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जनता की शिकायत का गुणवत्तापरक समाधान समय सीमा के भीतर हो: जिलाधिकारी
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बांसडीह (बलिया)। संपूर्ण समाधान दिवस पर बांसडीह तहसील में जिलाधिकारी अदिति सिंह व पुलिस अधीक्षक डॉ विपिन ताडा ने जनता की समस्याओं को सुना। कुल आई 150 समस्याओं में पांच का मौके पर निस्तारण कराया। शेष मामलों को संबंधित अधिकारियों को गंभीरता से लेकर निस्तारित करने की जिम्मेदारी दी।
जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समय से गुणवत्तापरक निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए जनपद को नंबर भी मिलते हैं। इसलिए जिले की बेहतर रैंकिंग के लिए जरूरी है कि समस्या का सही सटीक समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो जाए। इस अवसर पर राशन, पेंशन, अवैध कब्जा, भूमि विवाद आदि से संबंधित समस्याएं आई। जिलाधिकारी ने हर एक फरियादी को ध्यान से सुना और उनको न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया। पुलिस विभाग से जुड़ी समस्या को एसपी डॉ ताडा ने सुना और मातहतों को निर्देश दिए। एसडीएम दुष्यंत मौर्य, सीएमओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद, समाज कल्याण अधिकारी अभय सिंह, एसओसी धनराज यादव आदि रहे।
दस्तावेजों को ठीक करने को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
बलिया। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने मंगलवार को तहसील बांसडीह का मुआयना किया। कर्मचारियों की सर्विस बुक, जीपीएफ पासबुक अधूरा होने और आवासीय व मत्स्य पट्टा से जुड़े दस्तावेेज अपडेट नहीं होने पर नाराजगी जताई। सुधारने के लिए 15 दिन का समय तो दिया ही, साथ में एसडीएम-तहसीलदार व पटल सहायकों को उनके कार्य से जुड़े अहम टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि तहसील में जिस कर्मी को जो जिम्मेदारी दी गई है, उससे जुड़े कार्य को हमेशा अपडेट रखें।
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आवासीय व मत्स्य पट्टा संबंधी लक्ष्य की जानकारी ली और दस्तावेज देखा। आवासीय पट्टा के रजिस्टर में वर्ष 2017-18 के बाद कोई इंट्री नहीं होने, वर्तमान वर्ष में मत्स्य का कोई पट्टा नहीं होने और लगान जमा कराने में लापरवाही पर तहसीलदार को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया। एसडीएम को निर्देश दिया कि पट्टेदार का मौके पर कब्जा व लगान जमा हुआ या नहीं, इसका पुन: सत्यापन कर रिपोर्ट दें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम व महिला हेल्प डेस्क के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान लेखपालों की पांच-पांच सर्विस बुक व जीपीएफ पासबुक उठाकर चेक किया तो अधूरा मिलने पर उन्हें पूरा करने का को कहा।
कार्यशैली से नाराज डीएम अदिति सिंह ने एसडीएम-तहसीलदार को तहसील के प्रमुख दायित्व के बारे में समझाया। कहा, किसी आपदा में जनता तक राहत पहुंचाना, हर राशन कार्डधारक को ससमय राशन दिलवाना, आवंटित पट्टा पर ससमय कब्जा दिलवाना, अपनी शिकायत लेकर तहसील आने वाले हर फरियादी को न्याय दिलाना प्रमुख कार्य है। संग्रह अनुभाग में निरीक्षण के दौरान वसूली की खराब प्रगति पर कहा कि अमीनों में बराबर-बराबर जिम्मेदारी दें और हर हप्ते समीक्षा करें। वसूली संबंधी दाखिले के विशेष दिन की कार्यवाही के बाबत पूछताछ की। कहा, 15 दिन बाद यहां की प्रगति सुधार कर अवगत कराएं।
ब्लॉक के निरीक्षण में तमाम कमियां मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। कमियों को दूर करने के लिए एक हप्ते के अल्टीमेटम दिया। लघु सिंचाई विभाग द्वारा नि:शुल्क बोरिंग की प्रगति, पेंशन आवेदन के सत्यापन की स्थिति, बीमा योजना में काफी खराब स्थिति होने पर सुधार लाने की कड़ी हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अभिलेख भी अपडेट नहीं मिले।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कर्मचारी अपने दायित्व को समझें और अपना काम समय पर दुरुस्त रखें। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि अपने अधीनस्थों के कार्य पर नजर रखें। एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि ब्लॉक के हर गांव में हैंडपम्प व ट्रांसफार्मर की क्या हालत है, इसकी रिपोर्ट दें। सिर्फ कार्यालय में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में भी भ्रमण कर अपना काम ठीक से करें। निरीक्षण के दौरान सीडीओ डॉ विपिन जैन, पीडी डीएन दूबे आदि रहे।
