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दलों, राज्यकर्मचारियों से मांगा आंदोलन में सहयोग
ब्यूरो/अमर उजाला,बलिया
Updated Fri, 01 Apr 2016 08:22 PM IST
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सराफा कारोबारियों के समर्थन में प्रेसवार्ता करते उप्र उद्योग व्यापारमंडल के काशीजोन के अध्यक्ष लखनलाल गुप्ता।
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सराफा कारोबारियों के समर्थन में उतरे उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के काशी जोन के अध्यक्ष लखन लाल गुप्ता ने कहा कि बजट पास होने के बाद देश भर के सराफा कारोबारियों ने बढ़े एक्साइज ड्यूटी के विरोध में दूकानें बंद कर 28 से 30 दिनों तक व्यवसाय को ठप रखा।
इससेे सराफा कारीगर व मध्यम वर्ग के जुड़े लोग आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। एक निजी होटल में शुक्रवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में लखन लाल गुप्ता गुप्ता ने कहा कि एक तरफ सराफा कारोबार से जुड़े लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए है, वहीं केंद्र सरकार इससे बेअसर बनी हुई है। वहीं इस मुद्दे को लेकर तमाम राजनीतिक दल भी चुप्पी साधे हुए हैं।
दलों को व्यापारियों का हित सोचने का फुर्सत तक नहीं है। इसलिए उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय कैबिनेट पदाधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया है कि चार अप्रैल को प्रदेश में पूर्ण बंदी रखी जाएगी।
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उन्होंने राज्यकर्मचारियों और छात्र संगठनों के साथ ही राजनीतिक दलों से अनुरोध किया बंदी में सहयोग करें, जिससे सराफा व्यवसायियों के पर लगे काले कानून को हटाया जाए। इस मौके पर काशी जोन के महामंत्री लक्ष्मण सिंह, प्रांतीय सदस्य अनिल वर्मा, प्रदेश युवामंत्री रजनीकांत सिंह, प्रांतीय संगठनमंत्री सुनील सराफ, जिलाध्यक्ष अरूण कुमार गुप्ता, टुनटुन सराफ, आनंद सिंह सहित समस्त व्यापारी प्रतिनिधिमंडल के लोग रहे।
जिला स्वर्णकार संघ के कार्यालय पर सराफा कारोबारियों की बैठक शुक्रवार को हुई। जिसमें केंद्र सरकार के काले कानून विरोध में आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष घनश्याम दास जौहरी ने कहा कि गुरुवार को मशाल जुलूस निकालकर सहयोगी सराफा कारोबारियों ने केंद्र सरकार के वित्तमंत्री को अपनी ताकत का एहसास कराया है।
कहा कि वित्तमंत्री अरूण जेटली हमारी मांगें नहीं मानते है और काला कानून वापस नहीं लेते है तो हम बागी बलिया की धरती से उग्र आंदोलन खड़ा करेंगे । उन्होंने जनपद के सभी सराफा कारोबारियों से अपील किया कि अगले आंदोलन के लिए तैयार रहे। बैठक में राधेश्याम वर्मा, विनोद वर्मा, अजय सोनी, सुनील, मुनटुन, आशु वर्मा, हनुमान, विजय कुमार, संतोष वर्मा, के वड़ा बाबू आदि मौजदू रहे। संचालन विनोद वर्मा ने किया।
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इससेे सराफा कारीगर व मध्यम वर्ग के जुड़े लोग आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। एक निजी होटल में शुक्रवार को आयोजित पत्रकारवार्ता में लखन लाल गुप्ता गुप्ता ने कहा कि एक तरफ सराफा कारोबार से जुड़े लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए है, वहीं केंद्र सरकार इससे बेअसर बनी हुई है। वहीं इस मुद्दे को लेकर तमाम राजनीतिक दल भी चुप्पी साधे हुए हैं।
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दलों को व्यापारियों का हित सोचने का फुर्सत तक नहीं है। इसलिए उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के प्रांतीय कैबिनेट पदाधिकारियों की बैठक में निर्णय लिया गया है कि चार अप्रैल को प्रदेश में पूर्ण बंदी रखी जाएगी।
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उन्होंने राज्यकर्मचारियों और छात्र संगठनों के साथ ही राजनीतिक दलों से अनुरोध किया बंदी में सहयोग करें, जिससे सराफा व्यवसायियों के पर लगे काले कानून को हटाया जाए। इस मौके पर काशी जोन के महामंत्री लक्ष्मण सिंह, प्रांतीय सदस्य अनिल वर्मा, प्रदेश युवामंत्री रजनीकांत सिंह, प्रांतीय संगठनमंत्री सुनील सराफ, जिलाध्यक्ष अरूण कुमार गुप्ता, टुनटुन सराफ, आनंद सिंह सहित समस्त व्यापारी प्रतिनिधिमंडल के लोग रहे।
जिला स्वर्णकार संघ के कार्यालय पर सराफा कारोबारियों की बैठक शुक्रवार को हुई। जिसमें केंद्र सरकार के काले कानून विरोध में आंदोलन की आगे की रणनीति तैयार की गई। इस मौके पर जिलाध्यक्ष घनश्याम दास जौहरी ने कहा कि गुरुवार को मशाल जुलूस निकालकर सहयोगी सराफा कारोबारियों ने केंद्र सरकार के वित्तमंत्री को अपनी ताकत का एहसास कराया है।
कहा कि वित्तमंत्री अरूण जेटली हमारी मांगें नहीं मानते है और काला कानून वापस नहीं लेते है तो हम बागी बलिया की धरती से उग्र आंदोलन खड़ा करेंगे । उन्होंने जनपद के सभी सराफा कारोबारियों से अपील किया कि अगले आंदोलन के लिए तैयार रहे। बैठक में राधेश्याम वर्मा, विनोद वर्मा, अजय सोनी, सुनील, मुनटुन, आशु वर्मा, हनुमान, विजय कुमार, संतोष वर्मा, के वड़ा बाबू आदि मौजदू रहे। संचालन विनोद वर्मा ने किया।