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परीक्षा के पहले ही दिन शुचिता तार-तार
ब्यूरो, अमर उजाला, बलिया
Updated Thu, 19 Feb 2015 10:19 PM IST
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उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा गुरुवार को आयोजित बोर्ड परीक्षा में जनपद के 324 केंद्रों पर छात्रों ने परीक्षा दी। इस दौरान स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सचल दस्ते की टीम ने विभिन्न विद्यालयों का निरीक्षण किया। कई परीक्षा केंद्रों पर छात्रों की तलाशी ली गई।
बावजूद इसके नकल माफिया सक्रिय रहे, जिससे परीक्षा की शुचिता पहले ही दिन तार तार हो गई। पहले से नकल के लिए चर्चित परीक्षा केंद्रों पर इस बार भी नकल माफिया पूरी तरह से सक्रिय रहे। केंद्र पर सुविधा शुल्क देने वाले छात्रों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
हिंदी के प्रथम प्रश्नपत्र के दिन ही नकल माफियाओं का हौवा केंद्रों पर रहा। ऐसे में कई सेंटरों पर छात्रों ने बेखौफ होकर नकल किया। आलम यह रहा कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर सीसी टीवी कैमरा न लगने से सुविधा पहुंचाने का खेल भी जारी रहा।
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जनपद के करीब 15 फीसदी से अधिक केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने जमीन पर बैठकर ही परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों के गलत निर्धारण से अधिकारी भी बेबस दिखे। इसी क्रम में राम सिंहासन किसान इंटर कालेज दुबहर में हाईस्कूल की परीक्षा में 434 छात्रों में से 411 ही उपस्थित रहे। जबकि 23 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
रसड़ा क्षेत्र के परसिया स्थित संत फ्रांसिस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पर हाईस्कूल की बोर्ड परीक्ष में दूसरे के नाम पर परीक्षा देते हुए पांच मुन्नाभाई पकड़े गए। केंद्र व्यवस्थापक ने कोतवाली में तहरीर देकर पांचों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करा दिया।
बोर्ड से जारी प्रवेश पत्र पर अपना फोटो स्कैनिंग कराकर लगा दिए थे और फर्जी ढंग से केंद्र पर पहुंचकर परीक्षा दे रहे। इसी बीच केंद्र व्यवस्थापक ने अपने केंद्र की मूल प्रवेश पत्र से मिलान किया तो पाया कि पांच छात्र किसी अन्य की जगह पर फोटो बदलकर परीक्षा दे रहे थे। केंद्र व्यवस्थापक ने मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को बुलाकर पांच फर्जी छात्रों को कोतवाली भेज दिया।
उनके खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस के अनुसार संतोष सिंह के जगह दीपक सिंह, राधेश्याम खरवार की जगह अमीत, ओशपाल सिंह की जगह मुकेश चौहान, अतुल कुमार की जगह प्रमोद चौहान, जबकि मनोज कुमार की जगह गुलशन राम परीक्षा देते हुए पकड़े गए। पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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बावजूद इसके नकल माफिया सक्रिय रहे, जिससे परीक्षा की शुचिता पहले ही दिन तार तार हो गई। पहले से नकल के लिए चर्चित परीक्षा केंद्रों पर इस बार भी नकल माफिया पूरी तरह से सक्रिय रहे। केंद्र पर सुविधा शुल्क देने वाले छात्रों के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी।
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हिंदी के प्रथम प्रश्नपत्र के दिन ही नकल माफियाओं का हौवा केंद्रों पर रहा। ऐसे में कई सेंटरों पर छात्रों ने बेखौफ होकर नकल किया। आलम यह रहा कि किसी भी परीक्षा केंद्र पर सीसी टीवी कैमरा न लगने से सुविधा पहुंचाने का खेल भी जारी रहा।
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जनपद के करीब 15 फीसदी से अधिक केंद्रों पर परीक्षार्थियों ने जमीन पर बैठकर ही परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों के गलत निर्धारण से अधिकारी भी बेबस दिखे। इसी क्रम में राम सिंहासन किसान इंटर कालेज दुबहर में हाईस्कूल की परीक्षा में 434 छात्रों में से 411 ही उपस्थित रहे। जबकि 23 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।
रसड़ा क्षेत्र के परसिया स्थित संत फ्रांसिस उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पर हाईस्कूल की बोर्ड परीक्ष में दूसरे के नाम पर परीक्षा देते हुए पांच मुन्नाभाई पकड़े गए। केंद्र व्यवस्थापक ने कोतवाली में तहरीर देकर पांचों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करा दिया।
बोर्ड से जारी प्रवेश पत्र पर अपना फोटो स्कैनिंग कराकर लगा दिए थे और फर्जी ढंग से केंद्र पर पहुंचकर परीक्षा दे रहे। इसी बीच केंद्र व्यवस्थापक ने अपने केंद्र की मूल प्रवेश पत्र से मिलान किया तो पाया कि पांच छात्र किसी अन्य की जगह पर फोटो बदलकर परीक्षा दे रहे थे। केंद्र व्यवस्थापक ने मौके पर ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मियों को बुलाकर पांच फर्जी छात्रों को कोतवाली भेज दिया।
उनके खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस के अनुसार संतोष सिंह के जगह दीपक सिंह, राधेश्याम खरवार की जगह अमीत, ओशपाल सिंह की जगह मुकेश चौहान, अतुल कुमार की जगह प्रमोद चौहान, जबकि मनोज कुमार की जगह गुलशन राम परीक्षा देते हुए पकड़े गए। पांचों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।