{"_id":"32ff1ae2c5b6ad1372f22c82afb65607","slug":"the-storm-rain-havoc-for-farmers-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के लिए कहर बनी आंधी-बारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के लिए कहर बनी आंधी-बारिश
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Mon, 30 Mar 2015 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश ने किसानों पर जमकर कहर ढाया। दलहन, तिलहन, गेहूं और सब्जी की खेती बर्बाद हो गई। हर महीने हो रही बारिश के चलते खेती की लागत तक नहीं निकल पाई है। आंधी के चलते कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। मड़हे उड़कर दूर पड़े थे। बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त होने से दर्जनों गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
शुक्रवार की रात आए चक्रवाती तूफान और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी के बाद अभी किसान सुबक रहे थे कि सोमवार को दोबारा बेमौसम हुई बरसात ने लोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। ऐसे में बची फसल भी नष्ट हो गई हैं।
एक तरफ जहां आसमान से पानी गिर रहा था तो दूसरी तरफ किसानों की आंखों से आंसू। मार्च में बेमौसम बारिश ने किसानों का सब कुछ छीन लिया है। अन्नदाता प्रकृति को कोस रहे हैं। सोमवार की बारिश ने दलहन, तेलहन, गेहूं और सब्जी की खेती के साथ मक्का, सूरजमुखी व प्याज की खेती को बर्बाद कर दिया है।
विज्ञापन
बारिश के चलते खलिहानों में मड़ाई के लिए रखे दलहन और तिलहन अनाजों का रंग भी बदल जाएगा। ऐसे में किसानों को बड़े पैमाने पर क्षति होना स्वाभाविक है। उधर, तेज हवा के साथ हुई बारिश में द्वाबा क्षेत्र के दियरांचल में दर्जनों रिहायशी मड़हे तहस-नहस हो गए। मनियर, बांसडीह, नरहीं आदि क्षेत्रों में बिजली के तार और खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
जगह-जगह संपर्क मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी बाधित हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के डाक्टर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश ने किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। दलहन-तिलहन फसलों के अनाज का रंग तो बदलेगा ही। वहीं खलिहानों में रखे अनाजों के जमने की संभावना प्रबल हो जाएगी।
इस बारिश में सब्जी की खेती के साथ मक्का, सूरजमुखी, प्याज को बड़ा नुकसान पहुंचा है। नरहीं के काश्तकार प्रेम कुमार राय, शैलेंद्र नाथ राय, बब्बन जी, एडवोकेट राय, अमरनाथ राय, बच्चा राय, मुकेश राय, विनोद कुमार राय, हनुमान राय ने बताया कि मार्च में आए दिन हो रही बारिश ने तो किसानों की पूरी तरह से कमर ही तोड़ दी है।
बांसडीहरोड प्रतिनिधि के अनुसार अरहर, प्याज, मसूरी सहित अन्य फसल बर्बाद हो गई। क्षेत्र के दर्जनों गांव उधवदवनी, शीतलदवनी, रूस्तमपुर, बलिकेर, कुंवर जसाव, छाता आदि गांवों के किसानों ने बताया कि अरहर, गेहूं, प्याज, मसूरी के हजारों एकड़ फसल आंधी से बर्बाद हो गई है। किसान अनुज सिंह, चित्तरंजन सिंह, जितेंद्र सिंह, सोनाशंकर यादव, लक्ष्मण बिंद, हीरालाल यादव, प्रताप सिंह, जगन्नाथ यादव आदि ने जिलाधिकारी से आर्थिक मदद कराने की मांग की है।
विज्ञापन
शुक्रवार की रात आए चक्रवाती तूफान और ओलावृष्टि से फसलों की बर्बादी के बाद अभी किसान सुबक रहे थे कि सोमवार को दोबारा बेमौसम हुई बरसात ने लोगों को कहीं का नहीं छोड़ा। ऐसे में बची फसल भी नष्ट हो गई हैं।
विज्ञापन
एक तरफ जहां आसमान से पानी गिर रहा था तो दूसरी तरफ किसानों की आंखों से आंसू। मार्च में बेमौसम बारिश ने किसानों का सब कुछ छीन लिया है। अन्नदाता प्रकृति को कोस रहे हैं। सोमवार की बारिश ने दलहन, तेलहन, गेहूं और सब्जी की खेती के साथ मक्का, सूरजमुखी व प्याज की खेती को बर्बाद कर दिया है।
विज्ञापन
बारिश के चलते खलिहानों में मड़ाई के लिए रखे दलहन और तिलहन अनाजों का रंग भी बदल जाएगा। ऐसे में किसानों को बड़े पैमाने पर क्षति होना स्वाभाविक है। उधर, तेज हवा के साथ हुई बारिश में द्वाबा क्षेत्र के दियरांचल में दर्जनों रिहायशी मड़हे तहस-नहस हो गए। मनियर, बांसडीह, नरहीं आदि क्षेत्रों में बिजली के तार और खंभे टूटने से बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है।
जगह-जगह संपर्क मार्गों पर पेड़ गिरने से आवागमन भी बाधित हो गया। कृषि विज्ञान केंद्र सोहांव के डाक्टर वेद प्रकाश सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश ने किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। दलहन-तिलहन फसलों के अनाज का रंग तो बदलेगा ही। वहीं खलिहानों में रखे अनाजों के जमने की संभावना प्रबल हो जाएगी।
इस बारिश में सब्जी की खेती के साथ मक्का, सूरजमुखी, प्याज को बड़ा नुकसान पहुंचा है। नरहीं के काश्तकार प्रेम कुमार राय, शैलेंद्र नाथ राय, बब्बन जी, एडवोकेट राय, अमरनाथ राय, बच्चा राय, मुकेश राय, विनोद कुमार राय, हनुमान राय ने बताया कि मार्च में आए दिन हो रही बारिश ने तो किसानों की पूरी तरह से कमर ही तोड़ दी है।
बांसडीहरोड प्रतिनिधि के अनुसार अरहर, प्याज, मसूरी सहित अन्य फसल बर्बाद हो गई। क्षेत्र के दर्जनों गांव उधवदवनी, शीतलदवनी, रूस्तमपुर, बलिकेर, कुंवर जसाव, छाता आदि गांवों के किसानों ने बताया कि अरहर, गेहूं, प्याज, मसूरी के हजारों एकड़ फसल आंधी से बर्बाद हो गई है। किसान अनुज सिंह, चित्तरंजन सिंह, जितेंद्र सिंह, सोनाशंकर यादव, लक्ष्मण बिंद, हीरालाल यादव, प्रताप सिंह, जगन्नाथ यादव आदि ने जिलाधिकारी से आर्थिक मदद कराने की मांग की है।