{"_id":"5dc452898ebc3e5afd116885","slug":"order-to-file-a-case-against-the-inspector-and-two-constables-ballia-news-vns4931842157","type":"story","status":"publish","title_hn":"दारोगा व दो कांस्टेबिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दारोगा व दो कांस्टेबिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश
विज्ञापन
बलिया। नौ माह पहले आधी रात घर में घुसकर महिला के साथ छेड़खानी, अभद्रता और गालीगलौज करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने रसड़ा कोतवाली में तैनात दरोगा सुरेंद्र नाथ सिंह, कांस्टेबल अजीत सिंह और गांधी यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
गड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। उसकी ओर से कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया गया था कि बीते 15 मार्च की रात करीब 12 बजे रसड़ा थाना के एसआई सुरेंद्र नाथ सिंह, कांस्टेबल अजीत सिंह व गांधी यादव उसके घर का दरवाजा पीटने के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। आवाज सुनकर जैसे ही पति ने दरवाजा खोला पुलिसकर्मी अंदर आ गए और कहा कि तुम्हारा बड़ा लड़का चोर है, उसे कहां छिपा रखा है। तब तक दूसरे कमरे में सोया छोटा बेटा वहां आ गया। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। जाते-जाते कह गए कि 50 हजार बंदोबस्त करके ले आना और लड़के को ले जाना। मामले की जानकारी एसपी को दी गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित को कोर्ट की शरण में आना पड़ा। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
क्षेत्राधिकारी रसड़ा केपी सिंह ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कोर्ट का आदेश आएगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी भी दोषी होगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
गड़वार थाना क्षेत्र के एक गांव की महिला ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। उसकी ओर से कोर्ट को दी गई जानकारी में बताया गया था कि बीते 15 मार्च की रात करीब 12 बजे रसड़ा थाना के एसआई सुरेंद्र नाथ सिंह, कांस्टेबल अजीत सिंह व गांधी यादव उसके घर का दरवाजा पीटने के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देने लगे। आवाज सुनकर जैसे ही पति ने दरवाजा खोला पुलिसकर्मी अंदर आ गए और कहा कि तुम्हारा बड़ा लड़का चोर है, उसे कहां छिपा रखा है। तब तक दूसरे कमरे में सोया छोटा बेटा वहां आ गया। पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। जाते-जाते कह गए कि 50 हजार बंदोबस्त करके ले आना और लड़के को ले जाना। मामले की जानकारी एसपी को दी गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित को कोर्ट की शरण में आना पड़ा। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ संबंधित धारा में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
क्षेत्राधिकारी रसड़ा केपी सिंह ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि कोर्ट का आदेश आएगा तो उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई पुलिसकर्मी भी दोषी होगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विज्ञापन