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बूंदाबादी से सब्जी व दलहनी फसलों को नुकसान
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बलिया/नरही। जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में बुधवार को हल्की बूंदाबांदी हुई। बेमौसम बारिश से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ी है। लागातार मौसम खराब होने से किसानों को सब्जी एवं दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा दिया है।
बाढ़ से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक मौसम के बदले मिजाज के चलते फिर किसान परेशान हैं। नरही के किसान तुंगनाथ राय, शशिभूषण राय, बूचन राय, प्रवीण कुमार राय, मार्कंडेय राय, विनोद कुमार राय, गौरीशंकर पांडेय, राकेश तिवारी ने बताया कि पिछले 25 दिनों से मौसम खराब होने के कारण इसका प्रतिकूल असर सब्जियों एवं दलहनी फसलों पर पड़ने लगा है। इलाके में बड़े पैमाने पर किसान सब्जी की खेती किए है। किसानों का कहना है कि बुुधवार को हुई बूंदाबांदी से केवल गेहूं की फसल को फायदा हो सकता है। शेष फसलों को नुक़सान पहुंचा दिया है। कड़ाके की ठंड व धूप नहीं निकलने से सब्जियां मुरझाने लगी हैं। आलू के पैदावार भी प्रभावित हुआ है। मसूर, मटर, टमाटर, बैंगन, मिर्च की खेती भी प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना हैं कि बाढ़ से किसानों की कमर पहले ही टूट चुकी है। बड़ी उम्मीद के साथ किसी तरह खेती किए, लेकिन मौसम की ऐसी मार पड़ी है कि किसानों के लिए खेती घाटे का सौदा साबित होता दिख रहा है।
नरहीं। बेमौसम बूंदाबादी होने से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ी है। बूंदाबादी से दलहनी फसलों अरहर, चना, मटर के लिये काफी लाभदायक है। लेकिन मसूर में फूल आ गया हो तो नुकसान हो सकता है। तिलहनी में सरसों एवं अलसी की फसलों को लाभ होगा, लेकिन ऐसा मौसम कई दिनों तक रहा तो माहू कीट का आक्रमण सरसों की फसल पर होने की संभावना रहती है। माहू कीट के प्रबंधन के लिए पीला स्टीकर फेरोमेन का प्रयोग करे या डाईमेथोएट 30 ईसी 400 मिली को 300 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। कहा कि सब्जियों में गोभी, बैगन आदि के लिये लाभकारी है।
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आज भी हो सकती है बूंदाबादी
नरही। मौसम विभाग पटना के वैज्ञानिक आनंद शंकर ने बताया कि गुरुवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और सुबह में बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम के बदले मिजाज के हिसाब से किसाने खेती की तैयारी करें।
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बाढ़ से किसान उबर भी नहीं पाए थे कि अचानक मौसम के बदले मिजाज के चलते फिर किसान परेशान हैं। नरही के किसान तुंगनाथ राय, शशिभूषण राय, बूचन राय, प्रवीण कुमार राय, मार्कंडेय राय, विनोद कुमार राय, गौरीशंकर पांडेय, राकेश तिवारी ने बताया कि पिछले 25 दिनों से मौसम खराब होने के कारण इसका प्रतिकूल असर सब्जियों एवं दलहनी फसलों पर पड़ने लगा है। इलाके में बड़े पैमाने पर किसान सब्जी की खेती किए है। किसानों का कहना है कि बुुधवार को हुई बूंदाबांदी से केवल गेहूं की फसल को फायदा हो सकता है। शेष फसलों को नुक़सान पहुंचा दिया है। कड़ाके की ठंड व धूप नहीं निकलने से सब्जियां मुरझाने लगी हैं। आलू के पैदावार भी प्रभावित हुआ है। मसूर, मटर, टमाटर, बैंगन, मिर्च की खेती भी प्रभावित हुआ है। किसानों का कहना हैं कि बाढ़ से किसानों की कमर पहले ही टूट चुकी है। बड़ी उम्मीद के साथ किसी तरह खेती किए, लेकिन मौसम की ऐसी मार पड़ी है कि किसानों के लिए खेती घाटे का सौदा साबित होता दिख रहा है।
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नरहीं। बेमौसम बूंदाबादी होने से तापमान में गिरावट के साथ ठंड बढ़ी है। बूंदाबादी से दलहनी फसलों अरहर, चना, मटर के लिये काफी लाभदायक है। लेकिन मसूर में फूल आ गया हो तो नुकसान हो सकता है। तिलहनी में सरसों एवं अलसी की फसलों को लाभ होगा, लेकिन ऐसा मौसम कई दिनों तक रहा तो माहू कीट का आक्रमण सरसों की फसल पर होने की संभावना रहती है। माहू कीट के प्रबंधन के लिए पीला स्टीकर फेरोमेन का प्रयोग करे या डाईमेथोएट 30 ईसी 400 मिली को 300 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ की दर से छिड़काव करें। कहा कि सब्जियों में गोभी, बैगन आदि के लिये लाभकारी है।
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आज भी हो सकती है बूंदाबादी
नरही। मौसम विभाग पटना के वैज्ञानिक आनंद शंकर ने बताया कि गुरुवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और सुबह में बूंदाबांदी होने की संभावना है। मौसम के बदले मिजाज के हिसाब से किसाने खेती की तैयारी करें।