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फसलों के साथ खत्म हुए किसानों के अरमान

Fri, 10 Apr 2015 11:55 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया Updated Fri, 10 Apr 2015 11:55 PM IST
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The dream ended with crops farmers
किसानों की फसलों पर पहले आसमान से बरसे ओले ने उनकी कमर तोड़ दी, अब विद्युत शार्ट-सर्किट से निकल रही चिंगारियां उन पर कहर बनकर टूट रही हैं। प्रकृति की मार से हांफते किसान अभी पसीना भी नहीं पोंछ पाए थे कि आग से सपने टूटने लगे। बेटियों की शादियां और बच्चों की पढ़ाई पर ग्रहण लग गया है।
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अब तो मुंह में निवाला कैसे जाएगा, उसका भी जुगाड़ कैसे किया जाए, किसानों के समझ में नहीं आ रहा है। सबसे ज्यादा मार उन किसानों पर हुई है जिन्होंने लगान और बटाई पर लेकर खेती की थी। सब कुछ लुटने के बाद अब उनके सामने केवल अंधेरा है।
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जिला प्रशासन की माने तो जिन किसानों के पास क्रेडिट कार्ड है, जो अपनी जमीन पर स्वयं खेती करते हैं उनकी भरपाई का इंतजाम सरकारी दफ्तरों में कुछ हद तक है। लेकिन उन विचारे किसानों का क्या होगा, जो लगान पर खेती किए थे। अच्छी फसल के सहारे बेटियों के हाथ पीले करने को सोच रहे किसानों के अरमान खत्म हो गए। अब चिंता खाए जा रही है कि कैसे सब कुछ होगा।
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बैरिया तहसील के शिवाल निवासी उपेंद्र चौधरी, शिव कुमार चौधरी, गोपालगंज निवासी दिनेश यादव, दिनेश शर्मा के बेटियों की शादी मई तथा जून में थी। शादी से पहले इन किसानों ने सारे सपने खेती से ही संजोए थे। वशिष्ठनगर निवासी कमलाकर तथा जयचंद बिंद एक समृद्ध किसान हैं। खेती के दम पर ही बच्चों की पढ़ाई करते हैं। अब उनके बच्चों की फीस कैसे दी जाएगी। यह बड़ा सवाल उनके सामने खड़ा हो गया है। किसानों की फसल पर प्रकृति ने जहां ओले बरसाए, वहीं अब आग की तबाही शुरू हो गई है।


जिला कृषि अधिकारी जेपी यादव ने बताया कि प्रकृति की मार से जूझ रहे किसानों को फसल की 50 फीसदी तबाही होने पर सिंचित भूमि के लिए 18 हजार रुपये तथा असिंचित भूमि के किसानों को नौ हजार रुपये दिया जाता है। किसान क्रेडिट कार्ड धारी किसानों का बीमा कार्ड बनाते समय ही कर दिया जाता है लेकिन इसका लाभ उन्हें तब मिलता है जब तबाही की रिपोर्ट इलाके के एसडीएम बनाते हैं। जनपद में अब तक 40 फीसदी किसानों के पास ही केसीसी है। यादव ने बताया कि इनके अलावा जनपद में फसलों की बीमा करने के लिए प्राइवेट बीमा कंपनी इफको टोकियो भी है लेकिन यहां अभी तक चंद किसान ही फसल का बीमा कराए हैं।
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