फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Sending off the ancestors by performing Pind Daan and Tarpan

पिंडदान और तर्पण कर पितरों को किया विदा

Wed, 06 Oct 2021 10:33 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Oct 2021 10:33 PM IST
विज्ञापन
Sending off the ancestors by performing Pind Daan and Tarpan
पितृपक्ष पक्ष के अंतिम दिन अमावस्या बुधवार को क्षेत्र के गंगा, सरयू नदी एवं तालाब, पोखरा व पीपल के पेड़ के नीचे के साथ ही अपने-अपने घरों के बाहर लोगों ने तर्पण के साथ पितरों की विदाई की और अकाल मृत्यु, वंशवृद्धि, शारीरिक पीड़ा व रोग व्याधि से मुक्ति के लिए पितरों से आशीर्वाद लिया। इसके पूर्व लोगों ने मुंडन करवाया तत्पश्चात पितरों का पिंडदान व तर्पण कर विदाई की।
विज्ञापन

जिले के गंगा सहित विभिन नदी के घाटों पर बुधवार की सुबह से ही अपने पितरों के तर्पण व श्राद्ध कर्म के लिए लोग पहुंचे। पुरोहितों के बताए अनुसार विधि विधान से पिंडदान, जलदान, तिलांजलि आदि देकर श्राद्ध किया। इसके अलावा अपने सामर्थ्य के अनुसार दान पुण्य कर पितरों से परिवार पर के सुख समृद्घि की कामना की। तत्पश्चात ब्राम्हण को भोजन कराया। इस दौरान लोगों ने शहर के महावीरघाट, शिवरामपुर गंगा घाट, रामगढ़, बैरिया, जयप्रकाश नगर, बेल्थरारोड आदि में विभिन्न नदी घाटों पर श्राद्ध कर्म किया। जबकि कुछ लोगों ने अपने घर के बाहर या गांव के बाहर श्राद्धकर्म किया। मान्यता है कि पितृपक्ष में सभी पितृ देवता धरती पर अपने घरों में आते हैं और तर्पण आदि ग्रहण करते हैं, उसके बाद अमावस्या पर सभी पितर अपने लोक को लौट जाते हैं। पितरो के लिए अमावस्या का विशेष महत्व है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed