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टंकियां बनीं शोपीस, नई का पैसा हुआ वापस

Wed, 10 Feb 2021 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 10 Feb 2021 12:08 AM IST
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Tankies became showpiece, new money returned
शिवपुर उर्फ कर्ण छपरा स्थित करीब एक वर्ष से खराब पड़ी पानी टंकी। - फोटो : BALLIA
बलिया। जिले में द्वाबा इलाके की एक बड़ी आबादी आर्सेनिकयुक्त पानी पीने को मजबूर है। इसकी वजह से उस इलाके के लोग विभिन्न बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सरकारों के प्रयास के बावजूद जिला प्रशासन की उदासीनता से इस इलाके के लोगों को आर्सेनिक युक्त पानी से निजात नहीं मिल सकी। हाल यह है कि इस इलाके में बनी पानी की टंकियां शोपीस बनकर रह गई हैं, वहीं दूसरी ओर विश्व बैंक ने नीर निर्मल योजना के तहत जिले के 18 गांवों में पानी टंकियों का निर्माण नहीं होने पर 36 करोड़ रुपये का अनुदान वापस ले लिया है।
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विश्व बैंक ने यह अनुदान वर्ष 2017-18 में दिया था, लेकिन जल निगम निर्माण शुरू नहीं करा सका। अब विश्व बैंक ने सभी परियोजनाओं को निरस्त करते हुए अनुदान वापस ले लिया है। जल निगम के अनुसार इस अनुदान से नंदपुर में 127.78 लाख, बघौंच में 191.90 लाख, बलीपुर में 178.39 लाख, भरसौंता में 186.19 लाख, भोजापुर में 245.48 लाख, विशुनपुरा में 161.45 लाख, चकहाजी शेखपुर में 115.93 लाख, दोपहीं में 131.86 लाख, गोहिंया छपरा में 182.7 लाख, मझौंवा में 174.71 लाख, पिलुई में 208.57 लाख, रामपुर कोडऱहा में 107.19 लाख, सहरसपाली में 223.24 लाख, सरायां में 138.83 लाख, सरवर ककरघटी में 184.90 लाख, शिवपुर दियर नबंरी में 441.48 लाख, सोनकीभांट में 212.64 लाख और तिखमपुर में 333.16 लाख रुपये खर्च कर पानी टंकियों का निर्माण कराना था।
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मामले में जल निगम के अधिशासी अभियंता अंकुर श्रीवास्तव ने बताया कि पानी टंकी निर्माण के लिए बोरिंग के दौरान कुछ स्थानों पर काफी नीचे तक आर्सेनिक की मात्रा मिली तो कुछ स्थानों पर पानी टंकी के लिए जमीन ही नहीं मिली। जिस पर विभाग की ओर से अनुदानित धन शासन को समर्पित कर दिया गया। वहां से धन विश्व बैंक को वापस हो गया।
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हालांकि धन वापस होने की जानकारी के बाद जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने धन को रोकने का प्रयास करते हुए तीन दिसंबर 2019 को प्रबंध निदेशक उप्र जल निगम, लखनऊ को पत्र लिखा था। उन्होंने पत्र में लाखों की जनता के शुद्ध पेयजल से वंचित होने की बात कहते हुए इसे रोकने की बात कही थी। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी विपिन जैन ने 23 अक्तूबर 2020 को अधिशासी निदेशक राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन लखनऊ को पत्र लिख परियोजना को जल जीवन मिशन कार्यक्रम में पुनरीक्षित करने की सिफारिश की थी।
टंकियों के निर्माण में करोड़ों खर्च, मरम्मत पर ध्यान नहीं
जयप्रकाश नगर। सरकार ने लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने को ग्राम पंचायतों में करोड़ों खर्च कर पानी की टंकियां बनवाईं, लेकिन स्थानीय निकाय उनकी मरम्मत भी नहीं करा पा रहा। जिससे यह टंकियां शोपीस बन गईं और अधिकतर आबादी आर्सेनिक युक्त पानी पीने को विवश है।
मुरली छपरा ब्लॉक के शिवपुर उर्फ कर्णछपरा, सुकरौली, कोड़रहा उपरवार ग्राम पंचायतों में करीब 50 हजार की आबादी को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के लिए 2012 में पानी टंकी का निर्माण कराया गया। इन तीनों पंचायतों के मध्य हृदयपुर में बनी इस टंकी के निर्माण में 122.24 लाख की लागत आई। लेकिन टंकी से पानी की सप्लाई बहुत कम दिन हुई। अब यह शोपीस बनी हुई है।
इसी तरह ग्राम पंचायत इब्राहिमाबाद उपरवार के टोला फकरु राय में तत्कालीन विधायक भरत सिंह ने पानी टंकी का निर्माण कराया था। दो वर्ष पूर्व खराबी आने से यह भी बंद है। जयप्रकाश नारायण के पैतृक गांव जयप्रकाश नगर में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के प्रयास से दो पानी की टंकियों का निर्माण करीब तीन दशक पूर्व कराया गया। उसमें एक टंकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थापित हैं, जो उसी समय से टैंक में लीकेज के कारण बंद है। दूसरी टंकी से पूरे पंचायत को पानी की सप्लाई हो रही है, लेकिन उसका पानी स्नान करने योग्य भी नहीं है। चांददीयर पंचायत के टोला फतेह राय के गांव स्थित पानी टंकी का निर्माण 2012 में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से हुआ था। लेकिन यह पानी टंकी छह माह भी पानी की सप्लाई नहीं दे पाई। बीच में करीब दो वर्ष पूर्व टंकी की मरम्मत हुई थी, लेकिन इसके बाद भी ये लगभग डेढ़ साल से बंद है।
जब हमारी पंचायत में टंकी स्थापित हुई, तब कुछ दिन तक ठीक चली। जब खराब होने लगी तब से कुछ दिन मरम्मत का कार्य नियमित रहा, लेकिन अब तो उसे कोई पूछने भी नहीं आता। करीब एक वर्ष से पानी टंकी बंद पड़ी हुई है।

- छट्ठू सिंह, सेवानिवृत्त शिक्षक, शिवपुर उर्फ कर्ण छपरा
हमारी पंचायत में जब से पानी टंकी स्थापित हुई, तब से अब तक सुचारु रूप से संचालित नहीं हो पाई। अब तो करीब ढाई वर्ष से बंद होकर सरकार के शुद्ध जल संबंधित योजनाओं को मुंह चिढ़ा रही है।
- सुभाष सिंह, सेवानिवृत्त प्रोफेसर, इब्राहिमाबाद उपरवार
ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में कुल 10 पानी टंकियां हैं। इसमें से चार बंद हैं और छह संचालित हैं। बंद पानी टंकियों की खराबी दूर कर जल्द चालू कराया जाएगा।
- अरविंद कुमार मौर्य, सहायक विकास अधिकारी पंचायत, मुरली छपरा, बलिया
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