Operation Kaveri: सुलगते सूडान से हुई घर वापसी तो गांव में उत्सव, बलिया के सगे भाइयों ने बयां किया भयावह मंजर
बलिया के बलुआ गांव के तीन सगे भाई सूडान के खारतूम शहर में नौकरी करते थे। भारत सरकार की पहल से तीनों की घर वापसी हुई। भाइयों ने बताया कि वहां के हालात में रहना जान देने जैसा हो गया था।
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गृह युद्ध की हिंसा में सुलगते सूडान में फंसे भारतीयों को भारत सरकार ऑपरेशन के तहत वहां से निकाल रही है। सूडान में फंसे बलिया के बलुआ गांव के तीन सगे भाइयों की घर वापसी से शुक्रवार को उनके गांव-परिवार में उत्सव जैसा माहौल रहा। परिजन सूडान से घर वापसी को चमत्कार मान रहे है। वहीं, घर वापसी करने वाले तीनों भाई इसके लिए मोदी सरकार का आभार व्यक्त कर रहे हैx।
सगे भाइयों ने सूडान में बिगड़े हालात की जिक्र किया। जिसे सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। बलिया जिले के बलुआ गांव निवासी तीन भाई राहुल, शत्रुघ्न और जालंधर सूडान के खारतूम शहर में एक लोहा गलाने वाली कंपनी में काम करते थे। सभी भाई बारी-बारी से समयातंराल पर अपने घर आते रहते थे।
सूडान में हर जगह लूटपाट और छिनैती
बीते दिनों वहां हालात बिगड़ गए। भारत सरकार की पहल से तीनों की घर वापसी हुई। भाइयों ने बताया कि वहां के हालात में रहना जान देने जैसा हो गया था। राहुल ने बताया कि बीते कुछ दिनों से सूडान में सेना और पैरामिलिट्री के बीच शुरू हुई जंग ने देश के हालात को अस्थिर कर दिया है। हर जगह लूटपाट और छिनैती आम हो गई है।
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कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। वहां के स्थानीय लोग दूसरे देश के लोगों को देखते ही लूटपाट ओर आमादा हो जा रहे हैं। ऐसे में देश लौटने के लिए उनके द्वारा भारत सरकार व प्रधानमंत्री मोदी से गुहार लगाई गई थी। जिसके बाद भारतीय दूतावास ने प्रधानमंत्री के निर्देश पर उनकी सहायता की और उन्हें सेना के जहाज से सऊदी अरब सुरक्षित भेजा।
इसी बीच उनके एक भाई शत्रुघ्न को सेना के सहयोग से पानी के जहाज से भारत के लिए रवाना किया गया। वो शनिवार रात तक भारत आ जायेगा। राहुल और जालंधर को सऊदी अरब से भारतीय विमान द्वारा दिल्ली एयरपोर्ट पर लाया गया। जिसके बाद वे घर लौट आए। घर आकर अपने परिवार व बच्चों के बीच उनकी जिंदगी अब कुशलता में है।
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राहुल ने देश के प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया। कहा कि घर वापसी का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। विदेश में फंसे लोगों को इतनी जल्दी राहत देना किसी अन्य सरकार के बस की बात नहीं थी।