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Ballia News: 22 किमी दूरी होगी कम, एक घंटे समय बचेगा
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बलिया। फेफना-मऊ रेलखंड के रतनपुरा रेलवे स्टेशन से क्रिडिहरापुर के बीच 16 किमी बाईपास रेल लाइन निर्माण के लिए सर्वे की प्रक्रिया शुरू हुई है। रेलवे ने बाईपास के शुरुआती सर्वे के लिए 32 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। बलिया से गोरखपुर जाने वाली ट्रेन इंदरा मऊ जाने की जगह किड़िहिरापुर बेल्थरारोड होते हुए भटनी के रास्ते गोरखपुर पहुंचेगी। इससे 22 किमी दूरी कम होगी। करीब एक घंटे समय की भी बचत होगी।
गोरखपुर से बलिया का सीधा जुड़ाव नहीं है, ट्रेनों को मऊ के इंदारा होकर बेल्थरारोड़ से भटनी होकर जाना पड़ता है। इससे समय ज्यादा लगता है। फेफना-मऊ व भटनी-मऊ रेलखंड पर बाईपास रेलमार्ग बनाने की योजना पर रेलवे काम कर रहा है। जिले के सुरही निवासी व घोसी लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद राजीव राय ने सोशल मीडिया अकाउंट से इस परियोजना का चित्र साझा करते हुए लोगों को बधाई दी और इसके जरिये विकास की संभावनाएं जताईं। बाईपास बन जाने के बाद बलिया से जाने वाली ट्रेनें बाईपास के रास्ते किड़िहिरापुर होकर बेल्थरारोड के रास्ते भटनी से सीधे गोरखपुर की ओर जा सकेंगी। प्रस्तावित इंदारा बाईपास लाइन किड़िहिरापुर से रतनपुरा तक करीब 16 किलोमीटर लंबी होगी। इससे इंदारा-फेफना और भटनी–वाराणसी रेलखंड इंदारा से पहले ही आपस में जुड़ जाएंगे।
भटनी-मऊ रेलमार्ग पर 38 ट्रेनों का संचालन होता है
भटनी–मऊ रेलमार्ग पर किड़िहिरापुर, इंदारा और मऊ जंक्शन के रास्ते 38 ट्रेनें वाराणसी सहित अन्य राज्यों के लिए संचालित होती हैं। इनमें 12 पैसेंजर, 16 साप्ताहिक और 10 सप्ताह में चार या पांच दिन चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। वहीं इंदारा–फेफना मार्ग पर बलिया से फेफना, रतनपुरा और मऊ होते हुए 26 ट्रेनें विभिन्न महानगरों के लिए चलती हैं। इनमें आठ पैसेंजर, आठ साप्ताहिक और 10 ट्रेनें सप्ताह में तीन या चार दिन संचालित होती हैं। मऊ के इंदारा के रास्ते गोरखपुर जाने के कारण कुछ दिन पूर्व छपरा-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद हो गया।
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फेफना-इंदरा व भटनी-इंदरा रेलखंड के बीच बाईपास रेलमार्ग के सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जानी है, ताकि दोनों रेल खंडों को जोड़ने का कार्य आगे बढ़ाया जा सके। इसके लिए रेलवे की ओर से धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। - सुमित कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर।
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गोरखपुर से बलिया का सीधा जुड़ाव नहीं है, ट्रेनों को मऊ के इंदारा होकर बेल्थरारोड़ से भटनी होकर जाना पड़ता है। इससे समय ज्यादा लगता है। फेफना-मऊ व भटनी-मऊ रेलखंड पर बाईपास रेलमार्ग बनाने की योजना पर रेलवे काम कर रहा है। जिले के सुरही निवासी व घोसी लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद राजीव राय ने सोशल मीडिया अकाउंट से इस परियोजना का चित्र साझा करते हुए लोगों को बधाई दी और इसके जरिये विकास की संभावनाएं जताईं। बाईपास बन जाने के बाद बलिया से जाने वाली ट्रेनें बाईपास के रास्ते किड़िहिरापुर होकर बेल्थरारोड के रास्ते भटनी से सीधे गोरखपुर की ओर जा सकेंगी। प्रस्तावित इंदारा बाईपास लाइन किड़िहिरापुर से रतनपुरा तक करीब 16 किलोमीटर लंबी होगी। इससे इंदारा-फेफना और भटनी–वाराणसी रेलखंड इंदारा से पहले ही आपस में जुड़ जाएंगे।
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भटनी-मऊ रेलमार्ग पर 38 ट्रेनों का संचालन होता है
भटनी–मऊ रेलमार्ग पर किड़िहिरापुर, इंदारा और मऊ जंक्शन के रास्ते 38 ट्रेनें वाराणसी सहित अन्य राज्यों के लिए संचालित होती हैं। इनमें 12 पैसेंजर, 16 साप्ताहिक और 10 सप्ताह में चार या पांच दिन चलने वाली ट्रेनें शामिल हैं। वहीं इंदारा–फेफना मार्ग पर बलिया से फेफना, रतनपुरा और मऊ होते हुए 26 ट्रेनें विभिन्न महानगरों के लिए चलती हैं। इनमें आठ पैसेंजर, आठ साप्ताहिक और 10 ट्रेनें सप्ताह में तीन या चार दिन संचालित होती हैं। मऊ के इंदारा के रास्ते गोरखपुर जाने के कारण कुछ दिन पूर्व छपरा-गोरखपुर स्पेशल ट्रेन का संचालन बंद हो गया।
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फेफना-इंदरा व भटनी-इंदरा रेलखंड के बीच बाईपास रेलमार्ग के सर्वे की प्रक्रिया शुरू की जानी है, ताकि दोनों रेल खंडों को जोड़ने का कार्य आगे बढ़ाया जा सके। इसके लिए रेलवे की ओर से धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। - सुमित कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर।