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पेपर लीक मामला ः निलंबित डीआईओएस की मुश्किलें बढ़ीं
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बलिया। यूपी बोर्ड पेपर लीक मामले में निलंबित तत्कालीन डीआईओएस डॉ. बृजेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। शासन के निर्देश पर उनकी आय और संपत्तियों की जांच शुरू हो चुकी है। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान के एसपी ने इस बारे में माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक को पत्र भेजकर डॉ. बृजेश कुमार मिश्रा के संबंध में पांच बिंदुओं पर सूचनाएं तलब की हैं।
उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के एसपी डा. अरविद चतुर्वेदी ने पत्र में कहा है कि डा. मिश्रा की परिसंपत्तियों की जांच की जा रही है। इस संबंध में उनके सेवा अभिलेख, सेवा में नियुक्ति के समय और समय-समय पर दिए गए परिसंपत्ति संबंधी घोषणापत्र, निलंबित डीआईओएस का वेतन विवरण एवं फार्म-16, लागू आचरण नियमावली एवं दंड और अपील नियमावली, पैन और आधार कार्ड का विवरण तलब किया है। सभी अभिलेखों की प्रमाणित छाया प्रति तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा, जांच में सहयोग के लिए विभाग से सक्षम अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित कर कार्यालय को अवगत कराने को कहा है।
30 मार्च को यूपी बोर्ड की 12वीं का अंग्रेजी पेपर लीक होने के मामले में बलिया के तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक डा. मिश्रा को निलंबित कर जेल भेजा गया था। लगभग एक सप्ताह पहले उन्हें जमानत मिल गई थी। उनके पास कई जिलों में अकूत संपत्ति होने की बातें पिछले दिनों सामने आई थीं। प्रभारी डीआईओएस अतुल तिवारी ने बताया कि पेपर लीक मामले में निलंबित डीआईओएस डॉ. मिश्रा की परिसंपत्तियों की जांच से संबंधित विजिलेंस के पत्र की जानकारी मिली है। इस संबंध में जो अभिलेख मांगे जाएंगे, उसे विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
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पेपर लीक मामले में कोर कमेटी की हुई बैठक
बलिया। इंटरमीडिएट अंग्रेजी पेपर लीक मामले में जनपद के तीन निर्दोष पत्रकारों को फर्जी मुकदमे में फंसाने के मामले में केस वापसी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर बृहस्पतिवार को शहर के बहेरी में कोर कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान अभी तक मुकदमा वापसी और डीएम और एसपी पर कार्रवाई को लेकर कोई निर्णय न होने पर मंथन किया गया और आंदोलन की अगली रणनीति तय की गई।
पेपर लीक मामले में तीन पत्रकारों को फंसाने के खिलाफ पत्रकार संयुक्त पत्रकार मोर्चा आंदोलनरत है। 27 मार्च को शासन को मुकदमा वापसी और दोषी डीएम और एसपी पर कार्रवाई को लेकर दो सप्ताह का समय देते हुए आंदोलन को स्थगित किया गया था। इस बीच मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार को अगली रणनीति के लिए कोर कमेटी की बैठक हुई। कमेटी ने जल्द ही अगली बैठक में आंदोलन की रणनीति का खुलासा करने की बात कही है।
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उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ के एसपी डा. अरविद चतुर्वेदी ने पत्र में कहा है कि डा. मिश्रा की परिसंपत्तियों की जांच की जा रही है। इस संबंध में उनके सेवा अभिलेख, सेवा में नियुक्ति के समय और समय-समय पर दिए गए परिसंपत्ति संबंधी घोषणापत्र, निलंबित डीआईओएस का वेतन विवरण एवं फार्म-16, लागू आचरण नियमावली एवं दंड और अपील नियमावली, पैन और आधार कार्ड का विवरण तलब किया है। सभी अभिलेखों की प्रमाणित छाया प्रति तत्काल उपलब्ध कराने को कहा है। इसके अलावा, जांच में सहयोग के लिए विभाग से सक्षम अधिकारी को नोडल अधिकारी नामित कर कार्यालय को अवगत कराने को कहा है।
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30 मार्च को यूपी बोर्ड की 12वीं का अंग्रेजी पेपर लीक होने के मामले में बलिया के तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक डा. मिश्रा को निलंबित कर जेल भेजा गया था। लगभग एक सप्ताह पहले उन्हें जमानत मिल गई थी। उनके पास कई जिलों में अकूत संपत्ति होने की बातें पिछले दिनों सामने आई थीं। प्रभारी डीआईओएस अतुल तिवारी ने बताया कि पेपर लीक मामले में निलंबित डीआईओएस डॉ. मिश्रा की परिसंपत्तियों की जांच से संबंधित विजिलेंस के पत्र की जानकारी मिली है। इस संबंध में जो अभिलेख मांगे जाएंगे, उसे विभाग को उपलब्ध कराया जाएगा।
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पेपर लीक मामले में कोर कमेटी की हुई बैठक
बलिया। इंटरमीडिएट अंग्रेजी पेपर लीक मामले में जनपद के तीन निर्दोष पत्रकारों को फर्जी मुकदमे में फंसाने के मामले में केस वापसी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई को लेकर बृहस्पतिवार को शहर के बहेरी में कोर कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान अभी तक मुकदमा वापसी और डीएम और एसपी पर कार्रवाई को लेकर कोई निर्णय न होने पर मंथन किया गया और आंदोलन की अगली रणनीति तय की गई।
पेपर लीक मामले में तीन पत्रकारों को फंसाने के खिलाफ पत्रकार संयुक्त पत्रकार मोर्चा आंदोलनरत है। 27 मार्च को शासन को मुकदमा वापसी और दोषी डीएम और एसपी पर कार्रवाई को लेकर दो सप्ताह का समय देते हुए आंदोलन को स्थगित किया गया था। इस बीच मामले में कोई कार्रवाई नहीं होने पर बृहस्पतिवार को अगली रणनीति के लिए कोर कमेटी की बैठक हुई। कमेटी ने जल्द ही अगली बैठक में आंदोलन की रणनीति का खुलासा करने की बात कही है।