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पहुंचे बच्चे तो हांफने लगा जिला अस्पताल
ब्यूरो/ अमर उजाला, बलिया
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:45 PM IST
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पहुंचे बच्चे तो हांफने लगा जिला अस्पताल
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मिड-डे-मील खाने से बीमार 139 बच्चे जब जिला अस्पताल पहुंचे, तो अस्पताल में अफरातफरी मच गई । चिकित्सक और फार्मासिस्ट जहां भागते-दौड़ते नजर आए, वहीं इलाज की सामग्री को लेकर स्वास्थ्य कर्मी परेशान थे। वो तो प्रशिक्षु नर्सों ने स्थिति को संभाल लिया।
जिला अस्पताल में बीमार बच्चे जब भारी तादाद में सदर अस्पताल पहुंचे, तो जैसे-तैसे उन्हें पहले आपातकालीन कक्ष ले जाया गया। इमरजेंसी में बेड खाली न होने पर बच्चों को फर्श पर लिटाकर उनका इलाज शुरू किया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अलग-अलग वार्डो में भर्ती किया गया।
एक साथ 139 बच्चों का उपचार करना काफी कठिन था। अस्पताल में व्यवस्थाओं की कमी साफ दिखाई दी। कभी दवा, तो कभी डिस्पोजल सीरिंज के लिए लोग भागते नजर आए। इस बीच डिस्पोजल सीरिंज खत्म हो गई और स्वास्थ्य कर्मी जिला अस्पताल की नयी बिल्डिंग से पुरानी बिल्डिंग की तरफ भागते नजर आए।
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सभी भाग-भाग कर इलाज के लिए जरूरी उपकरण और दवाइयां भर्ती बच्चों के वार्डो तक पहुंचा रहे थे। वहीं दूसरी ओर डाक्टरों ने भी तत्परता दिखाई। सीएमओ पीके सिंह, सीएमएस एसपी राय सहित दर्जनों चिकित्सक बच्चों के इलाज में लग गए थे।
बाहर बच्चों को देखने और उनका हाल जाने के लिए लोग बेचैन दिख रहे थे, तो अंदर इलाज और संसाधन को लेकर। बच्चों के बीमार होने की सूचना जैसे ही जनपद में फैली, निजी चिकित्सकों के कान तक पहुंची बिन बुलाए सभी जिला अस्पताल पहुंच गए। इलाज करने अस्पताल पहुंचने वाले निजी चिकित्सकों में डा. डी प्रसाद, डा.आशु सिंह, डा. अजीत सिंह आदि प्रमुख रहे।
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जिला अस्पताल में बीमार बच्चे जब भारी तादाद में सदर अस्पताल पहुंचे, तो जैसे-तैसे उन्हें पहले आपातकालीन कक्ष ले जाया गया। इमरजेंसी में बेड खाली न होने पर बच्चों को फर्श पर लिटाकर उनका इलाज शुरू किया गया। इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर उन्हें अलग-अलग वार्डो में भर्ती किया गया।
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एक साथ 139 बच्चों का उपचार करना काफी कठिन था। अस्पताल में व्यवस्थाओं की कमी साफ दिखाई दी। कभी दवा, तो कभी डिस्पोजल सीरिंज के लिए लोग भागते नजर आए। इस बीच डिस्पोजल सीरिंज खत्म हो गई और स्वास्थ्य कर्मी जिला अस्पताल की नयी बिल्डिंग से पुरानी बिल्डिंग की तरफ भागते नजर आए।
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सभी भाग-भाग कर इलाज के लिए जरूरी उपकरण और दवाइयां भर्ती बच्चों के वार्डो तक पहुंचा रहे थे। वहीं दूसरी ओर डाक्टरों ने भी तत्परता दिखाई। सीएमओ पीके सिंह, सीएमएस एसपी राय सहित दर्जनों चिकित्सक बच्चों के इलाज में लग गए थे।
बाहर बच्चों को देखने और उनका हाल जाने के लिए लोग बेचैन दिख रहे थे, तो अंदर इलाज और संसाधन को लेकर। बच्चों के बीमार होने की सूचना जैसे ही जनपद में फैली, निजी चिकित्सकों के कान तक पहुंची बिन बुलाए सभी जिला अस्पताल पहुंच गए। इलाज करने अस्पताल पहुंचने वाले निजी चिकित्सकों में डा. डी प्रसाद, डा.आशु सिंह, डा. अजीत सिंह आदि प्रमुख रहे।