जान देकर चुकाई वफादारी की कीमत: घर में सोता रहा परिवार, जहरीले सांप से लड़ती रही 'काजल', सुबह थम गई सांसें
Ballia News: बलिया जिले में एक पालतू जर्मन शेफर्ड 'काजल' ने परिवार की रक्षा करने के लिए अपनी जान गवां दी। उसने सांप को घर के अंदर जाने से पहले ही संघर्ष कर उसे मार डाला, लेकिन सुबह होते ही उसकी तबियत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाने तक वह मर चुकी थी।
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बलिया जिले के सहतवार थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में एक पालतू जर्मन शेफर्ड 'काजल' ने परिवार की रक्षा करते हुए बहादुरी का परिचय दिया। बुधवार देर रात घर में घुसे एक विषैले सांप से उसने अकेले ही लंबी लड़ाई लड़ी और उसे मार डाला। हालांकि इस संघर्ष में सांप के डसने से 'काजल' खुद गंभीर रूप से घायल हो गई। बृहस्पतिवार सुबह उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिवार उसे पशु चिकित्सालय लेकर पहुंचा, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्या है पूरा मामला
बुधवार देर रात पीयूष तिवारी का पूरा परिवार घर में सो रहा था। इसी दौरान एक विषैला सांप बाउंड्री के भीतर घुस आया। परिवार को खतरे का एहसास होने से पहले ही घर की रखवाली कर रही जर्मन शेफर्ड 'काजल' ने सांप का सामना कर लिया। रात के सन्नाटे में काफी देर तक दोनों के बीच संघर्ष चलता रहा। आखिरकार काजल ने सांप को मार दिया और परिवार को संभावित बड़े हादसे से बचा लिया, लेकिन इस दौरान वह जहरीले दंश का शिकार हो गई।
बृहस्पतिवार सुबह उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। परिजन तत्काल उसे पशु चिकित्सालय ले गए, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
काजल के मालिक पीयूष तिवारी ने बताया कि वह सिर्फ पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार की सदस्य थी। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी काजल दो बार घर में घुसे जहरीले सांप को मारकर परिवार की जान बचा चुकी थी। इस बार भी उसने अपने कर्तव्य से पीछे हटना स्वीकार नहीं किया और परिवार की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। काजल की मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
गांव के लोगों ने भी उसकी बहादुरी और वफादारी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। ग्रामीणों का कहना है कि उसने जिस साहस और समर्पण के साथ परिवार की रक्षा की, वह इन्सान और पशु के बीच अटूट विश्वास और निस्वार्थ प्रेम का ऐसा उदाहरण है, जिसे बरियारपुर लंबे समय तक याद रखेगा।