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प्रधानाध्यापक और शिक्षक निलंबित
ballia
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:30 PM IST
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स्कूल
- फोटो : Amar Ujala
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने मंगलवार को प्रधानाध्यापक समेत दो शिक्षकों को निलंबित कर दिया। इन शिक्षकों पर पदेन जिम्मेदारी का निर्वहन न करने के अलावा कागजों में गड़बड़ी करने के साथ ही अध्यापक सेवा नियमावली का उल्लंघन करने का आरोप है। बीएसए की इस कार्रवाई की चर्चा होती रही।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र गड़वार के उच्च प्राथमिक विद्यालय बिसुकिया पर तैनात प्रधानाध्यापक अमरनाथ राम द्वारा अपने सहायक अध्यापक रविशंकर यादव का हस्ताक्षर अनुपस्थिति के बाद भी बनवाया जा रहा था। यही नहीं कूटरचित उपस्थिति भी उनके द्वारा प्रस्तुत की जा रही थी। वही, सहायक अध्यापक रविशंकर यादव पर अभिलेखों में हेराफेरी व विभागीय आदेशों का पालन न करने की शिकायत मिली थी।
इसकी शिकायत उन्हें मिली थी। जिस पर उन्होंने जांच का आदेश दिया था। जांचोपरांत खंड शिक्षा अधिकारी ने जो आख्या दी, उसमें प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक दोनों ही दोषी मिले, लिहाजा दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया। बीएसए ने बताया कि निलम्बन अवधि में इन शिक्षकों को जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि मिलती रहेगी। प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी बैरिया अनिल कुमार को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी ड्यूटी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होनें शिक्षकों को चेताया कि अगर वह गैरहाजिर रहते हैं तो उन्हें इसके लिए प्रार्थनापत्र देना चाहिए।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने बताया कि शिक्षा क्षेत्र गड़वार के उच्च प्राथमिक विद्यालय बिसुकिया पर तैनात प्रधानाध्यापक अमरनाथ राम द्वारा अपने सहायक अध्यापक रविशंकर यादव का हस्ताक्षर अनुपस्थिति के बाद भी बनवाया जा रहा था। यही नहीं कूटरचित उपस्थिति भी उनके द्वारा प्रस्तुत की जा रही थी। वही, सहायक अध्यापक रविशंकर यादव पर अभिलेखों में हेराफेरी व विभागीय आदेशों का पालन न करने की शिकायत मिली थी।
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इसकी शिकायत उन्हें मिली थी। जिस पर उन्होंने जांच का आदेश दिया था। जांचोपरांत खंड शिक्षा अधिकारी ने जो आख्या दी, उसमें प्रथम दृष्टया प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक दोनों ही दोषी मिले, लिहाजा दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया गया। बीएसए ने बताया कि निलम्बन अवधि में इन शिक्षकों को जीवन निर्वाह भत्ते की धनराशि मिलती रहेगी। प्रकरण की जांच खंड शिक्षा अधिकारी बैरिया अनिल कुमार को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को अपनी ड्यूटी का निर्वहन पूरी ईमानदारी से निभाना चाहिए। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होनें शिक्षकों को चेताया कि अगर वह गैरहाजिर रहते हैं तो उन्हें इसके लिए प्रार्थनापत्र देना चाहिए।
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