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906 गांवों के 920 मजरे में बदले जाएंगे जर्जर विद्युत तार
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बलिया। जिले के अधिकांश गांवों में सालों पहले हुए विद्युतीकरण के बाद कभी तारों की सुध नहीं ली गई। तारों के जर्जर होने के कारण आए दिन बिजली आपूर्ति बाधित होती है। बिजली विभाग ने एक हजार से अधिक आबादी के 906 गांवों के 920 मजरे को चिह्नित किया है। इन मजरों के पुराने विद्युत तार हटाकर अब एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) केबल लगाए जाएंगे। शासन ने इस कार्य की जिम्मेदारी आंध्र प्रदेश की कंपनी को दे दी है। विद्युत विभाग के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही कार्य शुरू हो जाएंगे और इसे दिसंबर तक पूरा किया जाना है।
जिले के अधिकांश गांवों में दशकों पहले के लगाए गए विद्युत तार अब जर्जर हो चुके हैं। हल्की हवा और बारिश होते ही यह जर्जर तार टूट कर गिर पड़ते हैं। इन तारों के टूटने से एक ओर जहां विद्युत आपूर्ति बाधित होती है वहीं अक्सर हादसे भी होते रहते हैं और लोगों की जान तक चली जाती है। जर्जर तारों को बदलने के लिए कमोवेश सभी गांवों के लोगों की ओर से आवाज भी उठाई जाती है। अब विद्युत विभाग ने इन तारों को बदलने के लिए कवायद शुरू कर दी है। किए गए सर्वे में जिले के एक हजार से अधिक आबादी वाले 906 गांवों के 920 मजरे को चिह्नित किया है, जहां के तार काफी जर्जर हो चुके हैं। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पुराने तारों को हटाकर अब एबीसी केबल लगाए जाएंगे। यह भी बताया कि विभाग के माध्यमिक कार्यखंड की ओर से इस कार्य के लिए आंध प्रदेश के एनसीसी कंपनी का चयन किया गया है। यह कार्य जल्द ही शुरू होगा और दिसंबर तक पूरा किया करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
इन ब्लॉकों के गांवों और मजरे में बदले जाएंगे जर्जर तार
बलिया। हनुमानगंज ब्लॉक के 48, बेलहरी 7, मनियर 31, रेवती 58, बेरुआरबारी 71, दुबहड़ 36, सीयर 102, नवानगर 47, बांसडीह 47, गड़वार 60, पंदह 26, नगरा 85, बैरिया 42, चिलकहर 71, मुरली छपरा 48, रसड़ा 50, सोहांव ब्लॉक के 77 गांवों के मजरे में विद्युत तारों को बदलने का कार्य किया जाएगा।
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एबीसी से लाइन लॉस होगा कम, रुकेगी बिजली चोरी
बलिया। करीब एक दशक पहले तक विद्युतीकरण में ओवरहेड वायर का प्रयोग किया जाता था और वह तार अब जर्जर हो चुके हैं। इन तारों के स्थान पर एबीसी केबल लगाए जाने से एक ओर जहां लाइन लॉस कम होगा वहीं विद्युत चोरी पर भी लगाम लग सकेगी। एबीसी केबल में कहीं भी कटियामारी नहीं की जा सकेगी।
जिले के 906 गांवों के कुल 920 पूरवे व मजरे में जर्जर तारों को बदलने का काम किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से एजेंसी का निर्धारण हो चुका है। जर्जर तारों के स्थान एबीसी केबल लगाए जाएंगे। - चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बलिया
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जिले के अधिकांश गांवों में दशकों पहले के लगाए गए विद्युत तार अब जर्जर हो चुके हैं। हल्की हवा और बारिश होते ही यह जर्जर तार टूट कर गिर पड़ते हैं। इन तारों के टूटने से एक ओर जहां विद्युत आपूर्ति बाधित होती है वहीं अक्सर हादसे भी होते रहते हैं और लोगों की जान तक चली जाती है। जर्जर तारों को बदलने के लिए कमोवेश सभी गांवों के लोगों की ओर से आवाज भी उठाई जाती है। अब विद्युत विभाग ने इन तारों को बदलने के लिए कवायद शुरू कर दी है। किए गए सर्वे में जिले के एक हजार से अधिक आबादी वाले 906 गांवों के 920 मजरे को चिह्नित किया है, जहां के तार काफी जर्जर हो चुके हैं। विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि पुराने तारों को हटाकर अब एबीसी केबल लगाए जाएंगे। यह भी बताया कि विभाग के माध्यमिक कार्यखंड की ओर से इस कार्य के लिए आंध प्रदेश के एनसीसी कंपनी का चयन किया गया है। यह कार्य जल्द ही शुरू होगा और दिसंबर तक पूरा किया करने की समय सीमा निर्धारित की गई है।
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इन ब्लॉकों के गांवों और मजरे में बदले जाएंगे जर्जर तार
बलिया। हनुमानगंज ब्लॉक के 48, बेलहरी 7, मनियर 31, रेवती 58, बेरुआरबारी 71, दुबहड़ 36, सीयर 102, नवानगर 47, बांसडीह 47, गड़वार 60, पंदह 26, नगरा 85, बैरिया 42, चिलकहर 71, मुरली छपरा 48, रसड़ा 50, सोहांव ब्लॉक के 77 गांवों के मजरे में विद्युत तारों को बदलने का कार्य किया जाएगा।
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एबीसी से लाइन लॉस होगा कम, रुकेगी बिजली चोरी
बलिया। करीब एक दशक पहले तक विद्युतीकरण में ओवरहेड वायर का प्रयोग किया जाता था और वह तार अब जर्जर हो चुके हैं। इन तारों के स्थान पर एबीसी केबल लगाए जाने से एक ओर जहां लाइन लॉस कम होगा वहीं विद्युत चोरी पर भी लगाम लग सकेगी। एबीसी केबल में कहीं भी कटियामारी नहीं की जा सकेगी।
जिले के 906 गांवों के कुल 920 पूरवे व मजरे में जर्जर तारों को बदलने का काम किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय से एजेंसी का निर्धारण हो चुका है। जर्जर तारों के स्थान एबीसी केबल लगाए जाएंगे। - चंद्रेश उपाध्याय, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, बलिया