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Ballia News: न्याय की मांग पर अड़ा परिवार, बेटी ने दी सीएम आवास के बाहर आत्मदाह की चेतावनी
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उभांव थाना क्षेत्र के दोथ गांव निवासी मृतक पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह के चित्र के सम
चौकियामोड़। पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के आठ दिन बाद भी परिवार न्याय की मांग पर अड़ा है। परिवार का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई से वे संतुष्ट नहीं हैं।
बेटी रितिका सिंह ने कहा कि एक आरोपी के न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद उसे जेल भेज दिया गया, जबकि दूसरा आरोपी अब भी फरार है। उन्होंने आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।
31 मार्च को वीआरएस लेने के बाद अमरेश ने गांव में परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करने का सपना देखा था। उन्होंने देशी-विदेशी नस्ल की गायों के साथ डेयरी फार्म शुरू किया था। छोटे भाई मंगेश बहादुर सिंह के साथ मिलकर फार्म को आगे बढ़ा रहे थे। इसी बीच गाली गलौज का विरोध करने पर पड़ोसियों ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
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मंत्री के आश्वासन पर हुआ था अंतिम संस्कार
रितिका ने कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान परिवहन मंत्री की ओर से परिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर परिवार ने अंतिम संस्कार किया। अब परिवार मुख्यमंत्री से मुलाकात और न्याय की मांग कर रहा है। रितिका ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो वह परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगी। पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई और परिवार के आरोपों पर आधिकारिक पक्ष लिया जाना बाकी है।
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बेटी रितिका सिंह ने कहा कि एक आरोपी के न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद उसे जेल भेज दिया गया, जबकि दूसरा आरोपी अब भी फरार है। उन्होंने आरोपियों के घर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की है।
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31 मार्च को वीआरएस लेने के बाद अमरेश ने गांव में परिवार के साथ नई जिंदगी शुरू करने का सपना देखा था। उन्होंने देशी-विदेशी नस्ल की गायों के साथ डेयरी फार्म शुरू किया था। छोटे भाई मंगेश बहादुर सिंह के साथ मिलकर फार्म को आगे बढ़ा रहे थे। इसी बीच गाली गलौज का विरोध करने पर पड़ोसियों ने चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई।
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मंत्री के आश्वासन पर हुआ था अंतिम संस्कार
रितिका ने कहा कि अंतिम संस्कार के दौरान परिवहन मंत्री की ओर से परिवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर परिवार ने अंतिम संस्कार किया। अब परिवार मुख्यमंत्री से मुलाकात और न्याय की मांग कर रहा है। रितिका ने कहा कि मांग पूरी नहीं हुई तो वह परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होंगी। पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई और परिवार के आरोपों पर आधिकारिक पक्ष लिया जाना बाकी है।