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जिलाधिकारी ने सभी जिलास्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनता की समस्याओं का समय से गुणवत्तापरक निस्तारण सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए जनपद को नंबर भी मिलते हैं। इसलिए जिले की बेहतर रैंकिंग के लिए जरूरी है कि समस्या का सही सटीक समाधान निर्धारित समय सीमा के भीतर हो जाए। इस अवसर पर राशन, पेंशन, अवैध कब्जा, भूमि विवाद आदि से संबंधित समस्याएं आई। जिलाधिकारी ने हर एक फरियादी को ध्यान से सुना और उनको न्याय दिलाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया। पुलिस विभाग से जुड़ी समस्या को एसपी डॉ ताडा ने सुना और मातहतों को निर्देश दिए। एसडीएम दुष्यंत मौर्य, सीएमओ डॉ राजेन्द्र प्रसाद, समाज कल्याण अधिकारी अभय सिंह, एसओसी धनराज यादव आदि रहे।
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दस्तावेजों को ठीक करने को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम
बलिया। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने मंगलवार को तहसील बांसडीह का मुआयना किया। कर्मचारियों की सर्विस बुक, जीपीएफ पासबुक अधूरा होने और आवासीय व मत्स्य पट्टा से जुड़े दस्तावेेज अपडेट नहीं होने पर नाराजगी जताई। सुधारने के लिए 15 दिन का समय तो दिया ही, साथ में एसडीएम-तहसीलदार व पटल सहायकों को उनके कार्य से जुड़े अहम टिप्स भी दिए। उन्होंने कहा कि तहसील में जिस कर्मी को जो जिम्मेदारी दी गई है, उससे जुड़े कार्य को हमेशा अपडेट रखें।
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आवासीय व मत्स्य पट्टा संबंधी लक्ष्य की जानकारी ली और दस्तावेज देखा। आवासीय पट्टा के रजिस्टर में वर्ष 2017-18 के बाद कोई इंट्री नहीं होने, वर्तमान वर्ष में मत्स्य का कोई पट्टा नहीं होने और लगान जमा कराने में लापरवाही पर तहसीलदार को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया। एसडीएम को निर्देश दिया कि पट्टेदार का मौके पर कब्जा व लगान जमा हुआ या नहीं, इसका पुन: सत्यापन कर रिपोर्ट दें। पब्लिक एड्रेस सिस्टम व महिला हेल्प डेस्क के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान लेखपालों की पांच-पांच सर्विस बुक व जीपीएफ पासबुक उठाकर चेक किया तो अधूरा मिलने पर उन्हें पूरा करने का को कहा।
कार्यशैली से नाराज डीएम अदिति सिंह ने एसडीएम-तहसीलदार को तहसील के प्रमुख दायित्व के बारे में समझाया। कहा, किसी आपदा में जनता तक राहत पहुंचाना, हर राशन कार्डधारक को ससमय राशन दिलवाना, आवंटित पट्टा पर ससमय कब्जा दिलवाना, अपनी शिकायत लेकर तहसील आने वाले हर फरियादी को न्याय दिलाना प्रमुख कार्य है। संग्रह अनुभाग में निरीक्षण के दौरान वसूली की खराब प्रगति पर कहा कि अमीनों में बराबर-बराबर जिम्मेदारी दें और हर हप्ते समीक्षा करें। वसूली संबंधी दाखिले के विशेष दिन की कार्यवाही के बाबत पूछताछ की। कहा, 15 दिन बाद यहां की प्रगति सुधार कर अवगत कराएं।
ब्लॉक के निरीक्षण में तमाम कमियां मिलने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। कमियों को दूर करने के लिए एक हप्ते के अल्टीमेटम दिया। लघु सिंचाई विभाग द्वारा नि:शुल्क बोरिंग की प्रगति, पेंशन आवेदन के सत्यापन की स्थिति, बीमा योजना में काफी खराब स्थिति होने पर सुधार लाने की कड़ी हिदायत दी। निरीक्षण के दौरान अभिलेख भी अपडेट नहीं मिले।
जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कर्मचारी अपने दायित्व को समझें और अपना काम समय पर दुरुस्त रखें। खंड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि अपने अधीनस्थों के कार्य पर नजर रखें। एडीओ पंचायत को निर्देश दिया कि ब्लॉक के हर गांव में हैंडपम्प व ट्रांसफार्मर की क्या हालत है, इसकी रिपोर्ट दें। सिर्फ कार्यालय में ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में भी भ्रमण कर अपना काम ठीक से करें। निरीक्षण के दौरान सीडीओ डॉ विपिन जैन, पीडी डीएन दूबे आदि रहे।