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सरयू का घट रहा जलस्तर, फिर भी लाल निशान से ऊपर
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सिकंदरपुर क्षेत्र में उपजाऊ भूमि को काटती घाघरा की लहरे।
- फोटो : BALLIA
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पिछले दो दिनों से सरयू का जलस्तर लगातार घट रहा है, जिससे तटवर्ती इलाके लोगों ने राहत की सांस ली है। घटते जलस्तर से कटान का डर सताने लगा है। तटवर्ती इलाके के लोगों का कहना है कि सरयू में बैकरोलिंग तेज होती है, जिससे कटान तेज होती है।
बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार उफनाई सरयू नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं। पिछले 24 घंटे तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद धीरे-धीरे घटाव का क्रम शुरू हो गया, जो बृहस्पतिवार की शाम तक जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार को जलस्तर 64.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 64.01 मी से 0.09 मीटर अधिक है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। नदी के रुख में नरमी के बाद बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। उधर, जलस्तर में कमी के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रही है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। इससे लोग चिंतित हैं।
घटते जलस्तर के बीच कटान से लोग सहमे
सिकंदरपुर। खतरा निशान से ऊपर बह रही सरयू का तेवर कम तो हुआ है लेकिन जलस्तर में कमी की दर अभी काफी कम है। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन में जलस्तर काफी तेजी से नीचे जाएगा। लेकिन कटान का खतरा बरकरार होने से लोगों में दहशत है। खासकर खरीद, पुरुषोत्तम पट्टी, कठौड़ा, निपनिया, बसारिखपुर और डूहा बिहरा में लहरों की उछाल से कृषि योग्य भूमि कट कर नदी में समाहित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कटान के चलते सरयू में भूमि समाहित होने का क्रम शुरू हो चुका है। वहीं, एसडीएम अभय कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों व बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया ।
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16 घंटे में चार सेमी का हुआ घटाव
रेवती। क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर घटने लगा है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंता कुछ कम हुई है। बृहस्पतिवार को सुबह 8 बजे चांदपुर गेज पर नदी 57.62 मीटर पर बह रही थी, जबकि बुधवार की शाम 4 बजे इसी गेज पर नदी का जलस्तर 57.66 मीटर था।
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बेल्थरारोड संवाददाता के अनुसार उफनाई सरयू नदी के तेवर नरम पड़ गए हैं। पिछले 24 घंटे तक जलस्तर स्थिर रहने के बाद धीरे-धीरे घटाव का क्रम शुरू हो गया, जो बृहस्पतिवार की शाम तक जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बृहस्पतिवार को जलस्तर 64.10 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जो खतरे के निशान 64.01 मी से 0.09 मीटर अधिक है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में कमी होने का पूर्वानुमान किया है। नदी के रुख में नरमी के बाद बाढ़ की संभावना फिलहाल टल गई है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। उधर, जलस्तर में कमी के साथ तटवर्ती क्षेत्रों में कटान हो रही है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। इससे लोग चिंतित हैं।
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घटते जलस्तर के बीच कटान से लोग सहमे
सिकंदरपुर। खतरा निशान से ऊपर बह रही सरयू का तेवर कम तो हुआ है लेकिन जलस्तर में कमी की दर अभी काफी कम है। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन में जलस्तर काफी तेजी से नीचे जाएगा। लेकिन कटान का खतरा बरकरार होने से लोगों में दहशत है। खासकर खरीद, पुरुषोत्तम पट्टी, कठौड़ा, निपनिया, बसारिखपुर और डूहा बिहरा में लहरों की उछाल से कृषि योग्य भूमि कट कर नदी में समाहित होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। कटान के चलते सरयू में भूमि समाहित होने का क्रम शुरू हो चुका है। वहीं, एसडीएम अभय कुमार सिंह ने बृहस्पतिवार को भी बाढ़ प्रभावित इलाकों व बाढ़ चौकियों का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियों का जायजा लिया ।
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16 घंटे में चार सेमी का हुआ घटाव
रेवती। क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर घटने लगा है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों की चिंता कुछ कम हुई है। बृहस्पतिवार को सुबह 8 बजे चांदपुर गेज पर नदी 57.62 मीटर पर बह रही थी, जबकि बुधवार की शाम 4 बजे इसी गेज पर नदी का जलस्तर 57.66 मीटर था।