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Ballia News: महानगरों से आने वाली ट्रेनें ठसाठस, स्लीपर कोच बना जनरल
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बलिया। होली त्योहार पर महानगरों में रहने वाला हर कोई अपने परिवार के साथ रंगों का त्योहार मनाने के लिए आ रहा है। सबसे सुलभ साधन ट्रेन हो गई है। यही कारण है कि पिछले दो दिन से मुबई, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश व दक्षिण भारत के विभिन्न महानगरों से आने वाली ट्रेनों में पैर रखने तक की जगह नहीं है। लोग खड़े होकर यात्रा पूरी कर रहे हैं।
वाराणसी-छपर रूट पर भीड़ को देखते हुए रेलवे दिल्ली, मुंबई, गोदिया सहित पांच से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जिससे राहत तो मिली है, लेकिन यात्रियों की भीड़ बढ़ है। रेलवे प्रशासन के सामने अगले दो दिनों तक स्टेशनों पर भीड़ को संभालने की चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए किसी भी भगदड़ से बचने के लिए प्लेटफार्म के बाहर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। यात्रा का टिकट रहने पर ही प्लेटफार्म पर इंट्री मिल रही है। अन्यथा होल्डिंग एरिया में आराम करना है। परदेसियों के आने से गांव-घर गुलजार हो गए हैं। होली में घर लौटने वालों के कारण ट्रेन व बसों में लोगों की काफी भीड़ देखी जा रही है। स्टेशन पर देर रात तक लोगों का आना जाना लगा हुआ है। लोग ठूंस-ठूंस कर सफर करने को विवश हैं। स्पेशल ट्रेन तो चल रही है, लेकिन लोग ज्यादातर नियमित ट्रेनों से ही यात्रा कर रहे हैं।
बुधवार को नई दिल्ली -बलिया एक्सप्रेस से परिवार के साथ स्टेशन पर उतरे आनंद सिंह निवासी तिखमपुर ने बताया कि होली का बेसब्री से इंतजार रहता है। होली में परिवार के साथ आनंद ही खास होता है। कहा कि मेरे दो और भाई कलकत्ता से आ गए है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन से काफी राहत है। पूर्व में एसी कोच में भीड़ के कारण परेशानी होती थी। दोपहर में पवन एक्सप्रेस से उतरे मनोज कुमार ने बताया कि प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। छठ व होली पर घर जरूर आते हैं। गांव परिवार के बीच परम्परा के साथ होली मनाने में आनंद आता है। टिकट कंफर्म न होेने के कारण परेशानी हुई, लेकिन घर पहुंचने की खुशी भी है। महानगरों से बिहार जाने वाली सभी ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरी हुई है। स्टेशन पर उतरने में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्लीपर में जनरल की तरह ठूंस कर यात्री घर लौट रहे हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में मजबूरन लोगों को शौचालय के पास बैठकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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वाराणसी-छपर रूट पर भीड़ को देखते हुए रेलवे दिल्ली, मुंबई, गोदिया सहित पांच से अधिक स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। जिससे राहत तो मिली है, लेकिन यात्रियों की भीड़ बढ़ है। रेलवे प्रशासन के सामने अगले दो दिनों तक स्टेशनों पर भीड़ को संभालने की चुनौती है। इसे ध्यान में रखते हुए किसी भी भगदड़ से बचने के लिए प्लेटफार्म के बाहर होल्डिंग एरिया बनाया गया है। यात्रा का टिकट रहने पर ही प्लेटफार्म पर इंट्री मिल रही है। अन्यथा होल्डिंग एरिया में आराम करना है। परदेसियों के आने से गांव-घर गुलजार हो गए हैं। होली में घर लौटने वालों के कारण ट्रेन व बसों में लोगों की काफी भीड़ देखी जा रही है। स्टेशन पर देर रात तक लोगों का आना जाना लगा हुआ है। लोग ठूंस-ठूंस कर सफर करने को विवश हैं। स्पेशल ट्रेन तो चल रही है, लेकिन लोग ज्यादातर नियमित ट्रेनों से ही यात्रा कर रहे हैं।
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बुधवार को नई दिल्ली -बलिया एक्सप्रेस से परिवार के साथ स्टेशन पर उतरे आनंद सिंह निवासी तिखमपुर ने बताया कि होली का बेसब्री से इंतजार रहता है। होली में परिवार के साथ आनंद ही खास होता है। कहा कि मेरे दो और भाई कलकत्ता से आ गए है। स्पेशल ट्रेनों के संचालन से काफी राहत है। पूर्व में एसी कोच में भीड़ के कारण परेशानी होती थी। दोपहर में पवन एक्सप्रेस से उतरे मनोज कुमार ने बताया कि प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। छठ व होली पर घर जरूर आते हैं। गांव परिवार के बीच परम्परा के साथ होली मनाने में आनंद आता है। टिकट कंफर्म न होेने के कारण परेशानी हुई, लेकिन घर पहुंचने की खुशी भी है। महानगरों से बिहार जाने वाली सभी ट्रेनें यात्रियों से खचाखच भरी हुई है। स्टेशन पर उतरने में परेशानी उठानी पड़ रही है। स्लीपर में जनरल की तरह ठूंस कर यात्री घर लौट रहे हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में मजबूरन लोगों को शौचालय के पास बैठकर यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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