फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   seminar

भोगवादी प्रवृत्ति की देन है ओजोन परत का क्षरण: डा0 गणेश

Tue, 15 Sep 2020 09:39 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2020 09:39 PM IST
विज्ञापन
seminar
बलिया। जोन परत के क्षय के कारण - ओजोन परत के क्षय का प्रमुख कारण मानव की भोगवादी प्रवृत्ति एवं विलासितापूर्ण जीवन है। भौतिक सुख- सुविधाओं की अधिक से अधिक प्राप्त करने की अंधी दौड़ में लिप्त आधुनिक मानव की करतूत ही ओजोन परत के क्षय का मूल कारण है। उक्त बातें पर्यावरणविद् और अमरनाथ मिश्र महाविद्यालय दूबे छपरा के पूर्व प्राचार्य डा. गणेश पाठक ने कहीं। उन्होंने कहा कि वायुमंडल में धरातल से लगभग 22 से 25 किमी की ऊँचाई 25 से 28 किमी की मोटाई में ओजोन गैस की एक परत पायी जाती है, जिसे ओजोन परत कहा जाता है। ओजोन गैस में सूर्य की पराबैगनी किरणों को अवशोषित करने की क्षमता होती है। यह सूर्य की घातक पराबैगनी किरणों को रोककर पृथ्वी के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। इसके क्षरण से जीव जंतुओं पर आनुवांशिक प्रभाव भी पड़ता है। इसके प्रभाव से मनुष्य की त्वचा झुलस जाती है और त्वचा कैंसर हो जाता है। मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता समाप्त होने लगती है। साथ ही साँस संबंधी बीमारियों का भी जन्म होता है। बताया कि वैज्ञानिक अनुसंधानों से पता चला है कि मिलों, कारखानों से निकलने वाले विषैले धुँओं एवं गैसों, प्रदूषण के बढ़ते स्तर, अंतरिक्ष अनुसंधान के तहत छोड़े जाने वाले राकेटों से भी ओजोन परत में तेजी से क्षरण हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed