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ताउते ने छोड़ा बर्बादी के निशां, ईंट भट्ठा और सब्जी की फसलों को नुकसान
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बलिया। चक्रवाती तूफान ताउते का असर जिले में व्यापक रूप से हुआ है। तूफान के कारण लगातार दो दिन तक हुई बारिश ने ईंट उद्योग और सब्जी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे जनपद में करीब सात करोड़ रुपये से भी अधिक का नुकसान हुआ है। बड़े पैमाने पर कच्ची ईंटें गल गई हैं। इसके कारण, एक बार फिर ईंटों के दाम बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, भारी बारिश के कारण खेतों में लौकी, नेनुआ, भिंडी, परवल आदि सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है।
तूफान के कारण चलीं तेज हवा ने कई स्थानों पर बिजली के पोलों और तारों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे देहात क्षेत्रों में 24 से 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले में लगभग ईंट उद्योग की 350 यूनिटें चल रही हैं। चक्रवाती तूफान ने ईंट-भट्ठा मालिकों की नींद उड़ाकर रख दी है। इससे भट्ठी की धधकती आग ठंडी पड़ गई है। ईंट पाथने में लगे मजदूर भी बेहाल हो गए हैं। सभी ईंट-भट्ठा पर कम से कम डेढ़ से दो लाख रुपये तक की क्षति हुई है। जिला ईंट निर्माता संघ के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि बारिश के कारण ईंट कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। काम बंद हो जाने से मजदूरों का खर्च भी उठाना पड़ेगा। इसका सीधा असर उत्पादन के साथ रेट पर भी पड़ेगा। पिछले साल भी लॉकडाउन के कारण नुकसान हुआ था। अब बारिश ने कारोबार पर पानी फेर दिया है। कम से कम एक भट्ठे पर करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
लालगंज इलाके में ताउते तूफान के प्रभाव से पिछले दो दिन से हुई भारी बारिश से खेतों में लौकी, नेनुआ, भिंडी, परवल आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार इससे उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। वही ईंट-भट्ठों पर कच्चे ईंटों के गलने से ईंट-भट्ठा मालिकों को लाखों का नुकसान हुआ है। लालगंज गांव स्थित शिव शक्ति ईंट भट्ठे के मालिक अरुण पाठक ने बताया कि बारिश से एक लाख रुपए से अधिक खर्च से तैयार की गई कच्ची ईंट तेज पानी में बह गई है।
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बारिश ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी
नरही। चक्रवाती तूफान ताउते ने सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। इलाके में सब्जी की खेती दियारे से लेकर गांवों में भी की जाती है। इसमें परवल, तरबूज, खीरा, ककड़ी, टमाटर, मूली, नेनुआ, भिंडी, करेला, बैंगन, लौकी आदि की खेती किसानों द्वारा की गई है लेकिन बेमौसम बारिश ने सब्जी की खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसान सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि भारी बारिश के चलते खेतों में जलजमाव हो गया है, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। किसान प्रवीण कुमार राय ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से बैगन के फूल झड़ गए हैं। किसान तुंगनाथ राय ने बताया कि बारिश से पके हुए टमाटर जमीन पर आ गए। इसके कारण बड़ा नुकसान हुआ है। किसान शशिभूषण राय ने बताया कि बेमौसम हुई बरसात से परवल, तरबूज की खेती को काफी नुकसान पहुंचाया है, अब तो लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है।
भारी बारिश के कारण इलाके में सब्जी की खेती करने वाले किसानों का नुकसान हुआ है। यदि पुन: बारिश हुई तो सब्जी की खेती को और नुकसान हो सकता है। - प्रो. रवि मौर्या, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, सोहांव
दो मिनट तक टिमटिमाए बल्ब फिर छा गया अंधेरा
बैरिया। पिछले पांच दिनों से तहसीलवासी बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। देहात क्षेत्र की स्थिति और भी दयनीय है। 36 घंटे बाद बृहस्पतिवार की देर शाम देहात क्षेत्रों में दो-दो मिनट तक बल्ब टिमटिमाते हुए आंखमिचौली करते रहे फिर अंधेरा छा गया। जबकि कस्बा में भी बिजली आपूर्ति की स्थिति ठीक नहीं है। मौजूदा समय में नगर क्षेत्र में किसी तरह पांच घंटे तो रानीगंज देहात फीडर क्षेत्र में तीन से चार घंटे बिजली मिल पा रही है। यह अलग बात है कि दो दिनों की बारिश की वजह से बिजली गुल होने के बाद भी लोगों को कुछ राहत महसूस हुई है। अन्यथा की स्थिति में ग्रामीण बिजली की समस्याओं से जूझते रहे। परेशान ग्रामीण विद्युत विभाग के जेई विनोद भारद्वाज, एसडीओ और अधिशासी अभियंता से लगायत अधीक्षण अभियंता के मोबाइल पर शिकायत के लिए फोन मिलाते रहे लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस बाबत पूछने पर उपकेंद्र बैरिया पर काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि विद्युत तार जर्जर हो चुके हैं। किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
