{"_id":"64e4fc7314e96450830c72d5","slug":"there-was-chaos-in-the-village-as-soon-as-the-dead-body-of-the-jawan-reached-ballia-news-c-190-1-bal1001-2042-2023-08-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ballia News: जवान का शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ballia News: जवान का शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम
विज्ञापन
भीमपुरा। थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी पुलिस के जवान सब इंस्पेक्टर विनय कुमार (49) की तबीयत खराब के चलते रविवार की शाम लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया। मंगलवार को इनका पार्थिक शरीर पैतृक गांव पहुंचा। राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर हुआ। पुलिस के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर के साथ सलामी दी।
थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी विनय कुमार 1998 में पीएससी में भर्ती हुए। इसके बाद पांच साल पूर्व विभागीय परीक्षा से सब इंस्पेक्टर पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में वह जौनपुर पुलिस लाइन में कार्यरत थे और एक महीने से लिवर संबंधी बीमारी से अस्वस्थ चल रहे थे।
इसका इलाज गोरखपुर ट्रामा सेंटर में चल रहा था, लेकिन स्थिति खराब होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्पताल भेजा, जहां पर इलाज के दौरान रविवार की शाम उनका निधन हो गया। निधन की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा फैल गया और परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पत्नी शीला देवी का रोते-रोते बुरा हाल था। मंगलवार की सुबह शव लेकर पैतृक गांव सेमरी पहुंचे शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया।
विज्ञापन
भीमपुरा प्रभारी निरीक्षक शत्रुघ्न कुमार के अगुवाई में अंतिम सलामी दी गई और उसके बाद अंतिम संस्कार दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर किया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र विशाल ने दी। दिवंगत जवान चार भाइयों में सबसे बड़े थे और अपने पीछे चार पुत्रों व पत्नी को छोड़ गए हैं।
विज्ञापन
थाना क्षेत्र के सेमरी गांव निवासी विनय कुमार 1998 में पीएससी में भर्ती हुए। इसके बाद पांच साल पूर्व विभागीय परीक्षा से सब इंस्पेक्टर पद पर चयन हुआ था। वर्तमान में वह जौनपुर पुलिस लाइन में कार्यरत थे और एक महीने से लिवर संबंधी बीमारी से अस्वस्थ चल रहे थे।
विज्ञापन
इसका इलाज गोरखपुर ट्रामा सेंटर में चल रहा था, लेकिन स्थिति खराब होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ स्थित केजीएमयू अस्पताल भेजा, जहां पर इलाज के दौरान रविवार की शाम उनका निधन हो गया। निधन की खबर मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा फैल गया और परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पत्नी शीला देवी का रोते-रोते बुरा हाल था। मंगलवार की सुबह शव लेकर पैतृक गांव सेमरी पहुंचे शव पहुंचते ही अंतिम दर्शन के लिए लोगों का तांता लग गया।
विज्ञापन
भीमपुरा प्रभारी निरीक्षक शत्रुघ्न कुमार के अगुवाई में अंतिम सलामी दी गई और उसके बाद अंतिम संस्कार दोहरीघाट स्थित मुक्तिधाम पर किया गया। मुखाग्नि बड़े पुत्र विशाल ने दी। दिवंगत जवान चार भाइयों में सबसे बड़े थे और अपने पीछे चार पुत्रों व पत्नी को छोड़ गए हैं।