बलिया। जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय में मंगलवार को अमर उजाला संवाद संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विद्यार्थियों और शिक्षकों ने समसामयिक विषयों, पत्रकारिता की बदलती भूमिका और सामाजिक सरोकारों पर विचार साझा किए। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता उसके तथ्यों और स्रोतों के सत्यापन पर निर्भर करती है। सोशल मीडिया ने सूचना की गति बढ़ाई है, लेकिन बिना पुष्टि किसी सूचना को खबर के रूप में प्रकाशित करना जोखिम भरा है। विद्यार्थियों ने कहा कि सोशल मीडिया से सूचनाएं तेजी से मिल जाती हैं, लेकिन हर सूचना पर शत-प्रतिशत भरोसा नहीं किया जा सकता। सूचना के स्रोतों की संख्या बढ़ने के साथ सही सूचना का आधार तलाशना भी चुनौतीपूर्ण हुआ है।
विद्यार्थियों ने कहा कि प्रिंट मीडिया आज भी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि प्रकाशित खबर भविष्य में एक दस्तावेज के रूप में मौजूद रहती है। समाचार संकलन में सरकारी विभागों के आधिकारिक दस्तावेज, आदेश, रिपोर्ट और अधिकृत अधिकारियों के बयान प्राथमिक स्रोत माने जाते हैं। अदालत से जुड़े मामलों में आदेश की प्रति, प्राथमिकी और अन्य सरकारी अभिलेखों को आधार बनाना जरूरी है। घटना के प्रत्यक्षदर्शी, पीड़ित, संबंधित व्यक्ति और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी भी महत्वपूर्ण होती है, लेकिन उसे प्रकाशित करने से पहले उपलब्ध तथ्यों से मिलान करना आवश्यक है। कार्यक्रम में हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. प्रवीण नाथ यादव, डॉ. संदीप यादव, डॉ. अभिषेक मिश्र, राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. मनोज जायसवाल, डॉ. अनुराधा राय और डॉ. रजनी चौबे आदि मौजूद रहे। विद्यार्थियों में आकाश कुमार, पीयूष वर्मा, दीक्षा उपाध्याय, अमन, आनंद, आंचल, बुसरा, अन्नू, मनीषा, दुर्गावती और ज्योति शामिल रहे।