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फॉस्फेटिक खाद के लिए अब किसानों को दिखानी होगी खतौनी, बताना होगा फसल

Thu, 21 Oct 2021 10:30 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 10:30 PM IST
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Now farmers will have to show Khatauni for phosphatic manure, crop will have to be told
उर्वरक वितरण का कार्य पहले से ही पीओएस मशीन के जरिए करने की व्यवस्था है। अब किसानों को फास्फेटिक उर्वरक खरीदने के लिए खतौनी भी दिखाना होगा। इस बाबत सरकार की ओर से जारी निर्देश पर जिला कृषि विभाग की ओर से तैयारी शुरू की गई है। रबी की बोआई को लेकर फास्फेटिक उर्वरक की मांग के फॉस्फेटिक उर्वरक की कालाबाजारी को रोकने के लिए यह कवायद की गई है। उधर, फॉस्फेटिक उर्वरक की मांग अधिक होने को लेकर कृषि विभाग की ओर से तीन रैक की डिमांड भेजने की तैयारी है।
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हर वर्ष खरीफ और रबी की बोआई के समय में उर्वरक की डिमांड अधिक हो जाती है और इस समय निजी दुकानदारों की ओर से कालाबाजारी भी शुरू कर दी जाती है। इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार की ओर से कुछ वर्ष पहले आधार नंबर पर पीओएस मशीन से उर्वरक बिक्री करने की व्यवस्था लागू की गई। शासन ने माना है कि खासकर रबी की बोआई के समय फॉस्फेटिक उर्वरक डीएपी, एनपीके, एमएसपी की डिमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रत्येक किसान को उसके द्वारा निर्धारित फसल की बोआई को लेकर फॉस्फेटिक उर्वरक पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो सके यह सुनिश्चित होना आवश्यक है। इसके लिए किसानों को उर्वरकों की बिक्री करते समय उनकी जोत बही या खतौनी देखकर उसमें अंकित कृषि भूमि एवं उगाई जाने वाली फसल की निर्धारित संस्तुतियों के अनुसार पीओएस मशीन के माध्यम से उर्वरकों की बिक्री की जाए। विक्रेताओं की ओर से विक्रय रजिस्टर पर किसानों की जोत बही या खतौनी के अलावा बोई जाने वाली फसल का ब्योरा भी अंकित जाएगा। शासन से जारी निर्देश पर कृषि विभाग की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जिला कृषि अधिकारी की मानें तो जिला मुख्यालय पर किसानों की सुविधा के लिए कॉल सेंटर खोला जाएगा। उधर, रबी की बोआई के समय फॉस्फेटिक उर्वरक की डिमांड बढ़ने को लेकर तैयारी भी तेज कर दी है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में दो रैक यानी करीब 7500 मी. टन फॉस्फेटिक उर्वरक की डिमांड भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
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