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श्रमिकों के लिए बनाई जाए सार्थक नीति
अमर उजाला ब्यूरो /बलिया
Updated Thu, 02 Feb 2017 10:47 PM IST
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ड्रग कनवेंशन में उपस्थित यूपीएमएसआरए और निर्माण मजदूर सभा के सदस्य।
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सीटू के बैनर तले ड्रग कन्वेंशन का आयोजन नगर के एक निजी होटल में आयोजित किया गया। जिसमें यूपीएमएसआरए तथा निर्माण मजदूर सभा के सैकड़ों श्रमिकों ने भागीदारी की।
सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड जेएस मजूमदार ने दवा प्रतिनिधियों की मांगों को जायज ठहराया। कहा कि दवा प्रतिनिधियों की मांगें दवा प्रतिनिधियों के साथ ही दूकानदार एवं आम जनता से भी जुड़ा हुआ है। दवा प्रतिनिधियों के लिए निर्मित त्रिस्तरीय कमेटी की बैठक बुलाई जाए। कहा कि दवा प्रतिनिधियों के लिए आठ घंटे कार्यों का निर्धारण किया जाए। एक तरफ युवाओं को काम देने की वकालत की जा रही है।
दूसरी तरफ केंद्र के नीति के अभाव में उनका शोषण कराया जा रहा है। कहा कि आनलाइन दवाओं की बिक्री हर हाल में बंद होनी चाहिए। सभी मजदूरों के लिए 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की नीति लागू की जाए। कनवेंशन को संबोधित करते हुए श्रमिक नेता बलवंत सिंह ने कहा कि सरकार अगर चाहे तो मजदूरों को उनका वाजिब हक मिल सकता है। लेकिन बड़े-बड़े वादे करने वाले केंद्र की सरकारें अब तक श्रमिकों का दोहन करती रही है। राज घरानों के लिए एक जगह बैठकर बजट बना देने से मजदूरों का भला होने वाला नहीं है। इसके लिए मजदूरों की पीड़ा समझनी होगी। तभी युवा, गरीब, मजदूर, बेरोजगार की बात करने वाले प्रधानमंत्री के सपने पूरे होंगे।
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यूपी एमएसआरए के राज्य उपाध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि दवा प्रतिनिधियों को उनका हक मिले। बीसीडीए के अध्यक्ष आनंद सिंह, होमियोपैथिक एसोसिएशन के डॉ. एम. इलियास, अजय सिंह, रामकृष्ण यादव, शैलेश सिंह, अजीत सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन पीके गौड़ ने किया।
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सीटू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कामरेड जेएस मजूमदार ने दवा प्रतिनिधियों की मांगों को जायज ठहराया। कहा कि दवा प्रतिनिधियों की मांगें दवा प्रतिनिधियों के साथ ही दूकानदार एवं आम जनता से भी जुड़ा हुआ है। दवा प्रतिनिधियों के लिए निर्मित त्रिस्तरीय कमेटी की बैठक बुलाई जाए। कहा कि दवा प्रतिनिधियों के लिए आठ घंटे कार्यों का निर्धारण किया जाए। एक तरफ युवाओं को काम देने की वकालत की जा रही है।
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दूसरी तरफ केंद्र के नीति के अभाव में उनका शोषण कराया जा रहा है। कहा कि आनलाइन दवाओं की बिक्री हर हाल में बंद होनी चाहिए। सभी मजदूरों के लिए 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की नीति लागू की जाए। कनवेंशन को संबोधित करते हुए श्रमिक नेता बलवंत सिंह ने कहा कि सरकार अगर चाहे तो मजदूरों को उनका वाजिब हक मिल सकता है। लेकिन बड़े-बड़े वादे करने वाले केंद्र की सरकारें अब तक श्रमिकों का दोहन करती रही है। राज घरानों के लिए एक जगह बैठकर बजट बना देने से मजदूरों का भला होने वाला नहीं है। इसके लिए मजदूरों की पीड़ा समझनी होगी। तभी युवा, गरीब, मजदूर, बेरोजगार की बात करने वाले प्रधानमंत्री के सपने पूरे होंगे।
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यूपी एमएसआरए के राज्य उपाध्यक्ष मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि दवा प्रतिनिधियों को उनका हक मिले। बीसीडीए के अध्यक्ष आनंद सिंह, होमियोपैथिक एसोसिएशन के डॉ. एम. इलियास, अजय सिंह, रामकृष्ण यादव, शैलेश सिंह, अजीत सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन पीके गौड़ ने किया।