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तूफान के कारण चलीं तेज हवा ने कई स्थानों पर बिजली के पोलों और तारों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे देहात क्षेत्रों में 24 से 48 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिले में लगभग ईंट उद्योग की 350 यूनिटें चल रही हैं। चक्रवाती तूफान ने ईंट-भट्ठा मालिकों की नींद उड़ाकर रख दी है। इससे भट्ठी की धधकती आग ठंडी पड़ गई है। ईंट पाथने में लगे मजदूर भी बेहाल हो गए हैं। सभी ईंट-भट्ठा पर कम से कम डेढ़ से दो लाख रुपये तक की क्षति हुई है। जिला ईंट निर्माता संघ के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि बारिश के कारण ईंट कारोबार को भारी नुकसान हुआ है। काम बंद हो जाने से मजदूरों का खर्च भी उठाना पड़ेगा। इसका सीधा असर उत्पादन के साथ रेट पर भी पड़ेगा। पिछले साल भी लॉकडाउन के कारण नुकसान हुआ था। अब बारिश ने कारोबार पर पानी फेर दिया है। कम से कम एक भट्ठे पर करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
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लालगंज इलाके में ताउते तूफान के प्रभाव से पिछले दो दिन से हुई भारी बारिश से खेतों में लौकी, नेनुआ, भिंडी, परवल आदि की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के अनुसार इससे उत्पादन पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। वही ईंट-भट्ठों पर कच्चे ईंटों के गलने से ईंट-भट्ठा मालिकों को लाखों का नुकसान हुआ है। लालगंज गांव स्थित शिव शक्ति ईंट भट्ठे के मालिक अरुण पाठक ने बताया कि बारिश से एक लाख रुपए से अधिक खर्च से तैयार की गई कच्ची ईंट तेज पानी में बह गई है।
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बारिश ने फेरा किसानों के अरमानों पर पानी
नरही। चक्रवाती तूफान ताउते ने सब्जी की खेती करने वाले किसानों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया है। इलाके में सब्जी की खेती दियारे से लेकर गांवों में भी की जाती है। इसमें परवल, तरबूज, खीरा, ककड़ी, टमाटर, मूली, नेनुआ, भिंडी, करेला, बैंगन, लौकी आदि की खेती किसानों द्वारा की गई है लेकिन बेमौसम बारिश ने सब्जी की खेती करने वाले किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। किसान सुरेंद्र वर्मा ने बताया कि भारी बारिश के चलते खेतों में जलजमाव हो गया है, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। किसान प्रवीण कुमार राय ने बताया कि बारिश और ओलावृष्टि से बैगन के फूल झड़ गए हैं। किसान तुंगनाथ राय ने बताया कि बारिश से पके हुए टमाटर जमीन पर आ गए। इसके कारण बड़ा नुकसान हुआ है। किसान शशिभूषण राय ने बताया कि बेमौसम हुई बरसात से परवल, तरबूज की खेती को काफी नुकसान पहुंचाया है, अब तो लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है।
भारी बारिश के कारण इलाके में सब्जी की खेती करने वाले किसानों का नुकसान हुआ है। यदि पुन: बारिश हुई तो सब्जी की खेती को और नुकसान हो सकता है। - प्रो. रवि मौर्या, अध्यक्ष, कृषि विज्ञान केंद्र, सोहांव
दो मिनट तक टिमटिमाए बल्ब फिर छा गया अंधेरा
बैरिया। पिछले पांच दिनों से तहसीलवासी बिजली की समस्या से जूझ रहे हैं। देहात क्षेत्र की स्थिति और भी दयनीय है। 36 घंटे बाद बृहस्पतिवार की देर शाम देहात क्षेत्रों में दो-दो मिनट तक बल्ब टिमटिमाते हुए आंखमिचौली करते रहे फिर अंधेरा छा गया। जबकि कस्बा में भी बिजली आपूर्ति की स्थिति ठीक नहीं है। मौजूदा समय में नगर क्षेत्र में किसी तरह पांच घंटे तो रानीगंज देहात फीडर क्षेत्र में तीन से चार घंटे बिजली मिल पा रही है। यह अलग बात है कि दो दिनों की बारिश की वजह से बिजली गुल होने के बाद भी लोगों को कुछ राहत महसूस हुई है। अन्यथा की स्थिति में ग्रामीण बिजली की समस्याओं से जूझते रहे। परेशान ग्रामीण विद्युत विभाग के जेई विनोद भारद्वाज, एसडीओ और अधिशासी अभियंता से लगायत अधीक्षण अभियंता के मोबाइल पर शिकायत के लिए फोन मिलाते रहे लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। इस बाबत पूछने पर उपकेंद्र बैरिया पर काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि विद्युत तार जर्जर हो चुके हैं। किसी तरह काम चलाया जा रहा है।