बलिया: चार हजार बेरोजगार युवाओं से छह करोड़ की ठगी के केस 13 पर FIR, 40 हजार ली थी सिक्योरिटी मनी; जांच शुरू
दो साल पुराने चार हजार बेरोजगार युवाओं से करीब छह करोड़ रुपये की ठगी के मामले में 13 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि संस्था खोलकर गांवों में प्रचार किया गया और दो पंचायत विकास प्रबंधकों की नियुक्ति के नाम पर युवाओं से 40 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी ली गई। बदले में 15 हजार रुपये मासिक वेतन का भरोसा दिया गया था।
विस्तार
बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के तीखमपुर में संचालित फर्जी संस्था के जरिये सरकारी नौकरी का झांसा देकर चार हजार से ज्यादा युवाओं से करीब छह करोड़ रुपये की ठगी के मामले में न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने 8 नामजद, 5 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की है।
दो साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट के आदेश के बाद बांसडीहरोड पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। परसपुर गांव निवासी राजेश कन्नौजिया ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि बजहां निवासी वेद प्रकाश तिवारी, अक्षयवर तिवारी, चंद्र प्रकाश तिवारी, गौरव तिवारी, मणि प्रकाश तिवारी समेत चार-पांच अज्ञात लोगों ने तीखमपुर स्थित मकान में लघु उद्योग विकास परिषद उज्ज्वला शिक्षा मिशन व औद्योगिक प्रशिक्षण महिला विकास योजना नाम से संस्था संचालित की।
ये है आरोप
आरोप है कि संस्था के माध्यम से गांव-गांव प्रचार कराया गया कि सरकार प्रत्येक गांव में दो पंचायत विकास प्रबंधकों की नियुक्ति करेगी। इसके लिए 40 हजार रुपये सिक्योरिटी मनी जमा करने पर 15 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन देने का भरोसा दिया था।
राजेश के अनुसार वह आरोपियों के झांसे में आ गया और ई-रिक्शा बेचकर 40 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद उसे नियुक्ति पत्र देकर कथित तौर पर काम भी कराया गया। बाद में संस्था की वास्तविकता सामने आने पर उसे पता चला कि नरेन्द्र शुक्ला, प्रीति शुक्ला, अखिलेश तिवारी सहित चार हजार से अधिक लोगों से इसी तरह रुपये लिए गए।
आरोप है कि 25 अक्तूबर 2025 को रुपये वापस मांगने कार्यालय पहुंचने पर आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी और बाद में कार्यालय बंद कर भाग गए। घर पहुंचने पर हरेराम, प्रभुनाथ और ओमकार पर भी धमकी देने का आरोप लगाया गया है। स्थानीय पुलिस व पुलिस अधीक्षक स्तर से कार्रवाई नहीं होने पर राजेश ने न्यायालय की शरण ली। थानाध्यक्ष वंश बहादुर सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
ठगी के मामले
केस 1 : सदर कोतवाली सहित चार थानों में जनवरी 2026 में विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज और न्यूजीलैंड का वीजा देने का आरोप था। युवकों से 1.60 करोड़ रुपये की ठगी में 12 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी अनुराग सिंह को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार किया।
केस 2 : सदर कोतवाली में अक्तूबर 2024 में रेलवे में नौकरी व ठेका दिलाने के नाम पर ठगी का मामला आया। वाराणसी में तैनात एसआई के बेटे को रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये लेने का आरोप। आरोपी राजीव रंजन मिश्र को पुलिस ने गिरफ्तार किया।
केस 3 : दोकटी थाना के लालगंज में सरकारी सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में 20 शिक्षकों को नौकरी दिलाने के नाम पर 1.15 करोड़ रूपया धोखाधड़ी का मामला सितंबर 2025 में आया। शिक्षा विभाग के तीन अधिकारियों समेत 16 लोगों पर पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किया।
संस्था या नौकरी के नाम पर ठगों से बचने के तरीके
- कंपनी, एजेंसी या भर्ती संगठन की मान्यता, पंजीकरण और वास्तविक कार्यालय की जानकारी जरूर सत्यापित करें।
- नौकरी का विज्ञापन संबंधित विभाग/कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है या नहीं, इसकी जांच करें।
- नौकरी लगवाने, इंटरव्यू, नियुक्ति पत्र, मेडिकल या ट्रेनिंग के नाम पर मांगे गए पैसे को बिना सत्यापन के जमा न करें।
- नियुक्ति पत्र पर विभाग का नाम, लोगो, अधिकारी के हस्ताक्षर और पत्र संख्या देखकर ही भरोसा करें। संबंधित विभाग से सीधे पुष्टि करें।
- किसी व्यक्ति के यह कहने पर कि उसकी अधिकारियों से पहचान है और वह नौकरी लगवा देगा, पैसे न दें।
- पासपोर्ट, वीजा, नौकरी का ऑफर और एजेंसी की वैधता की जांच करें। विदेश भेजने वाली एजेंसी का पंजीकरण भी सत्यापित करें।
- आकर्षक वेतन और बिना परीक्षा सरकारी नौकरी जैसे दावों की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि करें।
- किसी वैध संस्था को शुल्क देना जरूरी हो तो केवल आधिकारिक माध्यम से भुगतान करें और रसीद सुरक्षित रखें।
- चैट, मोबाइल नंबर, बैंक ट्रांजेक्शन, रसीद, नियुक्ति पत्र और विज्ञापन के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।