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बगैर रजिस्ट्रेशन के चल रहे हजारों कोचिंग सेंटर
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बलिया। जनपद में इन दिनों बिना पंजीकरण के अवैध रूप से सैकड़ों कोचिंग संचालित हो रहे हैं। आलम यह है कि नगर के संकट मोचन तथा द्वारिकापुरी कॉलोनी में कोचिंग खोलने की बाढ़ आ गई है। इन कोचिंग संचालकों द्वारा ना तो रजिस्ट्रेशन कराया गया है और ना ही सुरक्षा का ही कोई मानक है। बेसमेंट में कोचिंग खोलकर संचालित किया जा रहा है, जहां शौचालय व सुरक्षा की व्यवस्था नहीं है। इतना ही नहीं बेसमेंट में कोचिंग खोलना कानूनन अपराध है। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के आंकड़ों पर गौर किया जाय तो 12 कोचिंग का ही पंजीकरण है। जबकि पूरे जिले में हजारों की संख्या में कोचिंग संचालित हो रहे हैं।
नगर में सैकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल है। लेकिन किसी ने भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराना मुनासिब नहीं समझा है। अधिकांश कोचिंग सेंटर बेसमेंट और गली में संचालित हो रहे हैं, जो मानक के विपरीत हैं। नगर के कचहरी रोड स्थित द्वारिकापुरी एवं संकट मोचन कॉलोनी नगर का एजुकेशन हब बन चुका है, जहां आए दिन कोचिंग बिना पंजीकरण के धड़ल्ले से खोले जा रहे हैं। इन कोचिंग संचालकों पर जिला विद्यालय निरीक्षक विभाग की नजरें इनायत हो रही है। जिसका नतीजा है कि बिना पंजीकरण व मानक को धता बताते हुए कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
एक साल पहले 122 को दिया गया था नोटिस
वर्ष 2020-21 में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से कोचिंग की मानकों को लेकर कार्रवाई शुरु की गई। विभाग की ओर से नगर के साथ ग्रामीण इलाकों में संचालित कुल 122 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद कुछ कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण कराया लेकिन इसी बीच कोरोना काल हो जाने के कारण कोचिंग ही बंद हो गए और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस वर्ष भी कोरोना काल के कारण अधिकतर समय कोचिंग बंद ही रहे।
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- जनपद के कोचिंग संचालकों को विभाग में पंजीकरण कराने के लिए दो बार नोटिस भेजा चुका है। विस चुनाव होने के कारण व्यस्तता बढ़ गई थी। वर्तमान में बोर्ड की परीक्षा भी आ गई है। बोर्ड की परीक्षा संपन्न होने के बाद अभियान चलाकर बिना पंजीकृत संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डा. ब्रजेश मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया
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नगर में सैकड़ों की संख्या में कोचिंग सेंटर मानकों की अनदेखी कर संचालित हो रहे हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी यही हाल है। लेकिन किसी ने भी जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण कराना मुनासिब नहीं समझा है। अधिकांश कोचिंग सेंटर बेसमेंट और गली में संचालित हो रहे हैं, जो मानक के विपरीत हैं। नगर के कचहरी रोड स्थित द्वारिकापुरी एवं संकट मोचन कॉलोनी नगर का एजुकेशन हब बन चुका है, जहां आए दिन कोचिंग बिना पंजीकरण के धड़ल्ले से खोले जा रहे हैं। इन कोचिंग संचालकों पर जिला विद्यालय निरीक्षक विभाग की नजरें इनायत हो रही है। जिसका नतीजा है कि बिना पंजीकरण व मानक को धता बताते हुए कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं।
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एक साल पहले 122 को दिया गया था नोटिस
वर्ष 2020-21 में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय की ओर से कोचिंग की मानकों को लेकर कार्रवाई शुरु की गई। विभाग की ओर से नगर के साथ ग्रामीण इलाकों में संचालित कुल 122 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद कुछ कोचिंग संचालकों ने पंजीकरण कराया लेकिन इसी बीच कोरोना काल हो जाने के कारण कोचिंग ही बंद हो गए और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इस वर्ष भी कोरोना काल के कारण अधिकतर समय कोचिंग बंद ही रहे।
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- जनपद के कोचिंग संचालकों को विभाग में पंजीकरण कराने के लिए दो बार नोटिस भेजा चुका है। विस चुनाव होने के कारण व्यस्तता बढ़ गई थी। वर्तमान में बोर्ड की परीक्षा भी आ गई है। बोर्ड की परीक्षा संपन्न होने के बाद अभियान चलाकर बिना पंजीकृत संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डा. ब्रजेश मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, बलिया