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मांगी हजार, मिली 250 बोरी यूरिया
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बैरिया। यूरिया की किल्लत से किसान परेशान हैं। किसानों की मांग को देखते हुए साधन सहकारी समिति कोटवां के सचिव की ओर से एक हजार बोरी यूरिया के लिए डिमांड की गई थी, लेकिन जिला प्रशासन के तरफ से सिर्फ 250 बोरी ही यूरिया उपलब्ध कराई गई है। किसानों की ओर से 10 से 18 बोरी यूरिया की डिमांड करने के बाद भी उन्हें अधिकतम चार बोरी यूरिया दी जा रही है। इससे किसान आक्रोशित हैं।
रबी की फसल बोने के समय किसानों ने डीएपी के किल्लत के बावजूद किसी तरह बाजारों से महंगे दामों में डीएपी खरीद कर खेतों की बुआई तो कर ली। अब गेहूं की फसल में यूरिया के छिड़काव का समय आ गया है। इससे किसान एक बार फिर यूरिया के लिए साधन सहकारी समितियों का चक्कर लगा रहे है। किसानों को खेतों में यूरिया छिड़काव के लिए 10 से 20 बोरी यूरिया की जरूरत है, लेकिन उन्हें सिर्फ चार बोरी यूरिया दी जा रही है। किसानों के अनुसार साधन सहकारी समिति पर उच्चकोटि का यूरिया मिलता है जबकि बाजारों में मिलावटी यूरिया मिल रहा है। इसके अलावा साधन सहकारी समिति पर एक बोरी यूरिया की कीमत 267 रुपये है जबकि बाजारों में 330 रुपये से 350 रुपये में प्रति बोरी यूरिया बिक रही है। भीखा छपरा निवासी किसान रवि कुमार सिंह ने बताया कि हमें पांच बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन चार बोरी मिल रही है। गोन्हियाछपरा निवासी किसान ने बताया कि हमें 20 बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन चार बोरी ही मिल रही है। इसी तरह सोमनाथ सिंह, रविशंकर सिंह सरीखे दर्जनों किसानों ने कहा कि हमें 10 से 20 बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन सिर चार बोरी यूरिया दी जा रही है। इस बाबत साधन सहकारी समिति के सचिव अलीमुद्दीन का कहना है कि किसानों के मांग के मद्देनजर हमने एक हजार बोरी यूरिया का डिमांड की थी, लेकिन 250 बोरी यूरिया दी गई है। ऐसे में इतनी ही यूरिया में काम चलाना पड़ेगा।
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रबी की फसल बोने के समय किसानों ने डीएपी के किल्लत के बावजूद किसी तरह बाजारों से महंगे दामों में डीएपी खरीद कर खेतों की बुआई तो कर ली। अब गेहूं की फसल में यूरिया के छिड़काव का समय आ गया है। इससे किसान एक बार फिर यूरिया के लिए साधन सहकारी समितियों का चक्कर लगा रहे है। किसानों को खेतों में यूरिया छिड़काव के लिए 10 से 20 बोरी यूरिया की जरूरत है, लेकिन उन्हें सिर्फ चार बोरी यूरिया दी जा रही है। किसानों के अनुसार साधन सहकारी समिति पर उच्चकोटि का यूरिया मिलता है जबकि बाजारों में मिलावटी यूरिया मिल रहा है। इसके अलावा साधन सहकारी समिति पर एक बोरी यूरिया की कीमत 267 रुपये है जबकि बाजारों में 330 रुपये से 350 रुपये में प्रति बोरी यूरिया बिक रही है। भीखा छपरा निवासी किसान रवि कुमार सिंह ने बताया कि हमें पांच बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन चार बोरी मिल रही है। गोन्हियाछपरा निवासी किसान ने बताया कि हमें 20 बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन चार बोरी ही मिल रही है। इसी तरह सोमनाथ सिंह, रविशंकर सिंह सरीखे दर्जनों किसानों ने कहा कि हमें 10 से 20 बोरी यूरिया चाहिए, लेकिन सिर चार बोरी यूरिया दी जा रही है। इस बाबत साधन सहकारी समिति के सचिव अलीमुद्दीन का कहना है कि किसानों के मांग के मद्देनजर हमने एक हजार बोरी यूरिया का डिमांड की थी, लेकिन 250 बोरी यूरिया दी गई है। ऐसे में इतनी ही यूरिया में काम चलाना पड़ेगा।
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