बलिया। पितृपक्ष में रविवार को गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह से ही लोग अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और तर्पण में लगे रहे। महावीरघाट, माल्देपुर गंगा घाट, पचरुखिया समेत अन्य घाटों पर तड़के से ही पिंडदान करने वाले पहुंच गए।
पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पिंडदान कराया। श्रद्धालुओं ने गंगा में स्नान कर तिल, जौ, कुश और जल से तर्पण किया। मान्यता है कि पितृपक्ष में गंगा तट पर पिंडदान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
दूर-दराज से आए लोगों ने भी अपने पूर्वजों के नाम का पिंडदान किया। कई श्रद्धालु परिवार के साथ घाट पर पहुंचे और पुरोहितों के मंत्रोच्चार के बीच पिंडदान की रस्म पूरी की। इसके बाद गंगा में तर्पण कर पूर्वजों की आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। घाटों पर धार्मिक माहौल बना रहा और दिनभर गंगा तट पर मंत्रोच्चार गूंजता रहा।