अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवि करण सिंह की अदालत ने गैर इरादतन हत्या के मामले में मंतोष उर्फ सत्येंद्र पुत्र बालचंद राम, धनंजय पुत्र श्यामदेव निवासी करमौता को सात वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार के अर्थदंड से दंडित किया। वादी इम्तियाज अली उर्फ मिस्टर पुत्र सुबहान अल्लाह निवासी न्यू मार्केट सिकंदरपुर ने एफआईआर दर्ज कराई थी कि 2 अक्तूबर 2015 को वादी और उसके बड़े भाई जुल्फिकार अली भट्ट अभिभावक मीटिंग में ज्ञान कुंज एकेडमी बंशी बाजार मोटरसाइकिल से जा रहे थे। रास्ते में करमौता गांव के पास इसी गांव के मंतोष पुत्र बालचंद राम, धनंजय पुत्र श्यामदेव, अमरनाथ पुत्र नथुनी, सोनू पुत्र नमो नारायण, अंकित पुत्र जगजीवन, वंश बहादुर पुत्र बलिराम, अजय पुत्र जयराम तथा कुछ रविदास कमेटी अन्य लोगों ने जबरन चंदा वसूली की। विरोध करने पर धमकी देने लगे। अभिभावक मीटिंग समाप्त होने के बाद हम लोग उसी रास्ते से घर वापस आ रहे थे। उसके भाई जुल्फिकार अली मंटू को पीटकर जख्मी कर दिया। मरीज को बलिया ले जाते समय रास्ते में ही मौत हो गई। विवेचक ने दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र प्रेषित किया। अभियोजन के तरफ से प्रस्तुत समस्त साक्ष्यों का सम्यक परिशीलन व अवलोकन करने तथा अभियोजन की तरफ से विनय कुमार सिंह सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी की बहस सुनने के बाद सजा सुनाई।