{"_id":"5fc9888a8ebc3e9b9a4fc104","slug":"shafiq-of-jharkhand-meets-his-family-through-social-media-after-three-years","type":"story","status":"publish","title_hn":"बलियाः शफीक को सोशल मीडिया ने अपनों से मिलाया, सामाजिक कार्यकर्ता की रही अहम भूमिका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बलियाः शफीक को सोशल मीडिया ने अपनों से मिलाया, सामाजिक कार्यकर्ता की रही अहम भूमिका
Fri, 04 Dec 2020 06:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 04 Dec 2020 06:23 AM IST
विज्ञापन
सोशल मीडिया
- फोटो : ट्विटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोशल मीडिया के जरिए एक व्यक्ति को तीन साल से बिछड़ा परिवार मिल गया। इसमें सामाजिक कार्यकर्ता सागर सिंह राहुल का प्रयास खास रहा है। बृहस्पतिवार को परिवार वाले शफीक को लेकर वाराणसी चले गए। वहां से वह वर्धमान चले जाएंगे।
विज्ञापन
मानसिक बीमारी से पीड़ित शफीक तीन वर्ष पहले वर्धमान से वाराणसी उपचार के लिए जा रहा था। इस दौरान वह ट्रेन से उतरना भूल गया और शहर में आ गया। मंगलवार की रात सागर सिंह राहुल अपने मित्र के साथ निमंत्रण से लौट रहे थे।
विज्ञापन
इस दौरान उनकी उनकी नजर ओवरब्रिज पर मौजूद व्यक्ति पर पड़ी। उन्होंने गाड़ी रोक कर उससे नाम पता पूछा तो शफीक ने आधी अधूरी जानकारी दी। इस पर राहुल ने सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर जानकारी को अपनी आईडी से पोस्ट कर दिया।
विज्ञापन
ऐसे में शफीक के परिजनों ने राहुल से फोन पर संपर्क साधा। बुधवार को उसकी पत्नी सूरीना बेबी, पुत्र रमजान शेख व साढू फुरकान खान यहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि शफीक झारखंड के पाकुड़ देवी नगर का रहने वाला है।