फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Ballia News ›   Pokhre are losing their existence

अस्तित्व खो रहे हैं पोखरे

Wed, 07 Feb 2018 11:23 PM IST
ballia
ballia Updated Wed, 07 Feb 2018 11:23 PM IST
विज्ञापन
Pokhre are losing their existence
रतसर कस्बा स्थित बदहाल पड़ा बैजू पुर का पोखरा। - फोटो : अमर उजाला
संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक माने जाने वाले तालाब और पोखरे बदहाल है। जल संरक्षण के साथ तालाब व पोखरों को संरक्षित करने का प्रदेश सरकार का फरमान हवा हवाई साबित हो रहा है। तालाब और सरोवर धीरे-धीरे अस्तित्व खोते जा रहे है लेकिन इनको बचाने का प्रयास कहीं से भी नहीं हो रहा है।
विज्ञापन


आज भी कई तरह के पूजा पाठ धार्मिक अनुष्ठान इन तालाबों के तट पर ही किए जाते है। आर्थिक संपन्नता के चलते जहां लोगों में तालाबों के प्रति बेरूखी है वहीं इनका लगातार अतिक्रमण होने से इनका अस्तित्व खतरे में है। कसबा क्षेत्र के सभी दिशाओं में पक्के घाट वाले पोखरे कन्या जी का पोखरा , बैजूपुर का पोखरा, बीका भगत का पोखरा, बाबा का पोखरा , नागा जी पोखरा सहित निकटवर्ती जनऊ पुर का ऐतिहासिक पोखरा शासन प्रशासन की अनदेखी से आज अपना अस्तित्व धीरे-धीरे खोते जा रहे है। दशकों पूर्व तक इन पोखरों में नहाने के लिए लोगों की भीड़ जुटती थी। वर्तमान में इन पोखरों के रख-रखाव के चलते जलकूम्भी से पानी स्नान करने लायक नहीं रह गया है। इन पोखरों के आसपास गंदगी का अंबार लगा हैं। पक्के घाट टूट-टूट कर जमींदोज होते जा रहे है।
विज्ञापन


जनऊ पुर स्थित पोखरे के जीर्णोद्धार के लिए बीते नवंबर में गांव आये मंत्री उपेंद्र तिवारी ने मंच से घोषणा की कि जल्द ही पोखरे की बाउंड्री बनाने के साथ कायाकल्प किया जायेगा। लेकिन आजतक इस दिशा में कुछ भी ना होने से गांववासी मायूस है। गांव निवासी धनेश पाण्डेय , करीमन राम, मानवेंद्र पाण्डेय, मनोज  आदि ने संबंधित विभाग सहित डीएम से क्षेत्र के पोखरों व तालाबों को संरक्षित करने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed