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अब नर्सिंग होम में संचालित मेडिकल दुकानों पर कसेगा शिकंजा
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बलिया। जिले के निजी नर्सिंग होम में चलने वाले मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री के संबंध में होने वाली मनमानी अब नहीं चलेगी। कुछ डॉक्टर निजी दवा कंपनियों से मिलकर ऐसी दवा बनवा रहे हैं जो सिर्फ उन्हीं के द्वारा लिखी और उन्हीं के मेडिकल स्टोर पर मिलती हैं। जिसके विरोध में बलिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के बलिया के जिलाध्यक्ष आनंद सिंह ने बुधवार को मऊ में आयोजित बैठक में औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आजमगढ़ एजाज अहमद के सामने मजबूती से उठाई है। इसे गंभीरता से लेते हुए एजाज अहमद ने आदेश दिया कि निजी नर्सिंग होम में मेडिकल स्टोर पर दवाओं की बिक्री मनमानी तरीके से अब नहीं चलेगी। अब दवा की दुकानों को ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा।
मालूम हो कि नर्सिंग होम चलाने वाले कुछ डाक्टर निजी दवा कंपनियों से मिलकर ऐसी दवा बनवा रहे हैं जो सिर्फ उन्हीं के द्वारा लिखी और उन्हीं के मेडिकल स्टोर पर मिलती हैं। इस पर लगाम लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आजमगढ़ एजाज अहमद ने दवा व्यापारियों के साथ बैठक में यह साफ कर दिया कि अब दवा की दुकानों का आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसमें किसी दुकानदार को यदि कोई असुविधा है तो वह उसे औषधि निरीक्षक से मिलकर दूर कर सकता है। कहा कि नर्सिंग होम के अंदर धड़ल्ले से चलाई जा रहीं दवा की दुकानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। अपनी दवा बनवाकर जो भी चिकित्सक दवा लिख रहे हैं, उनके खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा दवा व्यापार के लिए शासन द्वारा तय नियमों से इतर होकर दवा कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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मालूम हो कि नर्सिंग होम चलाने वाले कुछ डाक्टर निजी दवा कंपनियों से मिलकर ऐसी दवा बनवा रहे हैं जो सिर्फ उन्हीं के द्वारा लिखी और उन्हीं के मेडिकल स्टोर पर मिलती हैं। इस पर लगाम लगाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी आजमगढ़ एजाज अहमद ने दवा व्यापारियों के साथ बैठक में यह साफ कर दिया कि अब दवा की दुकानों का आनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसमें किसी दुकानदार को यदि कोई असुविधा है तो वह उसे औषधि निरीक्षक से मिलकर दूर कर सकता है। कहा कि नर्सिंग होम के अंदर धड़ल्ले से चलाई जा रहीं दवा की दुकानों का भी निरीक्षण किया जाएगा। अपनी दवा बनवाकर जो भी चिकित्सक दवा लिख रहे हैं, उनके खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा दवा व्यापार के लिए शासन द्वारा तय नियमों से इतर होकर दवा कारोबार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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