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Ballia News: प्राथमिक विद्यालय मैरीटार के प्रधानाध्यापक सहित तीन निलंबित
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बलिया। बेरुआरबारी के मैरीटार स्थित इंग्लिश मीडियम प्राथमिक विद्यालय की दो शिक्षिकाओं और प्रधानाध्यापक को बीएसए मनीष कुमार सिंह ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
आरोप है कि प्रधानाध्यापक और दो सहायक अध्यापिकाओं में बनती नहीं थी। आए दिन विवाद, अभिलेखों में हेरफेर और समय पर स्कूल न आने के आरोप तीनों पर हैं। मामले से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी नगरा और बांसडीह को सौंपी गई थी। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट से ज्ञात हुआ कि आपसी विवाद के कारण विद्यालय का शैक्षिक माहौल काफी खराब हो चुका है।
उपस्थिति पंजिका के साथ भी बार-बार छेड़छाड़ होना पाया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया कि सहायक अध्यापिका अनीता यादव और सुनीता सिंह नियमित समय से विद्यालय नहीं आती थीं। हद तो यह थी कि अनुपस्थिति छिपाने के लिए उपस्थिति पंजिका पर बार-बार व्हाइटनर लगाकर हस्ताक्षर करती थीं। वहीं बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाना, अभिभावकों व ग्रामीणों को बुलाकर विवाद करना और छात्रों को पीटकर भगाने जैसे भी गंभीर आरोप साबित हुए है। इसके अलावा अनिता यादव पर परिजनों को बुलाकर मारपीट कराने की बात भी जांच में सामने आई है।
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दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक ओंकार नाथ सिंह पर भी विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने और विद्यालय में हो रही अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। बीएसए ने सुनीता सिंह को शिक्षा क्षेत्र बेरूआरबारी के प्राथमिक विद्यालय जानपुर और अनिता यादव को प्राथमिक विद्यालय करमपुर तथा ओंकार नाथ सिंह को प्राथमिक विद्यालय आसचौरा से संबद्ध किया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी (नवानगर) पंकज कुमार सिंह और रसड़ा के पवन सिंह को संबंधित अध्यापकों के विरुद्ध अलग से आरोप पत्र तैयार करते हुए निलंबित शिक्षकों से लिखित अभिकथन 15 दिनों के अंदर देने का निर्देश दिया है।
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आरोप है कि प्रधानाध्यापक और दो सहायक अध्यापिकाओं में बनती नहीं थी। आए दिन विवाद, अभिलेखों में हेरफेर और समय पर स्कूल न आने के आरोप तीनों पर हैं। मामले से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी नगरा और बांसडीह को सौंपी गई थी। जांच अधिकारियों की रिपोर्ट से ज्ञात हुआ कि आपसी विवाद के कारण विद्यालय का शैक्षिक माहौल काफी खराब हो चुका है।
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उपस्थिति पंजिका के साथ भी बार-बार छेड़छाड़ होना पाया गया। इसके अलावा यह भी सामने आया कि सहायक अध्यापिका अनीता यादव और सुनीता सिंह नियमित समय से विद्यालय नहीं आती थीं। हद तो यह थी कि अनुपस्थिति छिपाने के लिए उपस्थिति पंजिका पर बार-बार व्हाइटनर लगाकर हस्ताक्षर करती थीं। वहीं बच्चों को पढ़ाने के बजाय मोबाइल चलाना, अभिभावकों व ग्रामीणों को बुलाकर विवाद करना और छात्रों को पीटकर भगाने जैसे भी गंभीर आरोप साबित हुए है। इसके अलावा अनिता यादव पर परिजनों को बुलाकर मारपीट कराने की बात भी जांच में सामने आई है।
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दूसरी ओर, प्रधानाध्यापक ओंकार नाथ सिंह पर भी विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने और विद्यालय में हो रही अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। बीएसए ने सुनीता सिंह को शिक्षा क्षेत्र बेरूआरबारी के प्राथमिक विद्यालय जानपुर और अनिता यादव को प्राथमिक विद्यालय करमपुर तथा ओंकार नाथ सिंह को प्राथमिक विद्यालय आसचौरा से संबद्ध किया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी (नवानगर) पंकज कुमार सिंह और रसड़ा के पवन सिंह को संबंधित अध्यापकों के विरुद्ध अलग से आरोप पत्र तैयार करते हुए निलंबित शिक्षकों से लिखित अभिकथन 15 दिनों के अंदर देने का निर्देश दिया है।