UP News: पैर फिसलते ही रेल पटरी पर गिरा व्यापारी, कट गए दोनों पैर; स्टेशन पर अव्यवस्था को लेकर धरना
Ballia News: हादसे के बाद धरना-प्रदर्शन की सूचना पाकर रेवती रेलवे स्टेशन पर पुलिस के साथ अफसर भी पहुंच गए। व्यापारियों ने स्टेशन पर अव्यवस्था को लेकर अपनी नाराजगी जताई। साथ ही पीड़ित व्यापारी को सहायता की भी मांग की।
विस्तार
रेलवे स्टेशन पर शनिवार तड़के वाराणसी जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन पकड़ते समय पैर फिसलने से ट्रेन की चपेट में आने से एक व्यवसायी गम्भीर रूप से घायल हो गया। उसके दोनों पैर कट गए। एम्बुलेंस से घायल को सीएचसी रेवती पहुंचाया गया, जहां गम्भीर स्थिति देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
जिला चिकित्सालय से भी उसे वाराणसी के लिए रेफर किया गया। दुर्घटना से नाराज व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने रेवती रेलवे स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन किया।
नगर के वार्ड एक निवासी संतोष कुमार केशरी (50) पुत्र स्व. कन्हैया प्रसाद केशरी किराना व्यवसाई हैं। छपरा-वाराणसी इंटरसिटी एक्सप्रेस से वाराणसी जाने के लिए शनिवार सुबह घर से निकले थे। स्टेशन पहुंचकर ट्रेन पर चढ़ ही रहे थे तभी ट्रेन चल दी।
इस बीच उनका पैर पायदान से फिसल गया और वे चलती ट्रेन के नीचे आ गए। सूचना के बाद पहुंची एम्बुलेंस से घायल व्यवसाई को स्थानीय सीएचसी पहुंचाया गया। उधर, स्टेशन स्थित प्लेटफार्म एक की रेल लाइन उखाड़ लिए जाने आदि के विरोध में नगर के व्यापारियों ने अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद गांधी के नेतृत्व में बाजार को बंद कर दिया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी
रेवती रेलवे स्टेशन पर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। धरने में स्टेशन बहाल करने, प्लेटफार्म नंबर एक पर रेल पटरी बिछाने, जनसुविधाएं विकसित करने संबंधित पांच सूत्रीय मांगों उठाईं।
थानाध्यक्ष रेवती रोहन राकेश सिंह और आरपीएफ पहुंची। धरनारत लोगों ने कहा कि संतोष केशरी से पहले भी यहां कई दुर्घटनाएं यहां हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले एक महिला गिर गई थी। उसका पैर कट गया था। उपचार के बीच उसकी मौत हो गई थी।
दर्जनों गांवों के लोगों के आवागमन का रेवती रेलवे स्टेशन एक साधन है। उसे हाल्ट कर दिया गया। पहले यह पूर्ण स्टेशन था। यहां से सभी व्यवस्था हटा ली गई। प्लेटफार्म नंबर एक से रेल लाइन उखाड़ दी गई। तब से आए दिन स्टेशन पर दुर्घटनाएं हो रही हैं।
भोला ओझा के संचालन में वक्ताओं ने पहले की तरह पूर्ण स्टेशन का दर्जा बहाल करने, घायल को 20 लाख का मुआवजा देने की मांग की। कहा कि मांगे नहीं मानी गई तो यहां भी फेफाना की तरह निरंतर आंदोलन प्रारंभ होगा। तीन घंटे बाद अरविन्द गांधी के नेतृत्व में पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम बांसडीह अभिषेक प्रियदर्शी को सौंपा गया। लक्ष्मण पाण्डेय, राणा योगेन्द्र विक्रम सिंह मांडलू, विरेन्द्र गुप्ता, अनिल केशरी, शान्तिल गुप्ता, सुनील केशरी, महावीर तिवारी, हरे राम यादव आदि ने संबोधित किया।