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उपेक्षा का शिकार हुआ क्वारंटीन युवक, मां घर से लाती है खाना
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देश के दूसरे राज्यों के शहरों व महानगरों से आये हुए श्रमिकों को विकास खण्ड के चयनित विद्यालयों में क्वांरटीन करने की व्यवस्था की गई है,लेकिन दामोदरपुर गांव में बने क्वारंटीन केंद्र श्रीरामचन्द्र पीजी कालेज में रखें गए एक युवक को प्रशासनिक उपेक्षा का दंश क्षेलना पड़ रहा है। यह घटना कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन की तैयारियों को आईना दिखा रही है।
हालात तो तब और बदत्तर हो जाते है जब जिंदा रहने के लिए क्वारंटीन हुए युवक को अपने घर से भोजन माँगना पड़ रहा है। ऐसे में संक्रमण के फैलावा की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं इसे लेकर इलाकई पुलिस भी कम बेपरवाह नहीं है,तभी तो क्वारंटीन सेंटर पर ना तो आरक्षी की ड्यूटी लगाई गई है और ना ही युवक की निगाहबानी के लिए कोई गार्डस् तैनात किया गया है।
बता दें कि बीते दो मई को गुजरात प्रान्त के सूरत शहर से आये एक युवक को यहाँ क्वारंटीन किया गया है। उक्त युवक का कहना है कि अभी तक यहां देखभाल करने के नियुक्त किये गए दोनों सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान में से कोई भी अभी तक उसकी सुधि लेने के लिए नहीं आया है। उसकी माँ ही रोज सुबह शाम उसके लिए भोजन ले कर घर से आती है। इस संबंध में बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें शासन से भोजन कि व्यवस्था के लिए कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। बाकी शिकायतों की जांच पड़ताल कर संबंधित सचिवों, सफाईकर्मी व लेखपाल पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
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हालात तो तब और बदत्तर हो जाते है जब जिंदा रहने के लिए क्वारंटीन हुए युवक को अपने घर से भोजन माँगना पड़ रहा है। ऐसे में संक्रमण के फैलावा की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। इतना ही नहीं इसे लेकर इलाकई पुलिस भी कम बेपरवाह नहीं है,तभी तो क्वारंटीन सेंटर पर ना तो आरक्षी की ड्यूटी लगाई गई है और ना ही युवक की निगाहबानी के लिए कोई गार्डस् तैनात किया गया है।
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बता दें कि बीते दो मई को गुजरात प्रान्त के सूरत शहर से आये एक युवक को यहाँ क्वारंटीन किया गया है। उक्त युवक का कहना है कि अभी तक यहां देखभाल करने के नियुक्त किये गए दोनों सचिव, लेखपाल, ग्राम प्रधान में से कोई भी अभी तक उसकी सुधि लेने के लिए नहीं आया है। उसकी माँ ही रोज सुबह शाम उसके लिए भोजन ले कर घर से आती है। इस संबंध में बीडीओ विनोद मणि त्रिपाठी का कहना है कि उन्हें शासन से भोजन कि व्यवस्था के लिए कोई निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है। बाकी शिकायतों की जांच पड़ताल कर संबंधित सचिवों, सफाईकर्मी व लेखपाल पर उचित कार्यवाही की जाएगी।
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