांच का विषय है। जर्जर हालत में निष्प्रयोज्य शौचालय था तो ध्वस्तीकरण हो जाना चाहिए था। इसकी जांच होगी।
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- उमेश कुमार सिंह, एडीओ पंचायत बैरिया।
000मासूम बच्चियों की मौत की जानकारी होने पर मौके पर आलाअधिकारियों संग पहुंचे थे। परिजन नहीं चाहते थे कि बच्चियों का पोस्टमार्टम हो। आपराधिक घटना न होने के कारण जबरिया पोस्टमार्टम नहीं करवाया गया।
-धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी, बैरिया।