साइबर ठगी: पुलिसकर्मी का नंबर भी एक घंटे रहा हैक, एपीके फाइल भेजकर किया खेल; आरटीओ चालान के नाम पर मेसेज
एपीके फाइल के जरिए साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं। बुधवार को एक पुलिसकर्मी का वाट्सएप नंबर करीब एक घंटे हैक रहा और उसके नंबर से आरटीओ चालान के नाम पर संदेश भेजे गए। चार माह में 22 से अधिक मामले सामने आए। पुलिस ने अनजान लिंक और एपीके फाइल से बचने और ठगी पर 1930 पर शिकायत की अपील की।
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साइबर ठग अब लोगों के मोबाइल और बैंक खातों में सेंध लगाने के लिए एपीके फाइलों का इस्तेमाल कर रहे हैं। बुधवार को एक पुलिसकर्मी का वाट्सएप नंबर भी करीब एक घंटे तक साइबर ठगों के कब्जे में रहा। इस दौरान उसके नंबर से कई वाट्सएप ग्रुपों में आरटीओ चालान के नाम पर संदिग्ध संदेश भेजे गए। परिचितों के फोन करने पर पुलिसकर्मी को अपने नंबर के हैक होने की जानकारी हुई।
पुलिसकर्मी ने बताया कि उसने किसी भी ग्रुप या व्यक्ति को इस तरह का संदेश नहीं भेजा था। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि उसका मोबाइल नंबर करीब एक घंटे तक साइबर ठगों ने अपने नियंत्रण में रखा। इस दौरान उसके कई परिचितों के व्यक्तिगत नंबर पर भी संदिग्ध संदेश भेजे गए। घटना के बाद पुलिसकर्मियों और आम लोगों में साइबर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, पिछले चार माह में बलिया जिले में एपीके फाइल के जरिये साइबर ठगी के 22 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। ठग अलग-अलग बहानों से लोगों के मोबाइल पर एपीके फाइल भेज रहे हैं। लगन के दौरान शादी का डिजिटल कार्ड बताकर भेजी गई संदिग्ध एपीके फाइल के जरिये बैरिया, सदर कोतवाली, रसड़ा, नगरा, उभांव और सिकंदरपुर क्षेत्र में कई लोग ठगी का शिकार हुए।
पुलिस के अनुसार, इन मामलों में आधे से अधिक पीड़ितों ने ठगी के बाद तत्परता दिखाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। समय रहते शिकायत मिलने से कई मामलों में ठगी की रकम को होल्ड कराया गया। पुलिस की कार्रवाई के बाद कई पीड़ितों के खाते में रकम वापस भी कराई गई।
साइबर अपराध के नोडल एएसपी दक्षिणी संजय वर्मा ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि वाट्सएप या किसी अन्य माध्यम से आए अनजान लिंक पर बिना जांचे क्लिक न करें। अज्ञात एपीके फाइल को डाउनलोड करने से भी बचें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी होने पर समय गंवाए बिना तुरंत 1930 पर फोन कर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि रकम को समय रहते होल्ड कराने की कार्रवाई की जा सके।