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बलिया में डायरिया से बच्ची की मौत, दो दर्जन से अधिक गंभीर
Fri, 11 Oct 2019 11:04 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 11 Oct 2019 11:04 PM IST
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रसड़ा में डायरिया से पीड़ित मरीज जिला अस्पताल में भर्ती।
- फोटो : Amar ujala
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बलिया जिले के रसड़ा कोतवाली क्षेत्र के नागपुर गांव स्थित मिया का बागीचा राजभर बस्ती में शुक्रवार की सुबह दूषित पानी पीने से एक बार फिर बच्चों सहित दो दर्जन से अधिक लोग डायरिया के शिकार हो गए। आनन फानन में सभी मरीजो को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया गया। जिसमें 10 वर्षीय एक बच्ची ने दम तोड़ दिया।
इलाज के दौरान सात की हालत गम्भीर होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया। जिला एवं स्थानीय चिकित्सकों की टीम नागपुर गांव के लिए रवाना हो चुकी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो दर्जन से अधिक डायरिया के मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
श्याम कुमारी 35 वर्ष, 17 वर्षीय कंचन, अभिषेक 15 वर्ष, चंदा देवी 25 वर्ष, राज 5 वर्ष, आरती 12 वर्ष एवं अंकित 6 वर्ष, भागमनी 60 वर्ष,राजेश राजभर 25 वर्ष, पवन 6 वर्ष, मंसा 35 वर्ष, पिंकी 4 वर्ष, सलोनी 5 वर्ष, राकेश 9 वर्ष की हालत गम्भीर होने पर इलाज किया जा रहा था। जबकी पूजा 10 वर्ष पुत्री जय नरायण ने गांव में ही दम तोड़ दिया।
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इलाज के दौरान आरती, अंकित, भागमनी, प्रिंस, श्यामकुमारी कंचन अभिषेक की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। इसके पूर्व गुरुवार की देर सांय श्यामा कुमारी 35 वर्ष, चन्दा देवी 25 वर्ष, गुड़िया 35 वर्ष, श्रीराम 43 वर्ष, अन्तु 10 वर्ष, लक्ष्मी 12 वर्ष, नीतू 14 वर्ष एवं रूबी 12 वर्ष, किरण 24 वर्ष, राकेश 9 वर्ष, चन्द्र ज्योति 8 वर्ष का इलाज चल रहा था।
अधीक्षक डॉ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि नागपुर में डायरिया की शिकायत मिली है जिस पर जिला अस्पताल को भी सूचित कर दिया गया है यहां की भी डाक्टरों की टीम गांव में भेज दी गई है। इलाज किया जा रहा है।
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इलाज के दौरान सात की हालत गम्भीर होने पर चिकित्सकों ने जिला अस्पताल के लिये रेफर कर दिया। जिला एवं स्थानीय चिकित्सकों की टीम नागपुर गांव के लिए रवाना हो चुकी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दो दर्जन से अधिक डायरिया के मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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श्याम कुमारी 35 वर्ष, 17 वर्षीय कंचन, अभिषेक 15 वर्ष, चंदा देवी 25 वर्ष, राज 5 वर्ष, आरती 12 वर्ष एवं अंकित 6 वर्ष, भागमनी 60 वर्ष,राजेश राजभर 25 वर्ष, पवन 6 वर्ष, मंसा 35 वर्ष, पिंकी 4 वर्ष, सलोनी 5 वर्ष, राकेश 9 वर्ष की हालत गम्भीर होने पर इलाज किया जा रहा था। जबकी पूजा 10 वर्ष पुत्री जय नरायण ने गांव में ही दम तोड़ दिया।
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इलाज के दौरान आरती, अंकित, भागमनी, प्रिंस, श्यामकुमारी कंचन अभिषेक की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने रेफर कर दिया। इसके पूर्व गुरुवार की देर सांय श्यामा कुमारी 35 वर्ष, चन्दा देवी 25 वर्ष, गुड़िया 35 वर्ष, श्रीराम 43 वर्ष, अन्तु 10 वर्ष, लक्ष्मी 12 वर्ष, नीतू 14 वर्ष एवं रूबी 12 वर्ष, किरण 24 वर्ष, राकेश 9 वर्ष, चन्द्र ज्योति 8 वर्ष का इलाज चल रहा था।
अधीक्षक डॉ वीरेंद्र कुमार ने बताया कि नागपुर में डायरिया की शिकायत मिली है जिस पर जिला अस्पताल को भी सूचित कर दिया गया है यहां की भी डाक्टरों की टीम गांव में भेज दी गई है। इलाज किया जा रहा है।
सुविधाओं की खुली पोल, एक बेड पर किया गया दो से तीन मरीजो का इलाज
सांकेतिक चित्र
- फोटो : Social Media
रसड़ा सरायभारती एवं जिला अस्पताल की टीम द्वारा ग्रामीणों को दवा वितरित करने एवं समाझ्ने के बाद भी दूषित पानी पीने से डायरिया का प्रकोप एक बार फिर बढ़ गया। रात्रि में इलाज करने गए डॉक्टरों की टीम के डॉ एजे अंसारी ने बताया की रात को ही गांव में इलाज के बाद ग्रामीणों को क्लोरीन आदि दवाओं वितरण कर पानी को उबाल कर पानी पीने की सलाह दी गयी थी। इस टीम में शैलेश सिंह रामविनय आदि लोग थे।
अस्पलाल में सुविधाओं की खुली पोल एक बेड पर दो से तीन मरीजो का इलाज किया गया। स्टैण्ड के अभाव में परिजन हाथ मे बोतल लिये खड़े थे। नहर के समीप टंकी का पाइप में गंदे पानी का रिसाव होने के कारण दूषित पानी पीने से डायरिया का प्रकोप बढ़ा। एक के बाद एक लोग डायरिया की चपेट में आने बच्चे समेत लोग विमार पड़ रहे है। इस महामारी से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।
अस्पलाल में सुविधाओं की खुली पोल एक बेड पर दो से तीन मरीजो का इलाज किया गया। स्टैण्ड के अभाव में परिजन हाथ मे बोतल लिये खड़े थे। नहर के समीप टंकी का पाइप में गंदे पानी का रिसाव होने के कारण दूषित पानी पीने से डायरिया का प्रकोप बढ़ा। एक के बाद एक लोग डायरिया की चपेट में आने बच्चे समेत लोग विमार पड़ रहे है। इस महामारी से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।